विश्व यक्ष्मा दिवस पर सीतामढ़ी की बड़ी उपलब्धि: 76 पंचायत घोषित टीबी मुक्त, मुखियाओं को किया गया सम्मानित

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  • जिला पदाधिकारी ऋषि पांडे ने प्रशस्ति पत्र व गांधी प्रतिमा देकर बढ़ाया उत्साह
  • बेलसंड, सुरसंड, रीगा और सुप्पी प्रखंड रहे शीर्ष प्रदर्शनकर्ता
  • “जनभागीदारी से ही संभव है टीबी उन्मूलन” – स्वास्थ्य विभाग
  • 100 दिवसीय अभियान के तहत पंचायत स्तर पर होगी व्यापक जांच
सीतामढ़ी। विश्व यक्ष्मा दिवस के अवसर पर सीतामढ़ी जिले में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए जिला पदाधिकारी ऋषि पांडे द्वारा जिले के 17 प्रखंडों की कुल 76 पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया गया। इस अवसर पर संबंधित पंचायतों के माननीय मुखियाओं को प्रशस्ति पत्र एवं महात्मा गांधी की प्रतिमा प्रदान कर सम्मानित किया गया।
प्रखंडों के प्रदर्शन की बात करें तो बेलसंड प्रखंड ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जहां 10 में से 9 पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया गया। वहीं सुरसंड प्रखंड दूसरे स्थान पर रहा, जहां 17 में से 8 पंचायतें टीबी मुक्त हुईं। तीसरे स्थान पर संयुक्त रूप से रीगा एवं सुप्पी प्रखंड रहे, जहां 6-6 पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया गया।
जिला पदाधिकारी ने इस उपलब्धि के लिए सभी मुखियाओं का आभार व्यक्त करते हुए अपील की कि वे अपने पंचायत क्षेत्र के टीबी मरीजों को “गोद” लेकर उनके इलाज एवं देखभाल में सहयोग करें। साथ ही पंचायत स्तर पर मरीजों की सूची तैयार कर नियमित अनुश्रवण करने तथा सरपंच, वार्ड सदस्य एवं अन्य प्रतिनिधियों को “निक्षय मित्र” के रूप में जोड़ने का आह्वान किया।
जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. जेड जावेद ने बताया कि वर्ष 2026 की थीम “यस! वी कैन एंड टीबी: लेड बाय भारत, पावर्ड बाय जनभागीदारी” है, जो जनभागीदारी के महत्व को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि बिना जनसहयोग के टीबी उन्मूलन का लक्ष्य हासिल करना संभव नहीं है। उन्होंने लोगों से अपील की कि संदिग्ध मरीजों को तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच के लिए भेजें, जहां सभी सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध हैं।
सिविल सर्जन डॉ. अखिलेश कुमार ने बताया कि स्वच्छता, संतुलित आहार, मास्क का उपयोग और नशे से दूरी बनाकर टीबी से बचाव किया जा सकता है। साथ ही अन्य बीमारियों जैसे डायबिटीज, फेफड़ों की समस्या आदि का समय पर इलाज भी जरूरी है।
कार्यक्रम के दौरान यह भी जानकारी दी गई कि केंद्र सरकार के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. जे.पी. नड्डा द्वारा 100 दिवसीय अभियान की शुरुआत की गई है, जिसके तहत चिन्हित पंचायतों में कैंप लगाकर संवेदनशील आबादी की स्क्रीनिंग, एक्स-रे एवं बलगम जांच की जाएगी।
इस अवसर पर जिले के सभी 76 पंचायतों के मुखिया, यक्ष्मा पर्यवेक्षक, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी, प्रयोगशाला प्राविधिक, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी एवं प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी उपस्थित रहे।
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