औद्योगिक क्षेत्र हाजीपुर में स्वास्थ्य शिविरों का होगा आयोजन

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श्रमिकों को मिलेंगी निःशुल्क चिकित्सा सेवाएँ
हाजीपुर। बिहार सरकार और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तत्वावधान में जिला स्वास्थ्य समिति, वैशाली द्वारा औद्योगिक क्षेत्र हाजीपुर के श्रमिकों के कल्याण के लिए एक व्यापक स्वास्थ्य अभियान की रूपरेखा तैयार की गई है। इस संबंध में जिलाधिकारी, वैशाली द्वारा कड़े निर्देश दिए गए हैं कि औद्योगिक क्षेत्र में कार्यरत हर एक कामगार तक स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुँच सुनिश्चित की जाए। जिलाधिकारी के इसी मार्ग-निर्देशन के आलोक में, आगामी 3 फरवरी से 10 फरवरी तक विभिन्न औद्योगिक इकाइयों में विशेष स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जाएगा। इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य श्रमिकों को उनके कार्यस्थल पर ही गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध कराना है, जिसका समय सुबह 11:00 बजे से दोपहर 03:00 बजे तक निर्धारित किया गया है।
सुदृढ़ प्रबंधन और निगरानी:
इस महत्वपूर्ण पहल के सफल क्रियान्वयन के लिए स्वास्थ्य विभाग ने विस्तृत कार्य योजना तैयार की है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि इन शिविरों के संचालन में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी संबंधित अधिकारी आपसी समन्वय से इसे सफल बनाएँ। पूरे अभियान की कमान जिला अनुश्रवण एवं मूल्यांकन पदाधिकारी श्री ऋतु राज को नोडल पदाधिकारी के रूप में सौंपी गई है, जबकि श्री अमर भारद्वाज सहायक नोडल पदाधिकारी की भूमिका में रहेंगे।
स्वास्थ्य शिविरों की समय-सारणी:
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, शिविरों की शुरुआत 3 फरवरी को न्यू जील से होगी। इसके पश्चात 5 फरवरी को कॉम्पिटेंस एक्सपोर्ट्स, 6 फरवरी को ब्रिटानिया इंडस्ट्री लिमिटेड, 7 फरवरी को अनमोल इंडस्ट्री लिमिटेड, 9 फरवरी को सीपैट और अंत में 10 फरवरी को सोना बिस्किट में चिकित्सा दलों द्वारा सेवाएँ प्रदान की जाएँगी।
जाँच एवं उपचार की सुविधाएँ:
शिविरों में श्रमिकों को बहुआयामी स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान की जाएँगी। चिकित्सा परामर्श के अंतर्गत सामान्य चिकित्सा के साथ-साथ स्त्री रोग, नेत्र रोग और शिशु रोग विशेषज्ञों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। इसके अतिरिक्त, लाभार्थियों की रक्तचाप, मधुमेह, टीबी, एचआईवी, हीमोग्लोबिन, रक्त समूह की जाँच और कैंसर स्क्रीनिंग जैसी महत्वपूर्ण जाँचें भी की जाएँगी। नेत्र जाँच के लिए विशेष रूप से सहायक की प्रतिनियुक्ति की गई है। जाँच के उपरांत मरीजों को रक्तचाप, मधुमेह, लौह तत्व और कैल्शियम सहित लगभग 50 अन्य प्रकार की आवश्यक दवाइयाँ निःशुल्क वितरित की जाएँगी।
डिजिटल स्वास्थ्य और आयुष्मान कार्ड:
प्रशासन ने आधुनिक डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं पर भी विशेष जोर दिया है। जिलाधिकारी के निर्देशानुसार, शिविर में आने वाले सभी मरीजों की ‘आभा’ पहचान पत्र बनाई जाएगी और उनका विवरण भव्या पोर्टल पर ऑनलाइन दर्ज किया जाएगा। साथ ही, आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों के लिए स्वर्ण कार्ड बनाने की भी विशेष व्यवस्था की गई है, ताकि वे भविष्य में सूचीबद्ध अस्पतालों में इलाज का लाभ उठा सकें। इस अभियान में विभिन्न शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के चिकित्सकों, प्रयोगशाला तकनीशियनों और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की टीम को सक्रिय रूप से तैनात किया गया है।
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