गया। अध्यक्ष बिहार विधानसभा डॉ. प्रेम कुमार ने आज गयाजी जिला अतिथि गृह सभागार में जिला शिक्षा पदाधिकारी कृष्ण मुरारी गुप्ता एवं शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों के साथ जिले में शिक्षा व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में विद्यालयों की संख्या, छात्र-छात्राओं का नामांकन, शिक्षकों की उपलब्धता, पीएम श्री विद्यालय, आदर्श विद्यालय तथा आधुनिक शैक्षणिक सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली गई है।
डॉ. प्रेम कुमार ने बताया कि गया जिले में कुल 24 प्रखंड हैं, जिनमें नगर निगम उत्तरी एवं दक्षिणी क्षेत्र भी शामिल हैं। जिले की साक्षरता दर 63.67 प्रतिशत है। गया में 332 पंचायत एवं 2,889 राजस्व ग्राम हैं। जिले में कुल 3,449 सरकारी विद्यालय संचालित हैं, जिनमें लगभग 6.61 लाख छात्र-छात्राएं नामांकित हैं। इन विद्यालयों में कुल 24,386 शिक्षक कार्यरत हैं तथा छात्र-शिक्षक अनुपात 27:1 है।
उन्होंने कहा कि विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार द्वारा लगातार शिक्षकों की नियुक्ति की जा रही है। बीपी एस सी टी आर इ 1/2/3 के माध्यम से लगभग 10,211 शिक्षकों का चयन हुआ है। इनमें एक्सक्लूसिव शिक्षक 7,804, सरकारी शिक्षक 1,641, नियमित शिक्षक 1,499 तथा PRI शिक्षक 3,231 हैं।
अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक, तकनीक आधारित और गुणवत्तापूर्ण बनाने की दिशा में लगातार कार्य हो रहा है। गया जिले में 33 पीएम श्री विद्यालय चयनित हैं, जिनमें 31 उच्च विद्यालय एवं 2 मध्य विद्यालय शामिल हैं। पीएम श्री विद्यालयों का उद्देश्य विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्ता वाली समावेशी शिक्षा, आधुनिक आधारभूत संरचना तथा उनके समग्र विकास के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना है।
उन्होंने बताया कि गया जिले में 29 सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श विद्यालय) भी संचालित हैं। इन विद्यालयों के माध्यम से सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को निजी विद्यालयों जैसी आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण एवं बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि आदर्श विद्यालयों में आईआईटी-जेईई एवं नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए विशेष लाइव कक्षाएं, विद्या साथी कार्यक्रम के माध्यम से 24×7 लाइव क्लास एवं डाउट सॉल्विंग, स्मार्ट क्लासरूम, स्मार्ट टीवी, हाई-स्पीड इंटरनेट एवं आधुनिक डिजिटल उपकरणों की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। विज्ञान विषय के विद्यार्थियों के लिए भौतिकी, रसायन एवं जीव विज्ञान की आधुनिक प्रयोगशालाएं तथा डिजिटल पुस्तकालय भी विकसित किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं होनी चाहिए। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए खेल एवं शारीरिक गतिविधियों, संगीत कक्षाओं तथा रचनात्मक गतिविधियों को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। विषयवार शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा आवश्यकता पड़ने पर स्मार्ट क्लास के माध्यम से वैकल्पिक शिक्षकों की व्यवस्था करने पर भी जोर दिया गया है।
डॉ. प्रेम कुमार ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को निर्देश दिया कि जिले के सभी सरकारी विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता, आधारभूत संरचना, स्वच्छता, शिक्षकों की उपस्थिति एवं विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति की लगातार निगरानी की जाए। उन्होंने कहा कि गया जिले के प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता है। शिक्षा के क्षेत्र में आधुनिक तकनीक, बेहतर आधारभूत संरचना और प्रशिक्षित शिक्षकों के समन्वय से गया को शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी जिला बनाया जाएगा।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि पीएम श्री एवं आदर्श विद्यालयों की सुविधाओं का लाभ अधिक से अधिक विद्यार्थियों तक पहुंचे और विद्यालयों में उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को बेहतर मार्गदर्शन एवं आवश्यक शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जाए।
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