मुजफ्फरपुर में 32.66 लाख लोगों की बनी आभा आईडी, मोबाइल से घर बैठे भी बना सकते हैं डिजिटल हेल्थ आईडी

Live News 24x7
4 Min Read
  • 58.7 लाख के लक्ष्य के मुकाबले 55.64 प्रतिशत उपलब्धि
  • गांव स्तर पर आशा के जरिए भी बन रही आभा आईडी
मुजफ्फरपुर। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत जिले में नागरिकों को डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने का अभियान लगातार आगे बढ़ रहा है। जिले में अब तक 32.66 लाख लोगों की आभा आईडी बनाई जा चुकी है। 58.7 लाख के निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले यह 55.64 प्रतिशत उपलब्धि है। नागरिक सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों के साथ गांव स्तर पर आशा कार्यकर्ताओं की मदद से भी आभा आईडी बनवा सकते हैं। इसके अलावा मोबाइल से घर बैठे स्वयं भी आभा आईडी बनाने की सुविधा उपलब्ध है।
14 अंकों की डिजिटल पहचान:
आभा आईडी 14 अंकों की विशिष्ट डिजिटल स्वास्थ्य पहचान है। इसके माध्यम से नागरिक अपनी जांच रिपोर्ट, चिकित्सकीय परामर्श और उपचार से संबंधित स्वास्थ्य रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से सुरक्षित रख सकते हैं। मरीज की सहमति से जरूरत के अनुसार स्वास्थ्य रिकॉर्ड चिकित्सक या स्वास्थ्य सेवा प्रदाता के साथ साझा किया जा सकता है।
मोबाइल से घर बैठे बना सकते हैं आभा आईडी:
आभा आईडी बनाने के लिए नागरिक नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र, स्वास्थ्य उपकेंद्र या कॉमन सर्विस सेंटर की सहायता ले सकते हैं। गांव स्तर पर आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से भी आभा आईडी निर्माण किया जा रहा है। इसके अलावा नागरिक मोबाइल के माध्यम से स्वयं भी निःशुल्क आभा आईडी बना सकते हैं। आरोग्य सेतु ऐप के जरिए भी यह सुविधा उपलब्ध है।
स्कैन एंड शेयर से अस्पताल में पंजीकरण आसान:
स्कैन एंड शेयर सुविधा के तहत मरीज अस्पताल में लगे क्यूआर कोड को मोबाइल से स्कैन कर पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। इससे अस्पताल में पंजीकरण को अधिक सुविधाजनक बनाने में मदद मिलती है। निजी क्षेत्र में पीएमजेएवाई  के तहत सूचीबद्ध अस्पतालों में स्कैन एंड शेयर सुविधा का क्रियान्वयन किया जा चुका है। वहीं, अन्य निजी अस्पतालों में भी इस सुविधा को उपलब्ध कराने के लिए विभाग लगातार कार्य कर रहा है।
डिजिटल रिकॉर्ड से रिपोर्ट संभालना आसान:
आभा आईडी से जुड़े डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड के माध्यम से मरीज अपनी जांच रिपोर्ट और उपचार संबंधी दस्तावेज डिजिटल रूप से व्यवस्थित रख सकते हैं। मरीज की सहमति से चिकित्सक पुराने स्वास्थ्य रिकॉर्ड देख सकते हैं। इससे उपचार के दौरान मरीज की पिछली स्वास्थ्य जानकारी उपलब्ध कराने में सुविधा होती है।
जिला क्रियान्वयन इकाई से ले सकते हैं जानकारी:
जिला कार्यक्रम समन्वयक विमला कुमारी ने बताया कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत अधिक से अधिक नागरिकों को डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। गांव स्तर पर आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से भी लोगों को आभा आईडी निर्माण के लिए सहयोग दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आभा आईडी और स्कैन एंड शेयर सहित डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी के लिए नागरिक 9835235788 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा जिला क्रियान्वयन इकाई (आयुष्मान भारत), सदर अस्पताल स्थित कार्यालय से भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
डिजिटल स्वास्थ्य सेवाएं अपनाने की अपील:
स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से आभा आईडी बनवाने और डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाने की अपील की है। विभाग का उद्देश्य डिजिटल तकनीक के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को नागरिकों के लिए अधिक सुगम और सुविधाजनक बनाना है।
24
Share This Article
Leave a review

Leave a review

Your email address will not be published. Required fields are marked *