इस्कॉन गया में भव्य एवं शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव

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  • जिला प्रशासन के सहयोग से लाखों श्रद्धालुओं ने किए भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन
  • डीएम, एसडीएम एवं एसएसपी ने जन्माष्टमी की पूर्व संध्या पर मंदिर पहुंचकर तैयारियों का लिया जायजा
गया जी। में भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य दिवस **श्रीकृष्ण जन्माष्टमी** का भव्य महोत्सव आज इस्कॉन गया में अत्यंत उत्साह, भक्ति एवं शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ है ।जन्माष्टमी के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस्कॉन गया पहुंचे और भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन, हरिनाम संकीर्तन, श्रीकृष्ण कथा, महाभिषेक एवं महाआरती में भाग लिया है।
इस्कॉन गया के मंदिर अध्यक्ष ** जगदीश श्याम दास** ने जन्माष्टमी महोत्सव के सफल एवं शांतिपूर्ण आयोजन के लिए सभी श्रद्धालुओं, भक्तों, स्वयंसेवकों तथा जिला प्रशासन का हृदय से आभार व्यक्त किया है।
प्रशासन ने दिखाई गंभीरता, पूर्व संध्या पर अधिकारियों ने किया निरीक्षण
जन्माष्टमी के एक दिन पूर्व **जिला पदाधिकारी , अनुमंडल पदाधिकारी ( एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ** ने रात्रि में इस्कॉन गया मंदिर पहुंचकर जन्माष्टमी की तैयारियों का जायजा लिया गया है।
अधिकारियों ने मंदिर परिसर, श्रद्धालुओं के प्रवेश एवं निकास, भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था तथा यातायात व्यवस्था का निरीक्षण किया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं।
 जगदीश श्याम दास ने कहा कि अधिकारियों के इस दौरे से मंदिर प्रशासन एवं भक्तों में विश्वास बढ़ा और प्रशासन द्वारा सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीरता दिखाई गई है।
पर्याप्त पुलिस बल एवं बैरिकेडिंग की मिली अनुमति
जन्माष्टमी के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए **स्थानीय प्रशासन द्वारा पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध कराया गया**, जिससे मंदिर परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा एवं भीड़ नियंत्रण व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित हो सकी।
इसके साथ ही मंदिर प्रशासन को **सड़क पर आवश्यक बैरिकेडिंग करने की अनुमति** भी प्रदान की गई। मंदिर प्रशासन एवं स्वयंसेवकों ने प्रशासन के सहयोग से श्रद्धालुओं की कतार एवं आवागमन को व्यवस्थित करने के लिए बैरिकेडिंग की व्यवस्था की है।
 जगदीश श्याम दास ने कहा कि प्रशासन के सहयोग से श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था को बेहतर ढंग से संभालने में काफी सहायता मिली है।
उन्होंने कहा,“हम जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन एवं सभी संबंधित अधिकारियों के प्रति विशेष आभार व्यक्त करते हैं। जन्माष्टमी जैसे विशाल आयोजन में प्रशासन का सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। अधिकारियों ने समय रहते स्थिति को समझा और आवश्यक सहयोग प्रदान किया गया है।”**
भक्ति एवं आध्यात्मिक कार्यक्रमों से गूंजा इस्कॉन गया
जन्माष्टमी के अवसर पर प्रातः 4:30 बजे मंगल आरती से कार्यक्रमों का शुभारंभ हुआ। इसके बाद मंत्र ध्यान, गुरु पूजा एवं श्रीकृष्ण कथा सहित दिनभर विभिन्न आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं।
पूरे दिन मंदिर परिसर हरिनाम संकीर्तन एवं भक्तिमय वातावरण से गूंजता रहा। श्रद्धालुओं के लिए विशेष दर्शन व्यवस्था, स्वागत, प्रसाद एवं अन्य सेवाओं की व्यवस्था की गई है।
