विशेष धावादल ने केसरिया एवं सुगौली में चार बाल श्रमिकों को विमुक्त कराया

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अशोक वर्मा 
मोतिहारी : श्रम संसाधन विभाग बिहार के निर्देश के आलोक में एवं श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, सुगौली एवं केसरिया के नेतृत्व में सुगौली एवं केसरिया प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत विशेष धावा दल के द्वारा विभिन्न प्रतिष्ठानों में सघन जाँच अभियान चलाया गया।
 जाँच के क्रम में सुगौली एवं केसरिया प्रखंडों के कुल-04 प्रतिष्ठानों से 04 बाल श्रमिकों को धावा दल की टीम के द्वारा विमुक्त कराया गया। साथ ही श्रम अधीक्षक द्वारा यह स्पष्ट किया गया कि यह अभियान पूर्वी चंपारण जिला अंतर्गत लगातार क्रियाशील रहेगा!
बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 के तहत सभी नियोजकों के विरूद्ध संबंधित थाने में प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है जबकि सभी विमुक्त बाल श्रमिकों को बाल कल्याण समिति, पूर्वी चंपारण, मोतिहारी के समक्ष उपस्थापित कर उन्हें बाल गृह में रखा गया है।
श्रम अधीक्षक द्वारा  बताया कि बच्चों से प्रतिष्ठान में कार्य कराना बाल एवं किशोर श्रम प्रतिषेध एवं विनियमन के अंतर्गत गैर कानूनी है। बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 के अतर्गत बाल श्रमिकों से कार्य कराने वाले व्यक्तियों को 20 हजार रूपये से 50 हजार रूपये तक का जुर्माना और 2 वर्षों तक का कारावास का प्रावधान है।
 इसके अतिरिक्त माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निदेश के आलोक में सभी नियोजकों से 20,000/- (बीस हजार रू.) प्रति बाल श्रमिक की दर से राशि की वसूली की जाएगी।
आज की इस विशेष धावा दल की टीम में श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, सुगौली दिवाकर प्रसाद, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, केसरिया सुरेंद्र कुमार, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, मोतिहारी सदर ज्योति सिंह, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, मेहसी रविरंजन कुमार, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, फेनहरा विकास कुमार मिश्रा, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, संग्रामपुर कीर्तिवर्धन सिंह, प्रयास संस्था से विजय कुमार शर्मा एवं सुगौली एवं केसरिया थाना से 06-06 पुलिस कर्मी एवं एंटी ह्यूमन टै्रफिकिंग यूनिट की टीम  शामिल थी।
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