बेतिया : मझौलिया प्रखंड के कृषि विज्ञान केंद्र माधोपुर प्रशिक्षण सभागार में शनिवार को बिहार रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी के सौजन्य से कृषि क्षेत्र में ऊर्जा संरक्षण विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण दी गई। प्रशिक्षण का उद्घाटन कृषि विज्ञान केंद्र माधोपुर के वरीय एवं प्रधान वैज्ञानिक डॉ अभिषेक प्रताप सिंह जिला कृषि पदाधिकारी परवीन राय एवं इंस्पेक्टर सह थानाध्यक्ष अभय कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर की गई। कार्यक्रम में अथितियों को स्मृति चिन्ह एवं अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया गया।कार्यक्रम में डॉ अभिषेक प्रताप सिंह ने किसानो को प्रशिक्षण के मुख्य उद्देश्य की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आज के परिदृश्य में ऊर्जा का संरक्षण करना अति महत्वपूर्ण है ।जिससे ऊर्जा के क्षेत्र में आने वाली पीढ़ी का भविष्य सुदृढ़ किया जा सके। पृथ्वी पर ऊर्जा के लिए संघर्ष चल रहा है ।बायोगैस काफी उपयोगी है और किसानों के पास इसके लिए कच्चे माल की कोई कमी नहीं है ।इससे अच्छी खाद और ऊर्जा दोनों तैयार की जा सकती है।जिला कृषि पदाधिकारी प्रवीण कुमार किसानो को बताया कि पूरे विश्व में कोयला यूरेनियम व पेट्रोलियम मुख्य रूप से ऊर्जा के स्रोत है ।लेकिन लगातार प्रयोग होने के कारण अब यह 50 से 100 वर्षों में खत्म होने की कगार पर है।जिसका प्रभाव पुरे पर्यावरण और पारिस्थितिकी तंत्र पर विपरीत प्रभाव देखने को मिल रहा है।आज देश में किसानों की ओर से उत्पादित भूसा ,सब्जियों के छिलके समेत विभिन्न प्रकार के अनाजों से एथेनॉल का उत्पादन किया जा रहा है, इसका प्रयोग पेट्रोल में मिलकर विभिन्न प्रकार के वाहनों के परिचालन में किया जा रहा है ।देश में सौर ऊर्जा वायु ऊर्जा व जल से प्राप्त ऊर्जा क्षेत्र में व्यापक संभावनाएं हैं और उनका कृषि के क्षेत्र मे उपयोग करने की जरूरत है।
इंस्पेक्टर सह थानाध्यक्ष अभय कुमार ने बताया कि गैर पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों के प्रयोग का सही समय है पारंपरिक ऊर्जा स्रोत धीरे-धीरे खत्म होने की कगार पर हैं ।अपनी आवश्यकताओं के अनुसार हमें उपलब्ध सूरज की रोशनी से सौर ऊर्जा का उपयोग करना चाहिए। मौके पर डॉक्टर चेलपुरी रामलू ,सौरभ दुबे ,डॉक्टर धीरू तिवारी, डॉक्टर जगपाल, डॉक्टर रीता देवी यादव आदि मौजूद रहे।
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