- उच्च प्राथमिकता वाले गांवों में संचालित हो रहा घर-घर केस सर्च अभियान
- 6 संदिग्ध मरीजों की आरके-39 से जांच, सभी के परिणाम नेगेटिव
- समय पर जांच और उपचार के लिए लोगों को किया गया जागरूक
शिवहर। जिले में कालाजार के उन्मूलन एवं संभावित मरीजों की समय पर पहचान के उद्देश्य से चिन्हित एवं उच्च प्राथमिकता वाले गांवों में घर-घर केस सर्च अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में पिरामल के संचारी रोग पदाधिकारी नवीन कुमार मिश्रा ने फील्ड टीम के साथ सपोर्ट सुपरविजन करते हुए घर-घर जाकर संभावित मरीजों की खोज की।
अभियान के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों एवं आशा कार्यकर्ताओं की टीम ने कालाजार (भीएल) के साथ-साथ चमड़ी वाले कालाजार (पीकेडीएल) के संभावित मामलों की भी जांच-पड़ताल की। इस दौरान कुल 12 संदिग्ध मरीजों की पहचान हुई, जिनमें से 6 संदिग्ध मरीजों की आरके-39 किट से जांच की गई। जांच में सभी 6 मरीजों का परिणाम नेगेटिव पाया गया।
घर-घर भ्रमण के दौरान लोगों को पीकेडीएल के संभावित लक्षणों, त्वचा पर असामान्य दाग-धब्बों एवं अन्य संदिग्ध लक्षणों के प्रति जागरूक किया गया। लोगों से अपील की गई कि ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तत्काल स्वास्थ्य कर्मियों को सूचना दें और आवश्यक जांच कराएं।
सपोर्ट सुपरविजन के दौरान नवीन कुमार मिश्रा ने फील्ड टीम को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए प्रत्येक घर में भीएल एवं पीकेडीएल के संभावित मामलों की गंभीरता से खोज करने तथा संदिग्ध पाए जाने वाले व्यक्तियों को जांच एवं उपचार के लिए स्वास्थ्य संस्थान से जोड़ने को कहा।
उन्होंने कहा कि कालाजार एवं पीकेडीएल की समय पर पहचान, जांच और उपचार से बीमारी के प्रसार को रोकने में महत्वपूर्ण मदद मिलती है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम, आशा कार्यकर्ताओं और समुदाय की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।
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