बिहार में जमीन संबंधी विवादों के निपटारे में कोताही बरतने वाले अधिकारियों की अब खैर नहीं है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कड़े रुख के बाद राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने प्रदेश भर के अंचलाधिकारियों (CO) और राजस्व अधिकारियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की तैयारी कर ली है। विभाग अगले 48 घंटों के भीतर उन अधिकारियों की सूची जारी करने वाला है, जिनका प्रदर्शन संतोषजनक नहीं रहा है। सूत्रों की मानें तो इस फेहरिस्त में 50 से अधिक सीओ और राजस्व कर्मचारी शामिल हैं, जिन पर निलंबन या विभागीय कार्यवाही की तलवार लटक रही है।
क्यों हो रही है कार्रवाई? ‘दाखिल-खारिज’ में सुस्ती बनी वजह
विभाग द्वारा की गई हालिया समीक्षा में यह बात सामने आई है कि कई जिलों में दाखिल-खारिज (Mutation) के मामले महीनों से लंबित पड़े हैं।
अनावश्यक रिजेक्शन: जांच में पाया गया कि कई अधिकारियों ने बिना किसी ठोस आधार के म्यूटेशन के आवेदनों को रद्द (Reject) कर दिया, जिससे आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
भ्रष्टाचार की शिकायतें: जमीन मापी और परिमार्जन (Correction) के कार्यों में अवैध वसूली की शिकायतों को विभाग ने बेहद गंभीरता से लिया है।
2 दिन का ‘अल्टीमेटम’: विभाग की विशेष सूची तैयार
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव ने सभी जिलाधिकारियों (DM) से उन अधिकारियों की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है जो अपने काम के प्रति लापरवाह हैं।
परफॉरमेंस ऑडिट: जिन अंचलों में 40% से अधिक आवेदन पेंडिंग हैं, वहां के सीओ को सीधे तौर पर जिम्मेदार माना जा रहा है।
ब्लैक लिस्टिंग: विभाग ने एक विशेष ‘ब्लैक लिस्ट’ तैयार की है, जिसमें दागी और कामचोर अधिकारियों के नाम शामिल किए गए हैं। अगले दो दिनों में इन पर गाज गिरना तय माना जा रहा है।
परिमार्जन और सर्वे कार्य में तेजी के निर्देश
बिहार में चल रहे विशेष भूमि सर्वेक्षण (Land Survey) को लेकर भी सरकार सख्त है।
लक्ष्य: सरकार चाहती है कि 2026 के अंत तक जमीन के सभी पुराने विवाद सुलझा लिए जाएं।
चेतावनी: विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि सर्वे के काम में किसी भी स्तर पर देरी हुई या गलत आंकड़े दर्ज किए गए, तो संबंधित राजस्व कर्मचारी के खिलाफ एफआईआर (FIR) तक दर्ज की जा सकती है।
आम जनता के लिए राहत: ऑनलाइन ट्रैकिंग और शिकायत
इस सख्ती का मुख्य उद्देश्य जमीन रजिस्ट्री और म्यूटेशन की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना है। विभाग अब एक नया पोर्टल भी अपडेट कर रहा है, जहां आवेदक देख सकेंगे कि उनका आवेदन किस अधिकारी की टेबल पर कितने दिनों से अटका हुआ है।
विभागीय कार्रवाई का रोडमैप (एक नजर में):
| कार्रवाई का प्रकार | समय सीमा | लक्षित अधिकारी |
|---|---|---|
| कारण बताओ नोटिस | तुरंत | खराब प्रदर्शन वाले सभी CO |
| निलंबन (Suspension) | अगले 48 घंटे | गंभीर लापरवाही और भ्रष्टाचार के आरोपी |
| विभागीय जांच | 15 दिन | लंबित मामलों के लिए जिम्मेदार कर्मी |
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