उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए खुशियों का पिटारा खोल दिया है। सोमवार को लखनऊ के लोकभवन में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने न केवल हजारों कार्यकर्ताओं को स्मार्टफोन वितरित किए, बल्कि उनके मानदेय (Honorarium) में जल्द ही बड़ी वृद्धि करने का भी एलान कर दिया। सीएम ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को ‘सम्मानजनक मानदेय’ मिलेगा और सरकार न्यूनतम मानदेय की गारंटी सुनिश्चित करेगी।
स्मार्टफोन से ‘डिजिटल’ होंगी यशोदा मैया मुख्यमंत्री ने प्रदेश की 69,804 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और मुख्य सेविकाओं को स्मार्टफोन वितरित करने की प्रक्रिया का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की तुलना ‘यशोदा मैया’ से करते हुए कहा कि जैसे उन्होंने कृष्ण कन्हैया को संवारा था, वैसे ही ये कार्यकर्ता देश के भविष्य (बच्चों) की नींव मजबूत कर रही हैं। इन स्मार्टफोन्स के जरिए अब योजनाओं की डिजिटल मॉनिटरिंग और डेटा संग्रहण में तेजी आएगी, जिससे भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी और काम पारदर्शी होगा।
शोषणमुक्त व्यवस्था: अप्रैल से दिखेगा बदलाव मानदेय वृद्धि को लेकर सीएम योगी ने सख्त तेवर दिखाते हुए कहा कि आउटसोर्सिंग के नाम पर होने वाला कर्मचारियों का शोषण अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसके लिए एक विशेष निगम (Corporation) का गठन किया गया है। अब सरकार सीधा पैसा कर्मचारियों के खाते में भेजेगी, जिससे बीच के ‘माफिया और बिचौलियों’ का खेल खत्म होगा। अप्रैल महीने से ही सभी विभागों के आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को बढ़ा हुआ और सम्मानजनक मानदेय मिलना शुरू हो जाएगा।
करोड़ों की सौगात और नई नियुक्तियां सिर्फ स्मार्टफोन और मानदेय ही नहीं, मुख्यमंत्री ने 18,440 नवनियुक्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को नियुक्ति पत्र भी सौंपे। इसके साथ ही प्रदेश के विभिन्न जिलों में 1,37,04 लाख रुपये की लागत से बनने वाले बाल विकास परियोजना कार्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों का शिलान्यास व लोकार्पण किया गया। सीएम ने आंगनबाड़ी केंद्रों के नए डिजाइन का भी विमोचन किया, जो बच्चों के लिए अधिक सुविधायुक्त होंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि नवजात शिशु सुपोषित है और मां स्वस्थ है, तो भारत का भविष्य सशक्त है।
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