CM योगी ने कहा- इस साल फिर बनेगा नया विश्व रिकॉर्ड, जगमगाएगी रामनगरी

Live News 24x7
5 Min Read

भगवान श्रीराम की पावन नगरी अयोध्या एक बार फिर इतिहास रचने के लिए पूरी तरह तैयार है। उत्तर प्रदेश की धर्मनगरी अयोध्या में इस बार का दीपोत्सव बेहद खास होने जा रहा है, क्योंकि यह राज्य सरकार के कार्यकाल का 10वां ऐतिहासिक दीपोत्सव है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीपोत्सव की तैयारियों की समीक्षा करते हुए बड़ा बयान दिया है कि इस वर्ष सरयू के घाटों पर लाखों दीये जलाकर एक बार फिर नया वैश्विक विश्व रिकॉर्ड (Guinness World Record) बनाया जाएगा। राम मंदिर के भव्य निर्माण और प्राण प्रतिष्ठा के बाद आयोजित हो रहे इस 10वें दीपोत्सव को लेकर देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के राम भक्तों में अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री कार्यालय और जिला प्रशासन ने इस आयोजन को अलौकिक और अकल्पनीय बनाने के लिए कमर कस ली है, जिससे रामनगरी की खूबसूरती इन दिनों देखते ही बन रही है।

#1 त्रेतायुग का अहसास कराती अयोध्या: भव्य राम मंदिर से लेकर आधुनिक सुविधाओं का संगम

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सोशल मीडिया संदेश और उच्च स्तरीय बैठकों में साझा करते हुए कहा कि 2017 से पहले जो अयोध्या उपेक्षा, अव्यवस्था और बदहाली का दंश झेल रही थी, आज वह प्रभु श्री राम की कृपा से अपनी खोई हुई प्राचीन गरिमा को वापस पा चुकी है। आज भव्य और दिव्य श्री राम मंदिर, महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, चौड़े और सुसज्जित रामपथ, नव्य घाटों, आधुनिक सुविधाओं और एक सोलर सिटी के रूप में विकसित होती अयोध्या आज ‘आस्था और आधुनिकता की अद्भुत संगम स्थली’ बन चुकी है। 10वें दीपोत्सव का यह महापर्व उन पीढ़ियों के सपनों का उजास है, जिन्होंने सदियों तक अपने राम की नगरी को त्रेतायुगीन स्वरूप में देखने की गहरी अभिलाषा संजो रखी थी।

#1 सरयू के घाटों पर बिछेगी दीपों की कतारें, स्वयंसेवकों और विश्वविद्यालयों की फौज तैयार

10वें दीपोत्सव को ऐतिहासिक और भव्य बनाने के लिए सरयू नदी के विभिन्न घाटों (विशेषकर राम की पैड़ी) पर दीपों को सजाने का काम युद्ध स्तर पर शुरू हो गया है। इस बार के दीपोत्सव में पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ने की तैयारी है। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय, विभिन्न कॉलेजों के हजारों छात्र-छात्राएं, एनसीसी (NCC) कैडेट्स और स्वयंसेवक मिलकर लाखों दीयों को घाटों पर व्यवस्थित रूप से बिछाने और उनमें तेल-बाती डालने का काम करेंगे। दीपोत्सव के दिन पूरी रामनगरी को त्रेतायुगीन शैली में सजाया जाएगा, जहां हर एक गली, चौराहे और मंदिर को भव्य विद्युत प्रकाश से जगमगाया जाएगा। सुरक्षा और ट्रैफिक प्रबंधन के भी कड़े इंतजाम किए गए हैं ताकि देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

#1 लोकल इकोनॉमी और कुम्हारों के जीवन में आ रही है बहार

अयोध्या का दीपोत्सव केवल धार्मिक आस्था का ही केंद्र नहीं है, बल्कि यह स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिकी को मजबूत करने का एक बड़ा जरिया बन चुका है। दीपोत्सव के इस विशाल आयोजन के लिए अयोध्या और आसपास के जिलों के हजारों कुम्हारों और कारीगरों को बड़े पैमाने पर मिट्टी के दीये बनाने के ऑर्डर मिले हैं। आधुनिक इलेक्ट्रिक चाक और पर्यावरण के अनुकूल तकनीकों का उपयोग करके कुम्हार इस बार रिकॉर्ड संख्या में दीयों का निर्माण कर रहे हैं। इस मेगा इवेंट से स्थानीय हस्तशिल्प, होटल कारोबार, ट्रांसपोर्ट और रेस्टोरेंट इंडस्ट्री को जबरदस्त आर्थिक प्रोत्साहन मिल रहा है, जिससे छोटे व्यापारियों के चेहरों पर भी भारी उत्साह देखा जा रहा है।

#1 लेजर शो, रामलीला और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से सजेगी शाम

दीपोत्सव के मुख्य दिवस पर सरयू तट पर होने वाला लेज़र लाइट एंड साउंड शो, डिजिटल आतिशबाजी (Eco-friendly Fireworks) और देश-विदेश के विभिन्न राज्यों से आने वाले कलाकारों द्वारा प्रस्तुत की जाने वाली रामलीलाएं इस उत्सव के मुख्य आकर्षण होंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए हैं कि दीपोत्सव के दौरान आने वाले प्रत्येक अतिथि और श्रद्धालु को उत्तर प्रदेश की समृद्ध संस्कृति, अतिथि देवो भवः की परंपरा और आध्यात्मिक ऊर्जा का अहसास होना चाहिए। प्रशासन ने अपील की है कि जो लोग अयोध्या नहीं पहुंच पा रहे हैं, वे अपने घरों में दीये जलाकर इस पावन उत्सव का हिस्सा बनें।

29
Share This Article
Leave a review

Leave a review

Your email address will not be published. Required fields are marked *