बिहार की राजनीति में मचे महासंग्राम के बीच लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य (Rohini Acharya) ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) के विधान परिषद से इस्तीफे पर जोरदार हमला बोला है। नीतीश कुमार द्वारा राज्यसभा जाने की तैयारी और सदन की सदस्यता छोड़ने को रोहिणी ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) की एक सोची-समझी साजिश करार दिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर अपनी भड़ास निकालते हुए रोहिणी ने इसे बीजेपी का ‘ऑपरेशन फिनिश नीतीश’ बताया है।
‘जैसी करनी वैसी भरनी’ रोहिणी का वार रोहिणी आचार्य ने नीतीश कुमार की एक तस्वीर साझा करते हुए उन पर तंज कसा कि उन्हें बिहार की सक्रिय राजनीति से ‘तड़ीपार’ कर दिया गया है। रोहिणी ने लिखा कि जो दूसरों के लिए गड्ढा खोदते हैं, वे खुद उसी में गिरते हैं। उन्होंने दावा किया कि बीजेपी ने नीतीश कुमार को किनारे लगाने के लिए यह पूरा ताना-बाना बुना था, जिसमें अब मुख्यमंत्री फंस चुके हैं। रोहिणी के मुताबिक, नीतीश का राज्यसभा जाना उनकी राजनीतिक ताकत का बढ़ना नहीं, बल्कि बिहार में उनके प्रभाव को खत्म करने की शुरुआत है।
बीजेपी की रणनीति पर उठाए सवाल आरजेडी (RJD) खेमे से आ रही प्रतिक्रियाओं में यह साफ कहा जा रहा है कि बीजेपी अब बिहार में पूरी तरह से ‘ड्राइविंग सीट’ पर आना चाहती है। रोहिणी ने अपने पोस्ट में संकेत दिया कि नीतीश कुमार को दिल्ली भेजकर बीजेपी अब बिहार की कमान अपने हाथ में लेने की तैयारी कर चुकी है। उन्होंने इसे ‘ऑपरेशन फिनिश’ का नाम देते हुए कहा कि नीतीश कुमार ने अपने पैरों पर खुद कुल्हाड़ी मारी है और अब उनके पास पछतावे के अलावा कुछ नहीं बचा है।
सोशल मीडिया पर छिड़ा ‘शब्द युद्ध’ रोहिणी आचार्य के इस बयान के बाद जेडीयू और बीजेपी के नेताओं ने भी मोर्चा संभाल लिया है। जेडीयू समर्थकों का कहना है कि रोहिणी को अपने परिवार के आंतरिक कलह पर ध्यान देना चाहिए, न कि मुख्यमंत्री के संवैधानिक फैसलों पर। हालांकि, रोहिणी के इस ‘तड़ीपार’ और ‘ऑपरेशन फिनिश’ वाले जुमले ने बिहार की सियासी तपिश को और बढ़ा दिया है। अब देखना यह है कि नीतीश कुमार के दिल्ली जाने के बाद बिहार की सत्ता का नया ‘चेहरा’ कौन होता है और विपक्षी खेमा इस बदलाव का सामना कैसे करता है।
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