उत्तर प्रदेश और बिहार समेत उत्तर भारत के कई राज्यों में जारी एलपीजी (LPG) सिलेंडर की किल्लत और लंबी लाइनों के बीच बिहार से एक क्रांतिकारी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ड्रीम प्रोजेक्ट ‘जीविका’ (Jeevika) की दीदियाँ अब खुद का ‘इंडक्शन प्लेट’ (Induction Plate) तैयार करेंगी। इस प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी खास बात यह है कि देश के दो प्रतिष्ठित संस्थान, IIT मुंबई और IIT दिल्ली, इस स्वदेशी इंडक्शन चूल्हे को विकसित करने में तकनीकी सहयोग देंगे।
सिलेंडर संकट का ‘स्मार्ट’ समाधान
हाल ही में विपक्षी नेताओं, विशेषकर अखिलेश यादव ने ‘लापता गैस’ (LPG) के मुद्दे पर सरकार को घेरा था। ऐसे में बिहार सरकार ने मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों को इस किल्लत से स्थाई राहत दिलाने के लिए यह कदम उठाया है।
स्वदेशी तकनीक: जीविका समूह द्वारा निर्मित यह इंडक्शन चूल्हा पूरी तरह से ‘मेड इन बिहार’ (Made in Bihar) होगा।
किफायती दाम: बाजार में मिलने वाले महंगे इंडक्शन चूल्हों के मुकाबले इसकी कीमत काफी कम रखी जाएगी, ताकि गांव-गांव तक इसकी पहुंच हो सके।
IIT मुंबई और दिल्ली की ‘डबल पावर’
इस प्रोजेक्ट को सफल बनाने के लिए तकनीकी दिग्गजों ने हाथ मिलाया है:
डिजाइन और एफिशिएंसी: IIT मुंबई के विशेषज्ञ इसके सर्किट और डिजाइन को इस तरह तैयार कर रहे हैं कि यह कम बिजली की खपत में तेजी से खाना पका सके।
सस्टेनेबिलिटी: IIT दिल्ली की टीम इसके ड्यूरेबिलिटी (मजबूती) और सुरक्षा मानकों पर काम कर रही है, ताकि ग्रामीण परिवेश में भी यह लंबे समय तक काम कर सके।
जीविका दीदियों को मिलेगा नया ‘रोजगार’
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हाल ही में नालंदा में 810 करोड़ की योजनाओं के दौरान महिला सशक्तिकरण पर जोर दिया था। यह प्रोजेक्ट उसी कड़ी का हिस्सा है।
मैन्युफैक्चरिंग हब: बिहार के अलग-अलग जिलों में जीविका दीदियों के लिए छोटी असेंबली यूनिट्स (Assembly Units) लगाई जाएंगी।
ट्रेनिंग: जीविका दीदियों को इन यूनिट्स में इंडक्शन प्लेट असेंबल करने और उनकी मरम्मत करने की विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी, जिससे हजारों महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
सोलर एनर्जी से जोड़ने की योजना
भविष्य में इस इंडक्शन चूल्हे को सोलर पैनल (Solar Panel) से जोड़ने की भी तैयारी है। इससे ग्रामीण इलाकों में जहां बिजली की समस्या है, वहां भी महिलाएं बिना किसी खर्च के खाना पका सकेंगी। यह न केवल प्रदूषण मुक्त होगा, बल्कि लकड़ी और कोयले के धुएं से भी मुक्ति दिलाएगा।
प्रोजेक्ट की मुख्य विशेषताएं (एक नजर में):
| विशेषता | विवरण |
|---|---|
| प्रोजेक्ट का नाम | जीविका इंडक्शन निर्माण योजना 2026 |
| तकनीकी पार्टनर | IIT मुंबई और IIT दिल्ली |
| मुख्य लक्ष्य | LPG सिलेंडर की निर्भरता कम करना |
| लाभार्थी | बिहार की जीविका दीदियाँ और ग्रामीण परिवार |
4
