- शहरी क्षेत्र में होगा प्री-टास सर्वेक्षण, 900 लोगों के रक्त नमूनों की होगी जांच
शिवहर। बिहार सरकार द्वारा फाइलेरिया बीमारी के उन्मूलन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए जिले में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में वर्ष 2025-26 में शिवहर जिले में आयोजित रात्रि रक्त पट्ट संग्रह (नाइट ब्लड सर्वे) गतिविधि के उपरांत जिले के शहरी क्षेत्र को प्री-टास (प्री ट्रांसमिशन असेसमेंट सर्वे) के लिए चयनित किया गया है।
इसी क्रम में शनिवार को सिविल सर्जन कार्यालय प्रकोष्ठ, शिवहर में प्री-टास तैयारी सह प्लानिंग बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता सिविल सर्जन आर.के. सिंह ने की। वर्ष 2025-26 में जिले में आयोजित रात्रि रक्त पट्ट संग्रह (नाइट ब्लड सर्वे) के बाद जिले के शहरी क्षेत्र को प्री-टास के लिए चयनित किया गया है।
रात 10 बजे से 12 बजे तक लिए जाएंगे रक्त नमूने:
बैठक में प्री-टास सर्वेक्षण की तैयारियों, आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता तथा स्वास्थ्य विभाग एवं संबंधित कर्मियों के बीच समन्वय को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। सर्वेक्षण के दौरान रात्रि 10 बजे से 12 बजे के बीच कुल 900 लोगों के रक्त नमूने एकत्र कर फाइलेरिया संक्रमण की जांच की जाएगी। इसके लिए संबंधित टीमों को आवश्यक तैयारियां पूरी करने तथा लोगों को सर्वेक्षण के प्रति जागरूक करने का निर्देश दिया गया।
समन्वय और जनभागीदारी पर जोर:
बैठक में जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. सुरेश राम, प्रतिरक्षण पदाधिकारी अरुण कुमार, डीपीएम मुक्ता भारती, एफएलए कामेश्वर प्रसाद, जिला सामुदायिक उत्प्रेरक रवि कुमार, डीएमएनई शोएब खान सहित प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, बीएचएम, वीबीडीएस, बीसीएम, स्वास्थ्यकर्मी एवं संबंधित सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल हुए। अधिकारियों ने प्री-टास गतिविधियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप प्रभावी ढंग से संचालित करने तथा सभी टीमों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग ने आमजन से फाइलेरिया उन्मूलन अभियान में सहयोग करने और जांच एवं जागरूकता गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी की अपील की।
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