गया। अध्यक्ष, बिहार विधानसभा डॉ. प्रेम कुमार ने आज गयाजी जिला अतिथि गृह सभागार में विष्णुपद टेंपल कॉरिडोर के कंसलटेंट, जिला पदाधिकारी, नगर आयुक्त सहित संबंधित विभागों के पदाधिकारियों के साथ परियोजना की विस्तृत समीक्षा बैठक की गई है। इस बैठक में कॉरिडोर के प्रस्तावित मास्टर प्लान, विभिन्न निर्माण कार्यों, यातायात व्यवस्था, तीर्थयात्रियों की सुविधाओं, फल्गु नदी के घाटों के विकास तथा आधारभूत संरचनाओं को लेकर विस्तार से चर्चा की गई है।
इस बैठक में कंसलटेंट द्वारा प्रस्तुत परियोजना के अनुसार विष्णुपद टेंपल कॉरिडोर का कुल प्रस्तावित निर्मित क्षेत्र 88,340.28 वर्गमीटर तथा परियोजना की अनुमानित कुल लागत लगभग ₹1,531.29 करोड़ है। डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि विष्णुपद मंदिर केवल गया की पहचान नहीं, बल्कि देश-दुनिया के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। इसलिए कॉरिडोर का विकास गयाजी की धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक गरिमा के अनुरूप होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि परियोजना में श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक एवं सुविधाजनक पिलग्रिम फैसिलिटेशन सेंटर में 400 बेड, लगभग 540 बेड की डॉर्मिटरी, पिंडदान की सुविधाएं, शू एवं लगेज सुविधा, शौचालय, प्रतीक्षालय तथा अन्य जनसुविधाओं का प्रावधान किया गया है। इससे देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा उपलब्ध होगी।
डॉ. प्रेम कुमार ने बताया कि परियोजना में 630 कार, 14 बस एवं 20 मिनी बस के लिए मल्टी लेवल कार पार्किंग (MLCP), फैसिलिटी मैनेजमेंट ऑफिस, इलेक्ट्रिक सब-स्टेशन तथा पार्किंग से जुड़ी सुविधाओं का प्रावधान है। इसके साथ ही हाईवे से एम एल सी पी तक एलिवेटेड रोड, डायरेक्ट व्हीकुलर एक्सेस लिंक, ड्रॉप-ऑफ प्लाजा तथा ई-कार्ट रूट विकसित किए जाने की योजना है। उन्होंने कहा कि इससे मंदिर क्षेत्र में यातायात का दबाव कम होगा और श्रद्धालुओं को सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी।
विष्णुपद मंदिर परिसर का होगा समग्र विकास
उन्होंने कहा कि कॉरिडोर परियोजना में मुख्य विष्णुपद मंदिर परिसर का उन्नयन, मंदिर के आसपास स्थित चिन्हित मंदिरों का स्थानांतरण एवं समेकित पुनर्वास, सूर्यकुंड का पुनर्विकास एवं ऐतिहासिक जल संरचना का संरक्षण तथा मंदिर के प्रवेश क्षेत्र का विकास शामिल है। इसके अलावा लगभग 2,000 वर्गमीटर क्षेत्र में बैंक्वेट हॉल के निर्माण का भी प्रस्ताव है।
डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि मंदिर परिसर के विकास में गयाजी की प्राचीनता, धार्मिक परंपरा और वास्तु विरासत का विशेष ध्यान रखा जाए। विकास कार्य आधुनिक सुविधाओं से युक्त हों, लेकिन उनकी मूल आत्मा और धार्मिक स्वरूप अक्षुण्ण रहना चाहिए।
फल्गु नदी के घाटों का होगा कायाकल्प
इस बैठक में फल्गु नदी के दोनों तटों के विकास पर भी विशेष चर्चा हुई है। परियोजना के अनुसार पश्चिमी घाट लगभग 451 मीटर तथा पूर्वी घाट लगभग 410 मीटर क्षेत्र में विकसित किए जाने का प्रस्ताव है। घाटों पर छायादार प्रोमेनेड, ई-कार्ट रूट, पैदल पथ, पेयजल, सार्वजनिक शौचालय, चेंजिंग रूम, शेड एवं अन्य सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
उन्होंने कहा कि 108 फीट ऊंची भगवान विष्णु की प्रतिमा को प्रमुख रिवरफ्रंट लैंडमार्क के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव है। इसके साथ ही घाट क्षेत्र में छतरी, पैदल संपर्क तथा अन्य सौंदर्यीकरण कार्य किए जाएंगे।
पूर्वी तट पर टूरिस्ट फैसिलिटेशन सेंटर, घाटों का पुनर्विकास तथा फल्गु घाट से सीता कुंड तक पैदल कनेक्टिविटी विकसित करने का प्रस्ताव है। डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि इससे गयाजी आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को धार्मिक स्थलों के बीच बेहतर संपर्क मिलेगा।
नाला, सीवरेज और एस टी पी की व्यवस्था पर जोर
डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि गयाजी के विकास के साथ-साथ स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। परियोजना में ओपन ड्रेन रिवाइटलाइजेशन एवं एस टी पी, नाला तथा सीवरेज इंफ्रास्ट्रक्चर को भी शामिल किया गया है।
उन्होंने निर्देश दिया कि शहर के नालों का पानी सीधे फल्गु नदी में जाने से रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट तथा नाला पुनर्जीवन कार्य को समग्र योजना के साथ जोड़ा जाए, ताकि फल्गु नदी की स्वच्छता एवं पवित्रता बनी रहे हैं।
श्मशान एवं अन्य जनसुविधाओं का भी विकास
परियोजना में क्रिमेशन फैसिलिटी एवं इलेक्ट्रिक क्रिमेशन शेड, प्रतीक्षालय, स्टोरेज शेड, सार्वजनिक सुविधाएं एवं अन्य आवश्यक संरचनाओं का प्रावधान है। डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि तीर्थयात्रियों के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए सभी सुविधाओं का निर्माण किया जाए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि परियोजना के सभी घटकों के लिए समयबद्ध कार्ययोजना तैयार की जाए तथा जिन कार्यों में राज्य या केंद्र सरकार के स्तर पर समन्वय की आवश्यकता है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाए।
इस बैठक में जिला पदाधिकारी, नगर आयुक्त डा गगन कुमार,, विष्णुपद कॉरिडोर के कंसलटेंट एवं संबंधित विभागों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
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