गया जी। विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेले की तैयारियां पूरी हो गई हैं। इस मेले में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए QR कोड बैंड के साथ साथ 2500 बेड की टेंट सिटी, एवं मुफ्त बस-ई-रिक्शा, पितृपक्ष मेला क्षेत्र में 73 स्वास्थ्य शिविर और 24 घंटे कंट्रोल रूम समेत कई विशेष इंतजाम किए गए हैं।
गया जी मे शुरू होने वाले पितृपक्ष मेला 25 सितंबर से 10 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय महा मेले में लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा, स्वच्छता एवं सुगम आवागमन को लेकर प्रशासन ने कई आधुनिक एवं अनूठी पहल की हैं। इस बात की जानकारी जिलाधिकारी शंशाक शुभंकर ने मिडिया को बताया कि इस बार प्रशासन का मुख्य फोकस मेले को पूरी तरह व्यवस्थित, स्वच्छ एवं श्रद्धालुओं के अनुकूल बनाने पर है। इस आस्था के सेलाब में भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ तकनीक का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।
बच्चे को क्यूआर कोर्ड
अंतरराष्ट्रीय पितृपक्ष मेले में अक्सर भीड़ के कारण बच्चों के परिजनों से बिछड़ने की आशंका रहती है। इसे देखते हुए इस बार जिला प्रशासन ने विशेष QR कोड बैंड की व्यवस्था की है। बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन एवं एयरपोर्ट पर पहुंचने वाले बच्चों को यह बैंड पहनाया जाएगा। QR कोड में बच्चे के माता-पिता का विवरण एवं संपर्क नंबर दर्ज रहेगा। यदि बच्चा भीड़ में बिछड़ जाता है तो पुलिसकर्मी, वॉलिंटियर एवं कोई अन्य व्यक्ति अपने मोबाइल से QR कोड स्कैन कर तुरंत उसके परिजनों से संपर्क कर सकेगा।
गया जी संस्कृति को दिवाल पेंटिंग जरिय लोगों का आकर्षण का केन्द्र
गया जी शहर को नया रूप देने के लिए स्थानीय बच्चों की प्रतिभा को भी मंच दिया गया है। बच्चों के बीच प्रतियोगिता आयोजित कर पितृपक्ष मेले का आधिकारिक लोगो चुना गया है। इसके अलावा चयनित किए गए नौ अन्य लोगो का इस्तेमाल मेले के प्रचार-प्रसार में किया जाएगा।इस बार प्रशासन की ‘पेन्ट द सिटी’ पहल के तहत बच्चों के 27 समूहों का चयन किया गया है। ये बच्चे शहर की दीवारों, घाटों और चौक-चौराहों पर पितृपक्ष और गया जी के धार्मिक एवं पौराणिक महत्व से जुड़ी कहानियों की पेंटिंग बना रहे हैं।
सतर हजार श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था
इस मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए जिला प्रशासन करीब 70 हजार लोगों की ठहरने क्षमता तैयार कर रहा है। गांधी मैदान में 2,500 बेड की विशाल टेंट सिटी बनाई जा रही है, जहां श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था होगी। श्रद्धालुओं को सस्ता एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के लिए भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। वही खाने खिलाने कि व्यवस्था’जीविका दीदी’ की रसोई के माध्यम से मात्र 25 रुपये में श्रद्धालुओं को भरपेट भोजन उपलब्ध कराया जाएगा।
नगर निगम द्वारा सफाई से लेकर पेयजल तक व्यापक इंतजाम
इस मेले की सफाई व्यवस्था के लिए पूरे नगर क्षेत्र को 5 जोन एवं 54 सेक्टर में बांटा गया है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 364 स्थायी शौचालय, 579 प्री-फैब्रिकेटेड अस्थायी शौचालय, 134 स्नानागार और 74 चेंजिंग रूम तैयार किए जा रहे हैं। सड़कों की स्थिति बेहतर करने के लिए नगर निगम की ओर से 53 पथों एवं पथ निर्माण विभाग की ओर से 35 मुख्य सड़कों की मरम्मत कराई जा रही है। पेयजल व्यवस्था के तहत मेला क्षेत्र में 280 चापाकल, 54 प्याऊ, 890 नल, 22 वाटर टैंकर और 2 वाटर एटीएम उपलब्ध रहेंगे।
डाक विभाग की भी खास तैयारी
पितृपक्ष मेला में आए श्रद्धालुओं के लिए डाक विभाग विशेष पितृपक्ष कवर लिफाफा जारी करेगा। इसके अलावा मेला क्षेत्र में डाक कर्मी माइक्रो-एटीएम लेकर मौजूद रहेंगे, जिससे श्रद्धालुओं को जरूरत पड़ने पर आसानी से नकद निकासी की सुविधा मिल सके।
विभिन्न घाटों पर एस डी आर एफ की तैनाती, 24 घंटे कंट्रोल रूम
मेला में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए एस डी आर एफ की टीम सभी प्रमुख तालाबों और घाटों पर मुस्तैद रहेगी। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए 24 घंटे हेल्पलाइन एवं कंट्रोल रूम भी संचालित किया जाएगा।जिला प्रशासन का दावा है कि इस बार तकनीक, स्वच्छता, स्वास्थ्य, परिवहन और सुरक्षा से जुड़े व्यापक इंतजामों के जरिए गयाजी पितृपक्ष मेले को श्रद्धालुओं के लिए अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक और व्यवस्थित बनाया जाएगा।
स्वास्थ्य को लेकर भी व्यापक तैयारी की गई है। मेला क्षेत्र में 73 स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे। इनमें 125 डॉक्टर, 178 पैरामेडिकल स्टाफ और 52 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी तैनात रहेंगे। आवागमन को सुगम बनाने के लिए श्रद्धालुओं के लिए 50 रिंग बसें और 150 ई-रिक्शा निशुल्क संचालित किए जाएंगे। बुजुर्ग और दिव्यांग श्रद्धालुओं को स्काउट-गाइड, एन एस एस और एन सी सी के वॉलिंटियर व्हीलचेयर की मदद से पिंडवेदी तक पहुंचाएंगे।
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