Live News 24×7 के लिए कैलाश गुप्ता।
मोतिहारी। जन समस्याओं का समाधान तय सीमा में सुनिश्चित किया जा सके इसको लेकर सहयोग शिविर के आयोजन के आज पहले चरण में निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप जिला के सभी 27 प्रखंडों के दो-दो पंचायत में अर्थात पूर्वी चम्पारण जिला के कुल 54 पंचायत में सहयोग शिविर का आयोजन किया गया। उक्त मौके पर ग्रामीण विकास विभाग एवं सूचना जनसंपर्क विभाग सह प्रभारी मंत्री पूर्वी चंपारण श्रवण कुमार ने मेहसी, चकिया और पिपराकोठी के क्रमशः हरपुरनाग, चिंतामणपुर एवं वीरपुर छपरा पंचायत में आयोजित सहयोग शिविर में शिरकत किए और आमजन की समस्याओं को सुना।
उनके साथ शिविर में माननीय विधायक मोतिहारी प्रमोद कुमार, जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल, पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात, अनुमंडल पदाधिकारी चकिया एवं अनुमंडल पदाधिकारी सदर मोतिहारी सहित अन्य पदाधिकारी गण उपस्थित थे।
वहीं इस अवसर पर मंत्री श्री श्रवण कुमार ने बड़ी संख्या में शिविर में आए हुए नागरिकों से सीधे संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं, शिकायतों एवं आवश्यकताओं को गंभीरतापूर्वक सुना तथा संबंधित अधिकारियों को त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
हरपुरनाग में आयोजित शिविर में मंत्री ने पांच लोगों को राशन कार्ड एवं मनरेगा जॉब कार्ड का वितरण किया। यहां पर कुल 60 आवेदन प्राप्त हुए थे जिसमें से 58 आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण निष्पादन किया गया था। जो 02 आवेदन बचे हुए थे, उसका भी समय सीमा के अंदर शीघ्र निष्पादन करने का निर्देश दिया गया।
चिंतामणपुर पंचायत में कुल 90 आवेदन प्राप्त हुए थे जिसमें से 84 आवेदनों का निष्पादन कर दिया गया था।शेष बचे आवेदनों के निष्पादन का निर्देश दिया गया। यहां पर 3245 जीविका समूह के दीदियों को कुल 51 करोड़ की योजना का चेक सांकेतिक रूप में दिया गया।
वीरपुर छपरा में कुल 207 आवेदन प्राप्त हुए थे जिनमें से 206 का निष्पादन किया जा चुका था। सिर्फ एक आवेदन का निष्पादन बचा था जिसको शीघ्र निष्पादन करने का निर्देश दिया गया।
इस अवसर पर मंत्री ने उपस्थित जन समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि सहयोग शिविर का आयोजन राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है जो आमजन के हित में है। पहले अपनी समस्याओं को लेकर प्रखंड से लेकर जिला और राजधानी तक का लोगों को चक्कर लगाना पड़ता था परंतु सरकार ने यह निर्णय लिया है कि अब समस्याओं का निष्पादन स्थानीय स्तर पर ही किया जाए और इसके लिए समय सीमा निर्धारित की गई है। समय सीमा के अंदर अगर समाधान नहीं होता है तो इसके लिए जरूरी दंड की भी व्यवस्था कर दी गई है।
उन्होंने कहा कि समस्याओं का हल हर हाल में कानून के अंतर्गत किया जाएगा। सरकार विकास और तरक्की का कार्य निरंतर कर रही है और इसमें जन सहयोग की भी अपेक्षा है। मंत्री श्री कुमार ने अपने संबोधन में सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं का भी जिक्र किया और कहा कि आज राज्य के सबसे गरीब व्यक्ति के घर में भी बिजली पहुंची है और बल्ब जल रहा है। मनरेगा मजदूर के यहां भी बिजली का बल्ब जल रहा है। यह एक बड़ी उपलब्धि है। सरकार ने 125 यूनिट बिजली फ्री की जिसका उद्देश्य था कि गरीब का घर आंगन भी रोशन हो।
उन्होंने जल- जीवन- हरियाली योजना का भी जिक्र किया और कहा कि बदलते जलवायु परिवर्तन में वृक्षारोपण बहुत ही जरूरी है। उन्होंने कहा कि क्यों नहीं हम सभी लोग अपने बच्चों के जन्मदिन पर पौधा लगाएं। उन्होंने माता-पिता के पुण्यतिथि पर भी पौधा लगाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार आमजन की समस्याओं के समाधान हेतु गांव-गांव तक प्रशासनिक पहुंच सुनिश्चित कर रही है। सहयोग शिविर केवल समस्याओं के समाधान और योजनाओं की जानकारी देने का माध्यम ही नहीं, बल्कि जनता और प्रशासन के बीच विश्वास एवं संवाद को मजबूत करने का प्रभावी मंच है।
उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि किसी भी व्यक्ति को अपनी समस्या के समाधान के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों का चक्कर न लगाना पड़े। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। सहयोग शिविर इसी जनोन्मुखी सोच का परिणाम है, जहां विभिन्न विभागों के अधिकारी एक ही स्थान पर उपस्थित होकर लोगों की समस्याओं का समाधान कर रहे हैं। इस अवसर पर जिला प्रशासन के वरीय पदाधिकारी,जनप्रतिनिधि, विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित थे।
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