मझौलिया। सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। महिलाओं को खेती-किसानी से जोड़कर उनकी आय बढ़ाने के साथ परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने की दिशा में भी पहल की जा रही है। कृषि के साथ पशुपालन, खाद्य प्रसंस्करण और अन्य आजीविका गतिविधियों से जुड़कर महिलाएं अपनी आमदनी का अतिरिक्त स्रोत विकसित कर सकती हैं। यह बातें सांसद डॉ. संजय जायसवाल ने रविवार को कहीं।
सांसद ने मझौलिया प्रखंड के छौराहा स्थित राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय परिसर में समग्र शिक्षा एवं विकास संस्थान, बेतिया की ओर से आयोजित समेकित आजीविका परियोजना के कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम का उद्घाटन सांसद डॉ. संजय जायसवाल ने दीप प्रज्वलित कर किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं में हुनर और मेहनत की कमी नहीं है। जरूरत है उन्हें उचित प्रशिक्षण, बाजार और संसाधनों से जोड़ने की। इससे महिलाएं आत्मनिर्भर बनने के साथ अपने परिवार की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं की ओर से विभिन्न घरेलू एवं कृषि आधारित उत्पादों के स्टाल लगाए गए। सांसद ने स्टालों का अवलोकन कर महिलाओं से उत्पादों की जानकारी ली और उनके प्रयासों की सराहना की। आयोजकों ने परियोजना के माध्यम से महिलाओं को आजीविका के विभिन्न साधनों से जोड़ने की जानकारी दी।
मौके पर दशरथ प्रसाद, अमित कुमार, अनीता देवी, मनोरमा देवी, झुन्नू कुमार, ललन ओझा समेत बड़ी संख्या में जीविका दीदियां मौजूद रहीं।
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