- नगर निगम आयुक्त द्वारा कार्यो किया गया सहराना, जिलाधिकारी ने दिए निर्देश
गया। पितृपक्ष मेला-2026 की तैयारियों को लेकर जिला पदाधिकारी, गया शशांक शुभंकर ने आज वैतरणी तालाब, ब्रह्मसत वेदी स्थल एवं अक्षयवट वेदी स्थल का निरीक्षण किया है। इस वर्ष पितृपक्ष मेला 25 सितंबर से 10 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होगा। निरीक्षण के दौरान जिला पदाधिकारी ने श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा, स्वच्छता एवं मूलभूत सुविधाओं को लेकर संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।
वैतरणी तालाब
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि तालाब में पानी काफी गहरा है। जिला पदाधिकारी ने तालाब के चारों ओर लगभग 3 फीट पानी के बाद बैरिकेडिंग कराने तथा बैरिकेडिंग के ऊपर लाल झंडे लगाने का निर्देश दिया, ताकि तीर्थयात्री गहरे पानी में न जा सकें। उन्होंने तालाब की सीढ़ियों पर जमी काई की सफाई, पानी की स्वच्छता, घाट पर टूटे टाइल्स की मरम्मत, चेंजिंग रूम एवं पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा है। खराब लाइटों को ठीक कराने तथा घाट के खाली स्थान पर टेंट-पंडाल लगाने का भी निर्देश दिया गया।
जिला पदाधिकारी ने नगर आयुक्त को सभी घाटों पर साफ-सफाई की बेहतर एवं नियमित व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
ब्रह्मसत वेदी स्थल
ब्रह्मसत वेदी स्थल के निरीक्षण के दौरान जिला पदाधिकारी ने बंद पड़े लाइट एंड साउंड प्रोजेक्ट को शीघ्र फंक्शनल कराने का निर्देश दिया, ताकि पितृपक्ष मेला के दौरान गया की धार्मिक एवं ऐतिहासिक महत्ता, पिंडदान की महत्ता तथा भगवान विष्णु से संबंधित कथाओं का प्रसारण किया जा सके।
संवास सदन के भवन में पर्याप्त रोशनी, बिजली, पानी, शौचालय एवं पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा है। ब्रह्मसत वेदी स्थल सहित अन्य वेदी स्थलों के समीप नालों के टूटे ढक्कनों को दुरुस्त कराने तथा जिन स्थानों पर जलजमाव की समस्या है, वहां आवश्यक कार्रवाई कर रास्तों को सुगम बनाने का निर्देश दिया गया है।
अक्षयवट वेदी स्थल
अक्षयवट वेदी स्थल के निरीक्षण के दौरान जिला पदाधिकारी ने श्रद्धालुओं के आवागमन के लिए रास्तों को समतल कराने तथा नालियों के टूटे ढक्कनों की मरम्मत कराने का निर्देश दिया है। वेदी स्थल की रंगाई-पुताई एवं शौचालयों की समुचित साफ-सफाई कराने को कहा गया है।
रुक्मिणी तालाब में जमा गाद की सफाई, तालाब के पानी की स्वच्छता एवं बेसिक सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। वेदी स्थल पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए टेंट-पंडाल लगाने को भी कहा गया है।
अक्षयवट वेदी स्थल स्थित संवास सदन में साफ-सफाई, पेयजल, निर्बाध बिजली आपूर्ति, लाइट एवं पंखे सहित सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाओं को दुरुस्त रखने का निर्देश दिया गया है।
जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि पितृपक्ष मेला के दौरान देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध तरीके से सभी तैयारियां पूर्ण करें। श्रद्धालुओं की सुरक्षा, स्वच्छता, पेयजल, बिजली, प्रकाश व्यवस्था एवं सुगम आवागमन को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी व्यवस्थाएं मेला प्रारंभ होने से पूर्व दुरुस्त करने का निर्देश दिया गया है।
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