मोतिहारी। जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव ने गुरुवार को अपने कार्यालय कक्ष में जनसुनवाई कर लोगों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान कुल 14 आवेदन प्राप्त हुए। जिलाधिकारी ने सभी आवेदकों से बारी-बारी से मिलकर उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार त्वरित कार्रवाई का निर्देश दिया।
जनसुनवाई में रेखा देवी नामक गरीब विधवा महिला ने जिलाधिकारी को बताया कि उसके पास न तो अपना घर है और न ही जमीन। वह जमीन उपलब्ध कराने के लिए आवेदन लेकर पहुंची थी। बातचीत के दौरान जिलाधिकारी ने महिला से सामाजिक सुरक्षा पेंशन मिलने की जानकारी ली। पेंशन नहीं मिलने की बात सामने आने पर उन्होंने अपने विशेष कार्य पदाधिकारी (ओएसडी) को फोन कर महिला को सामाजिक सुरक्षा कोषांग के सहायक निदेशक के पास भेजा और पेंशन योजना में उसका नाम जोड़ने का निर्देश दिया।
इसके साथ ही जिलाधिकारी ने सदर मोतिहारी के अंचलाधिकारी से मोबाइल पर बात कर रेखा देवी के आवेदन को अग्रसारित किया। उन्होंने अभियान बसेरा के तहत महिला को नियमानुसार जमीन उपलब्ध कराने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
कल्याणपुर अंचल की विमला देवी ने दाखिल-खारिज से संबंधित शिकायत की। उन्होंने आरोप लगाया कि अंचलाधिकारी द्वारा उन्हें परेशान किया जा रहा है। इस पर जिलाधिकारी ने जनसुनवाई के दौरान ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कल्याणपुर सीओ से बात की और आवेदन व्हाट्सऐप के माध्यम से भेजते हुए मामले में नियमानुसार उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
पकड़ीदयाल थाना क्षेत्र के अजगरवा गांव निवासी संतोष सिंह ने जमाबंदी सुधार से संबंधित आवेदन दिया। उन्होंने बताया कि ग्राम कचहरी के माध्यम से आपसी सहमति से बंटवारा हो चुका है तथा खाता और खेसरा संख्या भी अलग-अलग हो चुके हैं, लेकिन जमाबंदी अभी एक ही है। जिलाधिकारी ने पकड़ीदयाल सीओ से बात कर आवेदन पर नियमानुसार शीघ्र कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
वहीं, पताही अंचल के परसौनी कपूर निवासी रामाधार साहनी ने शिकायत की कि डाक से प्राप्त सरकारी पोखर में मछली मारने से एक व्यक्ति उन्हें रोक रहा है और मारपीट की धमकी दी जा रही है। उन्होंने बताया कि मामले को लेकर अंचलाधिकारी से भी शिकायत की जा चुकी है। जिलाधिकारी ने आवेदन को उप विकास आयुक्त, पूर्वी चंपारण को भेजते हुए मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
जनसुनवाई के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि आम लोगों की समस्याओं का नियमानुसार समाधान सुनिश्चित किया जाए और प्राप्त आवेदनों पर आवश्यक कार्रवाई में अनावश्यक विलंब न हो।
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