UP का फ्लाइंग भविष्य CM योगी ने बताया कैसे जेवर एयरपोर्ट बनेगा यूपी का लॉन्चपैड

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) को राज्य की प्रगति का सबसे बड़ा ‘माइलस्टोन’ करार दिया है। एनसीआर के दौरे पर पहुंचे सीएम योगी ने ‘डबल इंजन’ सरकार के विकास मॉडल का जिक्र करते हुए कहा कि जेवर एयरपोर्ट केवल एक हवाई अड्डा नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के वैश्विक व्यापार और समृद्धि का ‘लॉन्चपैड’ साबित होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि आने वाले समय में यह प्रोजेक्ट प्रदेश की अर्थव्यवस्था को 1 ट्रिलियन डॉलर बनाने में रीढ़ की हड्डी का काम करेगा।

‘डबल इंजन’ की रफ्तार का मतलब: सीएम योगी के 3 मुख्य बिंदु

कनेक्टिविटी से समृद्धि: मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले यूपी के पास केवल 2 एक्टिव एयरपोर्ट थे, जबकि आज 9 चालू हैं और जेवर समेत कई अन्य पर काम युद्धस्तर पर जारी है। जेवर एयरपोर्ट न केवल दिल्ली-एनसीआर बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के हर जिले को वैश्विक कनेक्टिविटी से जोड़ देगा।

रोजगार का महाकुंभ: एयरपोर्ट के आसपास विकसित हो रहे ‘यमुना अथॉरिटी’ के इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, फिल्म सिटी और मेडिकल डिवाइस पार्क का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा कि यहाँ लाखों युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। जेवर के कारण ही आज दुनिया भर की बड़ी कंपनियां यूपी में निवेश के लिए कतार में हैं।

एशिया का सबसे बड़ा हब: सीएम योगी ने बताया कि जेवर एयरपोर्ट अपनी क्षमता और तकनीक के मामले में एशिया का सबसे आधुनिक एयरपोर्ट होगा। यह न केवल यात्रियों के लिए बल्कि ‘कार्गो’ (Cargo) के लिए भी एक बड़ा केंद्र बनेगा, जिससे किसानों और उद्यमियों के उत्पाद विदेशों तक आसानी से पहुंच सकेंगे।

विपक्ष पर साधा निशाना: “पहले की सरकारों में इच्छाशक्ति की कमी थी”

विपक्ष का नाम लिए बिना मुख्यमंत्री ने कहा कि जेवर एयरपोर्ट का प्रोजेक्ट दशकों से फाइलों में दबा हुआ था। पिछली सरकारों के पास विकास की नीयत नहीं थी, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में ‘डबल इंजन’ सरकार ने इसे जमीन पर उतारकर दिखाया है। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि इस साल के अंत तक एयरपोर्ट का काम पूरा कर लिया जाएगा और पहली उड़ान जल्द ही यहाँ से रनवे भरेगी।

जेवर एयरपोर्ट: एक नजर में

स्थान: जेवर, गौतमबुद्ध नगर (नोएडा)

क्षमता: सालाना करोड़ों यात्रियों को संभालने की क्षमता।

कनेक्टिविटी: दिल्ली-वाराणसी हाई स्पीड रेल (बुलेट ट्रेन) और एक्सप्रेस-वे से जुड़ाव।

इम्पैक्ट: पश्चिमी यूपी के रियल एस्टेट और टूरिज्म सेक्टर में जबरदस्त उछाल।

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