19मोतिहारी : डीएम ने जिला राजस्व कार्यालय का किया औचक निरीक्षण, लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन का निर्देश
मोतिहारी जिलाधिकारी सौरव सुमन यादव ने गुरुवार को जिला राजस्व कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कार्यालय की कार्यप्रणाली, कर्मियों की उपस्थिति, पत्रों के निष्पादन और विभिन्न राजस्व मामलों की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान अपर समाहर्ता मुकेश कुमार सिंहा, राजस्व प्रभारी निधि सहित कार्यालय के सभी कर्मी मौजूद रहे।
जिलाधिकारी ने कार्यालय में कार्यरत सभी 10 कर्मियों की उपस्थिति एवं बायोमैट्रिक अटेंडेंस की जानकारी ली। सभी कर्मी उपस्थित पाए गए। उन्होंने कर्मियों से एक-एक कर परिचय प्राप्त करने के साथ उनके कार्यों एवं दायित्वों की जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार, पटना, आयुक्त कार्यालय मुजफ्फरपुर तथा जिलाधिकारी कार्यालय से प्राप्त पत्रों के संधारण की जांच की गई। पत्रों पर की गई कार्रवाई एवं लंबित मामलों की भी जानकारी ली गई। डीएम ने आगत पंजी और कार्य आवंटन से संबंधित लॉगबुक को व्यवस्थित ढंग से संधारित करने तथा उसकी नियमित समीक्षा करने का निर्देश दिया, ताकि किसी पत्र पर कार्रवाई लंबित न रहे।
डीएम ने जनता दरबार, जनसुनवाई एवं सहयोग पोर्टल से प्राप्त शिकायतों के निष्पादन की स्थिति की भी समीक्षा की। अभियान बसेरा, धार्मिक न्यास एवं भू-अर्जन से संबंधित मामलों की जानकारी लेते हुए आवश्यक निर्देश दिए। इसके अलावा बेतिया राज की जमीन, भूदान एवं खासमहल की जमीन से जुड़े मामलों की भी समीक्षा की गई।
246 हाईकोर्ट और 44 एमजेसी मामले लंबित
न्यायालय से संबंधित मामलों की समीक्षा में बताया गया कि उच्च न्यायालय से जुड़े कुल 246 मामले लंबित हैं, जबकि एमजेसी के 44 मामले लंबित पाए गए। जिलाधिकारी ने सभी मामलों में शीघ्र प्रति शपथपत्र दाखिल करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि न्यायालय से संबंधित मामलों के निष्पादन में किसी प्रकार की लापरवाही या विलंब नहीं होना चाहिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि सरकार के निर्धारित लक्ष्य ‘सबका सम्मान-जीवन आसान’ को ध्यान में रखते हुए आम लोगों से प्राप्त शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए। सभी कर्मी अपने दायित्वों का जिम्मेदारीपूर्वक निर्वहन करें और रिकॉर्ड का व्यवस्थित रखरखाव करें। रिकॉर्ड के संरक्षण के लिए आवश्यक सामग्री की खरीद भी जरूरत के अनुसार करने का निर्देश दिया।
उन्होंने राजस्व शाखा के प्रभारी पदाधिकारी एवं अपर समाहर्ता को सप्ताह में कम से कम एक बार प्राप्त पत्रों के निष्पादन की गति और प्रक्रिया की समीक्षा करने तथा प्रत्येक सप्ताह इसकी रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया।
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