- रवीन्द्रनाथ टैगोर अपने साहित्य, दर्शन और शिक्षा के माध्यम से पूरे विश्व को भारतीय संस्कृति की महानता से परिचित कराया।- राजेन्द्र अधिवक्ता संतोष ठाकुर
गया जी। भारत के महान दार्शनिक, साहित्यकार, शिक्षाविद, नोबेल पुरस्कार विजेता तथा राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के रचयिता गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर की पुण्यतिथि के अवसर पर आज उनके चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए भाजपा नेता डॉ. मनीष पंकज मिश्रा ने गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गुरुदेव केवल एक महान कवि ही नहीं, बल्कि एक ऐसे युगदृष्टा थे जिन्होंने अपने साहित्य, दर्शन और शिक्षा के माध्यम से पूरे विश्व को भारतीय संस्कृति की महानता से परिचित कराया।
उन्होंने कहा कि रवीन्द्रनाथ टैगोर को भारत का प्रथम नोबेल पुरस्कार विजेता होने का गौरव प्राप्त है। उनकी रचनाओं में मानवता, राष्ट्रप्रेम, प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और विश्व बंधुत्व का अद्भुत समन्वय देखने को मिलता है। डॉ. मिश्रा ने कहा कि गुरुदेव द्वारा रचित भारत का राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ आज प्रत्येक भारतीय के हृदय में राष्ट्रभक्ति की भावना का संचार करता है।
उनकी शिक्षा और विचार आज भी युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। उन्होंने शांति निकेतन की स्थापना कर शिक्षा को नई दिशा दी तथा भारतीय संस्कृति और आधुनिक शिक्षा के समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया श्रद्धा सुमन अर्पितकरते हुए भाजपा प्रदेश कार्य समिति सदस्य राजेंद्र प्रसाद अधिवक्ता ने कहा कि गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर का जीवन हमें सिखाता है कि ज्ञान, साहित्य, कला और संस्कृति किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति होती है। उनके विचार सदैव समाज को एकता, सद्भाव, प्रेम और मानवता का संदेश देते रहेंगे। आज आवश्यकता है कि नई पीढ़ी उनके जीवन, साहित्य और आदर्शों का अध्ययन करे तथा उन्हें अपने जीवन में आत्मसात करे।
उपस्थित सभी लोगों ने उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके अमूल्य योगदान को नमन किया है। आज श्रद्धा सुमन अर्पित करने वालों में श्याम किशोर मिश्रा समृद्धि साक्षी प्रिया क्षितिजा कौशिक रविंद्र कुमार सुधीर कुमार संतोष कुमार आकाश कुमार मंटू कुमार बबलू गुप्ता राजू मिश्रा गोपाल यादव दीपक कुमार पांडे सुनील मिश्रा सहित अन्य।
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