रात्रि में भगवान श्रीकृष्ण का भव्य महाभिषेक किया गया। पंचगव्य, पंचामृत, विभिन्न फलों के रस, तीर्थ जल, गुलाब जल, चंदन सहित अनेक पवित्र द्रव्यों से भगवान का अभिषेक किया गया है।
रात्रि 11:30 बजे भगवान श्रीकृष्ण को 108 भोग अर्पित किए गए तथा मध्यरात्रि 12 बजे महाआरती के साथ भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य का उत्सव मनाया गया है।
पांच भव्य झांकियां रहीं विशेष आकर्षण
जन्माष्टमी महोत्सव में दो झूला झांकियों एवं तीन मंदिर झांकियों सहित पांच भव्य झांकियां श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहीं हैं।
विशेष रूप से वृंदावन वाले श्री राधारमण जी के दर्शन श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण रहे। मंदिर परिसर को फूलों, रंग-बिरंगी रोशनी एवं रंगोली से भव्य रूप से सजाया गया था।
हजारों स्वयंसेवकों ने संभाली व्यवस्थाएं
जन्माष्टमी महोत्सव को व्यवस्थित बनाने में बड़ी संख्या में भक्तों एवं स्वयंसेवकों ने विभिन्न सेवाओं में योगदान दिया है। दर्शन व्यवस्था, कतार प्रबंधन, प्रसाद वितरण, सुरक्षा सहयोग, यातायात प्रबंधन, चिकित्सा सहायता, स्वच्छता एवं अन्य विभागों के स्वयंसेवकों ने पूरे उत्साह के साथ सेवा की।
 जगदीश श्याम दास ने कहा कि **भक्तों एवं स्वयंसेवकों की निस्वार्थ सेवा इस महोत्सव की सबसे बड़ी शक्ति रही है।
5 सितंबर को नंदोत्सव एवं श्रील प्रभुपाद आविर्भाव दिवस
इस्कॉन गया में जन्माष्टमी के अगले दिन 5 सितंबर 2026 को नंदोत्सव एवं श्रील प्रभुपाद आविर्भाव दिवस भी भव्य रूप से मनाया जाएगा।
दोपहर 12 बजे पुष्पांजलि, भोग एवं आरती का आयोजन होगा। इसके बाद शाम 4 बजे से 8 बजे तक विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
इस कार्यक्रम में हरिनाम संकीर्तन, सांस्कृतिक नृत्य, नाटक एवं श्रील प्रभुपाद की महिमा का गुणगान प्रमुख आकर्षण होंगे।
इस अवसर पर लगभग 10,000 श्रद्धालुओं के लिए भव्य भंडारा प्रसाद की भी व्यवस्था की गई है।
 जगदीश श्याम दास ने सभी गया धामवासियों एवं श्रद्धालुओं से 5 सितंबर को नंदोत्सव एवं श्रील प्रभुपाद आविर्भाव दिवस के कार्यक्रमों में सपरिवार शामिल होने की अपील की है।
उन्होंने कहा कि जन्माष्टमी के सफल आयोजन के बाद भी इस्कॉन गया का उत्सव जारी है और 5 सितंबर का दिन श्रील प्रभुपाद के प्रति कृतज्ञता एवं उनके द्वारा विश्वभर में श्रीकृष्ण भक्ति के प्रचार के स्मरण का विशेष अवसर है।
प्रशासन एवं श्रद्धालुओं के प्रति आभार
 जगदीश श्याम दास ने जन्माष्टमी महोत्सव के सफल आयोजन के लिए **जिला पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, पुलिस प्रशासन, जिला प्रशासन एवं सभी संबंधित विभागों के प्रति आभार व्यक्त किया है।
उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध कराने तथा मंदिर प्रशासन को सड़क पर बैरिकेडिंग करने की अनुमति देने से विशाल जनसमूह को व्यवस्थित करने में महत्वपूर्ण सहायता मिली है।
उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा एवं शांतिपूर्ण दर्शन के लिए प्रशासन और समाज के सहयोग से ही ऐसे बड़े धार्मिक आयोजन सफल हो सकते हैं।
इस्कॉन गया ने सभी भक्तों, सेवकों, स्वयंसेवकों, स्थानीय नागरिकों एवं प्रशासन के प्रति हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि सामूहिक सहयोग से **श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का यह भव्य आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ है।
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