जेडीयू (Janta Dal United) नेता निशांत कुमार के साथ एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान एक बेहद चौंकाने वाली और हैरान कर देने वाली घटना घटी है, जिसने राजनीतिक गलियारों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर तीखे सवाल खड़े कर दिए हैं। बिहार की राजनीति में अपनी सादगी और शांत स्वभाव के लिए पहचाने जाने वाले निशांत कुमार जब जनता के बीच पहुंचे, तो वहां का माहौल पलभर में अफरा-तफरी में बदल गया। आमतौर पर नेताओं का स्वागत उनके समर्थकों द्वारा फूल-मालाओं, तालियों और नारों के साथ किया जाता है, लेकिन इस बार स्वागत का यह पारंपरिक तरीका उनके लिए भारी पड़ गया और देखते ही देखते उनके गले से लाखों रुपये कीमती सोने की चेन गायब हो गई। इस सनसनीखेज वारदात के सामने आने के बाद से ही स्थानीय पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया है और सुरक्षा एजेंसियों के हाथ-पैर फूल गए हैं।
घटना की शुरुआत तब हुई जब जेडीयू नेता निशांत कुमार एक तयशुदा कार्यक्रम के तहत कार्यकर्ताओं से मिलने और उनका अभिवादन स्वीकार करने पहुंचे थे। उनके आगमन की खबर मिलते ही वहां भारी संख्या में समर्थकों और आम लोगों की भीड़ जमा हो गई। इस दौरान हर कोई अपने नेता के करीब जाकर उन्हें माला पहनाने और उनके साथ तस्वीर खिंचवाने की होड़ में लगा हुआ था। भीड़ इतनी ज्यादा अनियंत्रित और भारी थी कि वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों के लिए स्थिति को संभालना बेहद मुश्किल साबित हो रहा था। इसी भीड़भाड़ और भारी धक्का-मुक्की का फायदा शातिर किस्म के जेबकतरों और चोरों ने उठा लिया। जैसे ही एक उत्साही समर्थक ने आगे बढ़कर निशांत कुमार के गले में माला पहनाई, ठीक उसी सेकंड भीड़ की आड़ में खड़े शातिर चोरों ने बेहद सफाई के साथ उनके गले पर हाथ साफ कर दिया। किसी को भी भनक तक नहीं लगी कि इतनी टाइट सिक्योरिटी के बीच इस तरह की दुस्साहसिक घटना को अंजाम दिया जा चुका है।
कार्यक्रम स्थल पर अचानक कैसे उड़े चोर और क्या कहती है पुलिस की शुरुआती जांच
जब माला पहनाने के बाद माहौल थोड़ा शांत हुआ और निशांत कुमार ने महसूस किया कि उनके गले से सोने कीमती चेन गायब है, तो उनके होश उड़ गए। आनन-फानन में इस बात की जानकारी मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों और पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों को दी गई। इसके बाद कार्यक्रम स्थल पर हड़कंप मच गया और चारों तरफ अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। आनन-फानन में खोजबीन शुरू की गई, लेकिन तब तक भीड़ का फायदा उठाकर चोर वहां से रफूचक्कर हो चुके थे। शुरुआती अनुमान के मुताबिक चोरी गई उस सोने की चेन की कीमत करीब 7 लाख रुपये बताई जा रही है, जो काफी भारी-भरकम और मूल्यवान थी। इस हाई-प्रोफाइल चोरी की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस तुरंत हरकत में आ गई और मौके पर पहुंचकर छानबीन शुरू कर दी। पुलिस अब घटनास्थल और आसपास के इलाकों में लगे तमाम सीसीटीवी फुटेज को खंगालने में जुटी हुई है ताकि उन शातिर चोरों की पहचान की जा सके जो इस शातिर वारदात को अंजाम देकर आसानी से फरार हो गए।
नेताओं की सुरक्षा में बड़ी चूक और राजनीतिक गलियारों में मची खलबली
इस पूरी घटना ने एक बार फिर से सार्वजनिक कार्यक्रमों में नेताओं की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवालिया निशान लगा दिए हैं। सवाल यह उठता है कि आखिर इतने बड़े और वीवीआईपी कार्यक्रमों में पुलिस प्रशासन और निजी सुरक्षा गार्ड्स क्या कर रहे थे? क्या भीड़ के बीच असामाजिक तत्वों और चोरों की पहचान करने के लिए कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए थे? इस सनसनीखेज कांड के बाद से विरोधी दलों को भी बैठे-बिठाए सरकार और स्थानीय प्रशासन को घेरने का एक बड़ा मौका मिल गया है। राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा जोरों पर है कि जब बिहार में राजनेताओं और वीआईपी लोगों की सुरक्षा का यह आलम है, तो आम जनता की सुरक्षा का क्या हाल होगा। फिलहाल पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे मामले की गंभीरता को देखते हुए हर एंगल से जांच कर रहे हैं और जल्द ही आरोपियों को दबोच लिया जाएगा, लेकिन इस घटना ने निशांत कुमार के समर्थकों को निराश और हैरान जरूर कर दिया है।
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