पितृपक्ष मेले से पहले जर्जर मकानों पर नगर निगम सख्त, नगर आयुक्त ने की टीम गठित

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  • वार्ड 41 के आर्य समाज स्कूल भवन पर भी खतरा, बैरिकेडिंग कर आवागमन रोकने का निर्देश
  • मेला क्षेत्र में सफाई से लेकर सड़क और प्रकाश व्यवस्था तक पर जोर
गयाजी। पितृपक्ष मेला शुरू होने से पहले गयाजी में श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर नगर निगम ने जर्जर और खतरनाक भवनों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी तेज कर दी है। नगर आयुक्त डॉ. गगन ने मेला क्षेत्र में ऐसे भवनों को चिन्हित करने के लिए विशेष टीम गठित की गई है। टीम तीन दिनों के अंदर जर्जर मकानों का सर्वे कर रिपोर्ट नगर निगम को सौंपेगी। इसके बाद संबंधित भवन मालिकों को नोटिस जारी कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
इस वर्ष पितृपक्ष मेला 25 सितंबर से 10 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होना है। मेले में देश-विदेश से लाखों की संख्या में श्रद्धालु गयाजी पहुंचकर अपने पूर्वजों का श्राद्ध एवं तर्पण करेंगे। ऐसे में विष्णुपद मंदिर के आसपास सहित मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। नगर निगम को आशंका है कि पुराने और जर्जर भवनों से किसी भी समय दुर्घटना हो सकती है। इसी को देखते हुए जर्जर भवनों की पहचान कर पहले से सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने का फैसला लिया गया है।
नगर निगम के आदेश में बताया गया है कि मेला क्षेत्र के भ्रमण के दौरान विष्णुपद मंदिर के आसपास एवं अन्य स्थानों पर कई पुराने एवं जर्जर मकान देखे गए हैं। इनमें कुछ मकान ऐसे हैं, जिनके गिरने की संभावना बनी हुई है। ऐसे भवनों को मेला शुरू होने से पहले चिन्हित कर आवश्यक कार्रवाई करना जरूरी है, ताकि श्रद्धालुओं और आम लोगों की सुरक्षा प्रभावित न हो।
आर्य समाज स्कूल भवन की जर्जर स्थिति पर रिपोर्ट
इसी बीच वार्ड संख्या-41 स्थित आर्य समाज स्कूल के जर्जर भवन को लेकर नगर निगम के नगर प्रबंधक विश्वामन ने नगर आयुक्त को रिपोर्ट सौंपी है। रिपोर्ट में भवन की वर्तमान स्थिति को गंभीर बताते हुए कहा गया है कि भवन के किसी भी समय गिरने की आशंका बनी हुई है। भवन के आसपास आम नागरिकों, विद्यार्थियों एवं अन्य लोगों का आवागमन होने के कारण संभावित दुर्घटना की आशंका जताई गई है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि जर्जर भवन से संभावित खतरे को देखते हुए भवन के चारों ओर बैरिकेडिंग कर आम लोगों के प्रवेश एवं आवागमन को नियंत्रित करना आवश्यक है। साथ ही भवन की तकनीकी जांच कराने के बाद आवश्यकतानुसार आगे की कार्रवाई करने का सुझाव दिया गया है।
तीन दिन में चिन्हित होंगे जर्जर मकान
नगर निगम की गठित टीम में उप नगर आयुक्त, नगर विकास प्रमंडल संख्या-01 के कार्यपालक अभियंता, सहायक टाउन प्लानर अंकिता कुमारी, संबंधित वार्ड के सहायक एवं कनीय अभियंता, वार्ड के जमादार तथा संबंधित वार्ड के स्पैरो संग्राहक को शामिल किया गया है। टीम क्षेत्र का निरीक्षण कर जर्जर एवं संभावित रूप से खतरनाक मकानों को चिन्हित करेगी और उसकी रिपोर्ट नगर निगम को देगी।
