राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP – अजित पवार गुट) की कद्दावर नेता रुपाली चाकणकर (Rupali Chakankar) के लिए मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। नाशिक के कथित ‘भोंदूबाबा’ अशोक खरात (Ashok Kharat) के साथ जुड़ा विवाद अब उनके राजनीतिक करियर पर भारी पड़ता दिख रहा है। पिछले हफ्ते ‘राज्य महिला आयोग’ के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के बाद, शुक्रवार (27 मार्च 2026) को रुपाली चाकणकर ने NCP महिला प्रदेशाध्यक्ष के पद से भी अपना त्यागपत्र सौंप दिया है।
क्यों देना पड़ा इस्तीफा? विवाद की जड़ क्या है?
यह पूरा घटनाक्रम स्वघोषित आध्यात्मिक गुरु अशोक खरात की गिरफ्तारी के बाद शुरू हुआ। खरात पर कई महिलाओं के साथ यौन शोषण और वित्तीय धोखाधड़ी के गंभीर आरोप हैं।
वायरल वीडियो और फोटो: सोशल मीडिया पर रुपाली चाकणकर के कुछ पुराने वीडियो और तस्वीरें वायरल हुईं, जिनमें वे अशोक खरात के पैर धोती और उनकी प्रशंसा करती नजर आ रही थीं।
विपक्ष का हमला: शिवसेना (UBT) नेता सुषमा अंधारे और कांग्रेस ने इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया और आरोप लगाया कि चाकणकर के खरात के साथ करीबी संबंध हैं। विपक्ष ने मांग की कि महिला आयोग की अध्यक्ष रहते हुए उनका ऐसे व्यक्ति के साथ जुड़ाव नैतिक रूप से गलत है।
सुनेत्रा पवार के साथ चर्चा के बाद लिया फैसला
रुपाली चाकणकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि उन्होंने उप-मुख्यमंत्री और NCP अध्यक्ष सुनेत्रा पवार से फोन पर विस्तृत चर्चा की, जिसके बाद उन्होंने अपना इस्तीफा भेजने का निर्णय लिया।
पार्टी की छवि का सवाल: सूत्रों के मुताबिक, पार्टी की महिला पदाधिकारियों और वरिष्ठ नेताओं का मानना था कि इस विवाद से आगामी चुनावों में पार्टी की छवि धूमिल हो सकती है। नाशिक और अहिल्यानगर के कई पदाधिकारियों ने उन्हें पद से हटाने की मांग की थी।
रुपाली चाकणकर का पक्ष: “सच्चाई की जीत होगी”
इस्तीफा देने के बाद भी रुपाली चाकणकर अपने स्टैंड पर कायम हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि:
“खरात मामले से मेरा कोई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष वित्तीय लेन-देन या संबंध नहीं है। वे वीडियो 5-6 साल पुराने हैं जब हमारा परिवार उन्हें गुरु मानता था। जांच में सब स्पष्ट हो जाएगा। मुझ पर लगाए जा रहे आरोप बेबुनियाद हैं और मुझे विश्वास है कि सच्चाई की जीत होगी।”
अब आगे क्या?
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि रुपाली चाकणकर के दोनों पदों से हटने के बाद अब NCP (अजित पवार गुट) में महिला प्रदेशाध्यक्ष की रेस शुरू हो गई है। फिलहाल 5-6 महिला नेताओं के नाम चर्चा में हैं। वहीं, विपक्ष अब इस मामले में SIT जांच की मांग कर रहा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या इसमें कोई बड़ा वित्तीय लिंक शामिल था।
4
