रामगढ़ (कैमूर)। सेना के जवान शत्रुघ्न यादव की लखनऊ में इलाज के दौरान बुधवार देर शाम मौत के बाद रामगढ़ में गुरुवार को परिजनों और ग्रामीणों का आक्रोश देखने को मिला। जवान की मौत की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में लोग रामगढ़ पहुंचे और दुर्गा चौक तथा रामगढ़ थाना परिसर में धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। करीब चार घंटे तक चले प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर कार्रवाई की मांग की।
जानकारी के अनुसार, रामगढ़ थाना क्षेत्र के सहूका गांव निवासी सेना के जवान शत्रुघ्न यादव का पिछले सात दिनों से लखनऊ में इलाज चल रहा था। इलाज के दौरान बुधवार की देर शाम उनकी मौत हो गई। जवान की मौत के बाद गुरुवार को परिजनों के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण सड़क पर उतर आए।
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग है कि रामगढ़ थाना अध्यक्ष को निलंबित किया जाए। इसके साथ ही घटना में शामिल बताए जा रहे अन्य आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने की मांग भी की जा रही है। प्रदर्शन के दौरान दुर्गा चौक पर लोगों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
स्थिति की जानकारी मिलते ही प्रशासन और पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे। मोहनिया एसडीएम रत्ना प्रियदर्शिनी, प्रभारी डीएसपी, नुआंव थाना अध्यक्ष, मोहनिया थाना अध्यक्ष समेत विभिन्न थानों की पुलिस रामगढ़ पहुंची। अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे लोगों और जवान के परिजनों से बातचीत शुरू की।
मोहनिया एसडीएम रत्ना प्रियदर्शिनी ने बताया कि सेना के जवान की मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों द्वारा थाना एवं दुर्गा चौक पर धरना-प्रदर्शन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि करीब चार घंटे से प्रदर्शन चल रहा है और प्रशासन की ओर से परिजनों की मांगों को सुना जा रहा है। अधिकारियों द्वारा परिजनों से बातचीत कर मामले को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने का प्रयास किया जा रहा है।
खबर लिखे जाने तक रामगढ़ में धरना-प्रदर्शन जारी था। मौके पर पुलिस बल तैनात रहा और प्रशासनिक अधिकारी प्रदर्शनकारियों से बातचीत में जुटे थे।
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