रिपोर्ट मिलने के बाद उप नगर आयुक्त अंचल पदाधिकारी, सदर के साथ समन्वय स्थापित कर संबंधित भवन मालिकों को नोटिस जारी करेंगे। इसके बाद भवन की स्थिति के अनुसार आवश्यक एवं समुचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
नगर निगम की इस पहल से साफ है कि पितृपक्ष मेले के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए प्रशासन किसी भी तरह के जोखिम को पहले ही खत्म करना चाहता है। खासकर विष्णुपद मंदिर और प्रमुख पिंडवेदियों के आसपास जर्जर भवनों को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है, ताकि पितृपक्ष के दौरान श्रद्धालुओं की आवाजाही सुरक्षित रहे और किसी तरह की अप्रिय घटना की स्थिति उत्पन्न न हो।
मेला क्षेत्र में सफाई से लेकर सड़क और प्रकाश व्यवस्था तक पर जोर
पितृपक्ष मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए नगर निगम की ओर से मेला क्षेत्र की साफ-सफाई, तालाबों की सफाई, रंग-रोगन, नालियों पर ढक्कन लगाने, सड़कों की मरम्मत एवं निर्माण, नई नालियों का निर्माण, गली-सड़क निर्माण तथा प्रकाश व्यवस्था को भी दुरुस्त करने की तैयारी जोर पर है। इसके साथ ही मेला क्षेत्र में जलापूर्ति व्यवस्था को बेहतर करने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।
नगर निगम का फोकस मेला क्षेत्र में साफ-सफाई के साथ-साथ श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन पर है। जिन स्थानों पर सड़क या नाली की स्थिति खराब है, वहां आवश्यकतानुसार निर्माण एवं मरम्मत कार्य कराए जाएंगे। नालियों को ढकने का काम भी कराया जाएगा, ताकि भीड़ के दौरान किसी तरह की दुर्घटना की स्थिति न बने।
वहीं, मेला क्षेत्र में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था करने के लिए प्रकाश व्यवस्था को दुरुस्त किया जाएगा। तालाबों और अन्य जलस्रोतों की सफाई, प्रमुख मार्गों एवं धार्मिक स्थलों के आसपास रंग-रोगन तथा स्वच्छता व्यवस्था को भी बेहतर किया जाएगा।
नगर निगम की तैयारियों का उद्देश्य पितृपक्ष के दौरान गयाजी आने वाले श्रद्धालुओं को स्वच्छ, सुरक्षित और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। जर्जर भवनों को चिन्हित करने से लेकर सड़क, नाली, प्रकाश, पानी और सफाई व्यवस्था तक पर एक साथ काम कर मेला क्षेत्र को श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने की तैयारी है।
इन जगहों कार्य प्रगति पर है
वार्ड संख्या- 43 के विभिन्न स्थानों पर पीपीसीसी पथ व आरसीसी  नाली का जीर्णोद्धार।
वार्ड संख्या 40 — विभिन्न स्थानों पर PCC पथ निर्माण मनोकामना मंदिर से उपरडीह से विनय रावत के घर से राजेन्द्र पाठक के घर तक
वार्ड संख्या 40 — मशान घाट से देवघाट होते हुए मरम्मति का कार्य।
वार्ड संख्या 40 — विभिन्न स्थानों पर RCC नाली निर्माण
वार्ड संख्या 40 — मेला क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर सीढ़ी मरम्मत कार्य
वार्ड संख्या 40 — विभिन्न स्थानों पर Red Sand Stone पेंटिंग का कार्य चल रहा है।
मेला क्षेत्र में 21 प्याऊ का रिपेयर का कार्य प्रगति पर है।
शौचालय का रिपेयर कार्य जारी है।
17 वैट का निर्माण कार्य जारी है।
विष्णुपद मंदिर के आस पास व देवघाट स्थित विभिन्न सीढ़ियों मरमती कार्य जारी है।
प्रतिदिन मुख्य पथों, गलियों की सफाई कराई जा रही है।
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