कान्हा की नगरी मथुरा में एक मामूली अफवाह ने देखते ही देखते सांप्रदायिक तनाव और हिंसा का रूप ले लिया। जिले के कोसीकलां क्षेत्र में ‘फरसा वाले बाबा’ के नाम से प्रसिद्ध एक साधु की मृत्यु के बाद फैली गलत सूचना ने भीड़ को उग्र कर दिया। इस दौरान गुस्साए लोगों ने एक निर्दोष ट्रक ड्राइवर को निशाना बनाया, जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में लेते हुए अब तक 13 दंगाइयों को गिरफ्तार किया है और इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
साधु की प्राकृतिक मौत और अफवाह का खेल पुलिस जांच के अनुसार, इलाके में काफी समय से रह रहे ‘फरसा वाले बाबा’ की मृत्यु प्राकृतिक कारणों से हुई थी। लेकिन कुछ शरारती तत्वों ने सोशल मीडिया और मौखिक रूप से यह अफवाह फैला दी कि बाबा की हत्या की गई है। इस खबर के फैलते ही स्थानीय लोग सड़कों पर उतर आए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। अफवाह ने आग में घी का काम किया और शांतिपूर्ण प्रदर्शन जल्द ही पथराव और आगजनी में बदल गया।
निर्दोष ट्रक ड्राइवर बना भीड़ की हिंसा का शिकार हिंसा के दौरान वहां से गुजर रहे एक ट्रक ड्राइवर को भीड़ ने रोक लिया। अफवाह से उत्तेजित उपद्रवियों ने ड्राइवर पर हमला बोल दिया और उसे बेरहमी से पीटा। गंभीर रूप से घायल ड्राइवर को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन घावों की ताव न सहते हुए उसने दम तोड़ दिया। इस घटना ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है। पुलिस अब उन मुख्य आरोपियों की तलाश कर रही है जिन्होंने भीड़ को उकसाया और ड्राइवर पर सीधा हमला किया।
पुलिस का बड़ा एक्शन: 13 दंगाई सलाखों के पीछे मथुरा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज और वीडियो साक्ष्यों के आधार पर दंगाइयों की पहचान की जा रही है। अब तक 13 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। पुलिस ने साफ किया है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह अफवाह फैलाने वाला हो या हिंसा में शामिल। पूरे कोसीकलां इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया है और पीएसी (PAC) की कंपनियां भी तैनात की गई हैं ताकि दोबारा कोई अप्रिय घटना न हो।
सोशल मीडिया पर कड़ी नजर, शांति की अपील प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट साझा न करें। साइबर सेल सक्रिय रूप से उन अकाउंट्स की निगरानी कर रहा है जो नफरत फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। जिलाधिकारी और पुलिस प्रशासन ने स्थानीय संभ्रांत नागरिकों के साथ बैठक की है ताकि क्षेत्र में भाईचारा और शांति बहाल की जा सके। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन तनाव को देखते हुए पुलिस हाई अलर्ट पर है।
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