बंगाल की खाड़ी में उठा चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ (Cyclone Arnab) तेजी से सक्रिय होकर एक ‘बेहद गंभीर चक्रवाती तूफान’ (Very Severe Cyclonic Storm) का रूप ले चुका है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, यह चक्रवाती तंत्र पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर केंद्रित है और लगातार उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि यह तूफान 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटे की निरंतर हवाओं और 140 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाले खतरनाक झोंकों (Gusting Winds) के साथ आंध्र प्रदेश के बापटला और विशाखापट्टनम (यानम के समीप) के बीच तट से टकराएगा (लैंडफॉल करेगा)। इस भीषण सिस्टम के प्रभाव से समुद्र में कई मीटर ऊंची तूफानी लहरें उठने लगी हैं, जिसके चलते तटीय क्षेत्रों में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त हिदायत दी गई है और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) व एसडीआरएफ की कई टीमें संवेदनशील जिलों में पहले से तैनात कर दी गई हैं।
इन 5 राज्यों पर मंडरा रहा सबसे बड़ा खतरा: मूसलाधार बारिश और आंधी की चेतावनी
मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि चक्रवात अर्नब का असर सिर्फ तटीय सीमा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जैसे-जैसे यह सिस्टम जमीनी इलाकों में दाखिल होगा, देश के कम से कम पांच बड़े राज्यों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बिगड़ जाएगा।
- 1. आंध्र प्रदेश: तूफान का केंद्र होने के कारण राज्य के विशाखापट्टनम, अनकापल्ली, विजयनगरम, श्रीकाकुलम, बापटला और काकीनाडा जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। यहां 70 से 140 किमी प्रति घंटे की तूफानी हवाओं से कच्चे मकानों, पेड़ों और बिजली के खंभों को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका है।
- 2. ओडिशा: दक्षिणी ओडिशा के मलकानगिरी, कोरापुट, रायगड़ा, गजपति और गंजम जिलों में मूसलाधार बारिश और 50 से 60 किमी प्रति घंटे की तेज आंधी की चेतावनी जारी की गई है। निचले इलाकों में जलभराव और अचानक बाढ़ (Flash Floods) की स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने राहत शिविर तैयार कर लिए हैं।
- 3. पश्चिम बंगाल: गंगा के तटीय जिलों जैसे दक्षिण 24 परगना, पूर्व मेदिनीपुर, हावड़ा और कोलकाता में घने काले बादल छाए हुए हैं और तेज हवाओं के साथ भारी बारिश का दौर शुरू होने का अनुमान है। इसके साथ ही उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में भी मध्यम से भारी वर्षा के आसार हैं।
- 4. छत्तीसगढ़ व झारखंड: तूफान के अंदरूनी हिस्सों में प्रवेश करने के बाद उत्तरी छत्तीसगढ़ और उससे सटे झारखंड के इलाकों में भारी बारिश दर्ज की जाएगी, जिससे नदियों के जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी हो सकती है।
- 5. तेलंगाना: पूर्वी तेलंगाना के कई जिलों में गरज-चमक के साथ तेज बौछारें और आंधी चलने का यलो और ऑरेंज अलर्ट लागू किया गया है।
बिहार और उत्तर प्रदेश में बदलेगा मौसम: लखनऊ से पटना तक तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश
चक्रवाती सिस्टम के आगे बढ़ने और पूर्वी हवाओं के साथ भारी नमी के उत्तर भारत की तरफ खिंचने के कारण बिहार और उत्तर प्रदेश के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
- बिहार का हाल: मौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार, चक्रवात के प्रभाव से पूरे बिहार में घने बादलों की आवाजाही बढ़ गई है। विशेष रूप से दक्षिण और पूर्वी बिहार के भागलपुर, बांका, जमुई, पूर्णिया, कटिहार और पटना में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है। तापमान में गिरावट आने से मौसम में ठंडक घुलने के आसार हैं।
- उत्तर प्रदेश (अवध से पूर्वांचल तक): चक्रवात अर्नब के नमी वाले बादल उत्तर प्रदेश के पूर्वी और तराई बेल्ट को सीधे प्रभावित करेंगे। गोरखपुर, देवरिया, बलिया, वाराणसी, प्रयागराज और आसपास के पूर्वांचल जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं राजधानी लखनऊ, कानपुर और अवध क्षेत्र में 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने और हल्की से मध्यम बारिश के चलते दिन के तापमान में 5 से 8 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है।
किसानों और आम नागरिकों के लिए एडवाइजरी: क्या बरतें सावधानी?
मौसम विभाग और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों ने आम जनता के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
- खेतों में खड़ी फसलों की सुरक्षा: इस समय खरीफ फसलों की कटाई और रबी की बुवाई का दौर चल रहा है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे कटी हुई धान की फसल को खुले खेतों से हटाकर सुरक्षित स्थानों या गोदामों में रखें, ताकि बारिश और तेज आंधी से फसलों को नुकसान न पहुंचे।
- बिजली और खंभों से दूरी: आंधी-तूफान के दौरान पुराने जर्जर पेड़ों, होर्डिंग्स और बिजली के ट्रांसफार्मरों के नीचे खड़े होने से बचें।
- आपातकालीन तैयारी: तटीय और संभावित जलभराव वाले इलाकों के निवासी अपने मोबाइल फोन, पावर बैंक, टॉर्च और जरूरी दवाओं का स्टॉक पहले से तैयार रखें। किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करें और केवल आधिकारिक मौसम बुलेटिन पर ही भरोसा करें।
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