शंकराचार्य विवाद में पाकिस्तानी एंट्री आशुतोष ब्रह्मचारी को बम से उड़ाने की धमकी, सुप्रीम कोर्ट की चौखट पर पहुंचा मामला

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शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके मुखर विरोधी आशुतोष ब्रह्मचारी के बीच की कानूनी जंग अब एक खतरनाक मोड़ ले चुकी है। आशुतोष ब्रह्मचारी ने सनसनीखेज दावा किया है कि उन्हें पाकिस्तान के नंबरों से धमकी भरे फोन आ रहे हैं, जिसमें उन्हें और उनके परिवार को बम से उड़ाने की बात कही गई है। इस गंभीर खतरे और पिछले दिनों हुए हमले का हवाला देते हुए अब उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

पाकिस्तान से धमकी और ‘POCSO’ केस का कनेक्शन

आशुतोष ब्रह्मचारी का आरोप है कि जब से उन्होंने शंकराचार्य के खिलाफ यौन उत्पीड़न (POCSO) का मामला दर्ज कराया है, तब से उनकी जान के पीछे ‘अदृश्य ताकतें’ हाथ धोकर पड़ी हैं।

विदेशी कॉल: आशुतोष का दावा है कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय नंबरों (मुख्यतः पाकिस्तान) से धमकियां मिल रही हैं कि यदि उन्होंने अपना केस वापस नहीं लिया, तो उनका हश्र बुरा होगा।

सुप्रीम कोर्ट में गुहार: इलाहाबाद हाईकोर्ट से शंकराचार्य को मिली अंतरिम राहत (अग्रिम जमानत) के खिलाफ आशुतोष ने शीर्ष अदालत में याचिका दायर की है। उन्होंने कोर्ट से अपनी सुरक्षा और मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की मांग की है।

ट्रेन में हुए हमले से सहमे संत!

आपको बता दें कि हाल ही में आशुतोष ब्रह्मचारी पर रीवा एक्सप्रेस में उस समय जानलेवा हमला हुआ था, जब वह गाजियाबाद से प्रयागराज जा रहे थे।

नाक काटने की कोशिश: हमलावरों ने धारदार हथियार से उनकी नाक काटने का प्रयास किया था, जिसे उन्होंने अपनी ‘गुरु परंपरा’ के अपमान से जोड़कर देखा।

पुलिस की भूमिका पर सवाल: आशुतोष ने उत्तर प्रदेश पुलिस और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि बार-बार गुहार लगाने के बावजूद उन्हें पर्याप्त सुरक्षा नहीं दी जा रही है।

शंकराचार्य खेमे का रुख: “यह केवल सहानुभूति पाने का स्टंट”

दूसरी ओर, शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थकों और उनके विधिक सलाहकारों ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका तर्क है कि:

ये सभी आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं और केवल मीडिया की सुर्खियां बटोरने के लिए गढ़े गए हैं।

आशुतोष ब्रह्मचारी खुद विवादों में रहे हैं और वे केवल शंकराचार्य की छवि धूमिल करना चाहते हैं।

कानून अपना काम कर रहा है और हाईकोर्ट ने तथ्यों को देखकर ही राहत प्रदान की है।

क्या है पूरा विवाद? (Key Highlights)

आरोप: आशुतोष ब्रह्मचारी ने शंकराचार्य पर बच्चों के यौन शोषण का गंभीर आरोप लगाया है।

कानूनी स्थिति: मामला वर्तमान में निचली अदालत से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक अलग-अलग स्तरों पर लंबित है।

सुरक्षा का मुद्दा: धमकी भरे कॉल्स के बाद गृह मंत्रालय को भी इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की गई है।

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