Live News 24×7 के लिए कैलाश गुप्ता।
बच्चों के निवाले पर ‘डाका’, सरकारी मीनू को दिखाया जा रहा है ठेंगा। अंडे और मौसमी फल की जगह बांटे जा रहे बिस्किट।
मोतिहारी। कल शुक्रवार को विभागीय मीनू के अनुसार छात्रों मौसमी फल या अंडा खिलाने के प्रावधान किया गया है परंतु विद्यालयों की मनमानी के कारण अंडे या फल के बदले बच्चों के बीच तीन रुपये वाली बिस्कुट का वितरण कर राशि की चोरी करने का एक मामला प्रकाश में आ रही है।
यह मामला जिले के घोड़ासहन प्रखंड के राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय, चम्पापुर सपहा का है जहां अंडा व फल के बदले बिस्कुट वितरण किया जा रहा है।
उक्त के संबंध में जब प्रखंड साधनसेवी एमडीएम भारत भूषण से वार्ता किया गया तो उन्होंने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि मेरे संज्ञान में भी यह बात आई है, इसकी जांच कर शीघ्र कार्रवाई होगी।
वहीं बताया जाता है कि इस तरह के मामले एक ही विद्यालय की नहीं है ऐसे मामले पूर्व में भी कई विद्यालयों द्वारा उजागर हुआ है इसके बावजूद संबंधित संभाग के अधिकारियों द्वारा कार्रवाई के नाम पर कागजी खानापूर्ति कर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। विभाग द्वारा ठोस कदम नहीं उठाए जाने के कारण ही रोज ब रोज ऐसे मामले देखने को मिल रहा है।
गौरतलब हो कि मिड-डे मील (PM POSHAN) योजना के नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। सरकार की सख्त हिदायतों के बावजूद बच्चों के पोषण के साथ खिलवाड़ का एक बड़ा खेल उजागर हो रहा है। सरकारी गाइडलाइन के अनुसार बच्चों को दिए जाने वाले अंडे और मौसमी फल को मेनू से पूरी तरह लगभग गायब कर दिया गया है।
पौष्टिक आहार (अंडे/फल) की जगह बच्चों के हाथों में सस्ते बिस्किट थमाकर कागजी खानापूर्ति की जा रही है। सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर नौनिहालों को सेहतमंद बनाने की कोशिश में जुटी है, लेकिन स्थानीय स्तर पर प्रशासन की नाक के नीचे इस योजना को ठप किया जा रहा है।
बड़ा सवाल तो यह है कि बच्चों के हक की इस पौष्टिक आहार की राशि आखिर किसकी जेब में जा रही है?………
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