- कन्वर्जेन्स 3.0 में उद्योग एवं स्वास्थ्य क्षेत्र के दिग्गजों ने बदलाव, परिवर्तन और नवाचार पर की चर्चा
बोध गया।आईआईएम बोध गया ने 13 सितंबर 2026 को अपने प्रमुख हेल्थकेयर समिट ‘कन्वर्जेन्स 3.0’ का आयोजन किया। इस अवसर पर उद्योग जगत के दिग्गजों, स्वास्थ्य क्षेत्र के पेशेवरों और विशेषज्ञों ने एक मंच पर आकर “द नेक्स्ट फ्रंटियर ऑफ हेल्थकेयर:परिवर्तन का नेतृत्व, क्षमताओं का निर्माण और प्रभाव का विस्तार” विषय पर विचार-विमर्श किया है। समिट के दौरान स्वास्थ्य क्षेत्र में नेतृत्व और रणनीतिक परिवर्तन, स्वास्थ्य क्षेत्र के कार्यबल का भविष्य प्रतिभा, कौशल और संगठनात्मक परिवर्तन तथा स्वास्थ्य सेवा में डिजिटल परिवर्तन, जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। इन सत्रों में स्वास्थ्य क्षेत्र की बदलती आवश्यकताओं, उभरती चुनौतियों और स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी एवं सशक्त बनाने के लिए आवश्यक क्षमताओं पर विस्तार से विचार किया गया है।
इस कार्यक्रम की शुरुआत गणेश वंदना के साथ हुई, जिसके बाद पारंपरिक दीप प्रज्वलन किया गया है। आईआईएम बोध गया की निदेशक प्रो. विनिता एस. सहाय ने प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए संस्थान की यात्रा और विद्यार्थियों की आकांक्षाओं को पूरा करने के प्रति उसकी जिम्मेदारी पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “विद्यार्थियों की आँखों में बड़े सपनों की चमक होती है।” और उन आकांक्षाओं को पूरा करना हमारी जिम्मेदारी है। हम पूरे आशावाद के साथ आगे बढ़ रहे हैं और इन विद्यार्थियों की आकांक्षाओं को पूरा करना सबसे महत्वपूर्ण और चुनौतीपूर्ण कार्य है, और संस्थान इसके लिए निरंतर प्रयासरत है। स्वास्थ्य क्षेत्र की प्रासंगिकता पर बात करते हुए उन्होंने बदलते स्वास्थ्य सेवा परिवेश को समझने और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने में योगदान देने में सक्षम करने की आवश्यकता पर जोर दिया है। बिहार के साथ संस्थान के जुड़ाव को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा, “बिहार हमारा कर्म और योगदान का स्थान है,” और राज्य एवं उसके लोगों के प्रति आईआईएम बोध गया की प्रतिबद्धता दोहराई है।
एमबीए (हॉस्पिटल एंड हेल्थकेयर मैनेजमेंट) की चेयरपर्सन प्रो. स्वप्नराग स्वैन ने स्वास्थ्य क्षेत्र में तेजी से हो रहे बदलावों के बीच स्वास्थ्य सेवाओं को नए दृष्टिकोण से देखने की आवश्यकता पर जोर दिया है। उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम शैक्षणिक अध्ययन के साथ-साथ उद्योग जगत के अनुभव के माध्यम से सक्षम प्रबंधन पेशेवर तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। श्री कुंदन कुमार (आईएएस ), सचिव, उद्योग विभाग, बिहार सरकार ने अस्पतालों से आगे बढ़कर व्यापक स्वास्थ्य सेवा पारिस्थितिकी तंत्र पर चर्चा की। उन्होंने कार्यक्रम को “समय की मांग” बताते हुए कहा कि प्रतिभा, संपर्क, बुनियादी ढांचे और शैक्षणिक व्यवस्था के कारण बिहार में स्वास्थ्य क्षेत्र में व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं।
पहले पैनल “स्वास्थ्य सेवा में नेतृत्व: दृष्टि, प्रशासन एवं रणनीतिक परिवर्तन” ने स्वास्थ्य क्षेत्र में हो रहे बदलावों और इसके भविष्य को प्रभावित करने वाले विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। पैनल में बढ़ते प्राइवेट इक्विटी निवेश, अस्पतालों के विस्तार एवं एकीकरण, स्वास्थ्य बीमा की बढ़ती पहुंच, स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच में मौजूद कमियों तथा उभरती स्वास्थ्य जरूरतों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श हुआ है।इस पैनल में डॉ. निश्चल नवीन, फाउंडर एवं डायरेक्टर, वॉयस ऑफ हेल्थकेयर; अभिषेक पी. सिंह, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, डेलॉइट; हर्षित अग्रवाल, हेड ऑफ मार्केटिंग, अवीवा इंडिया; मुकेश सिन्हा, डायरेक्टर, ओसेल डिवाइसेज एवं एमडी, एसएफएल हियरिंग सॉल्यूशंस; डॉ. देवेश आर. दास, प्रेसिडेंट, कैडिला फार्मास्यूटिकल्स; तथा डॉ. विजय चार्लू, प्रेसिडेंट, इंडिया बिजनेस, कोरोना रेमेडीज ने अपने विचार साझा किए हैं।
दूसरे पैनल में “स्वास्थ्य सेवा कार्यबल का भविष्य: प्रतिभा, कौशल एवं संगठनात्मक परिवर्तन” विषय पर आयोजित सत्र में स्वास्थ्य क्षेत्र में बदलती कार्यबल आवश्यकताओं और संगठनों की बदलते परिवेश के अनुरूप तैयारी पर चर्चा की गई। सत्र के दौरान तकनीकी बदलावों को अपनाने, मरीजों के साथ संबंधों, एचआर के माध्यम से संगठनात्मक परिवर्तन, एआई एवं डिजिटलाइजेशन, प्रतिभा विकास, कस्टमाइज्ड लर्निंग और क्षमताओं के निर्माण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श हुआ है। सत्र में एस. वी. किरण, ग्रुप चीफ पीपल ऑफिसर, एस्टर डीएम क्वालिटी केयर लिमिटेड; डॉ. सत्यजीत कुमार सिंह, सीनियर यूरोलॉजिस्ट एवं एमडी, रुरबन ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स; बलकिशन शर्मा, चीफ ह्यूमन रिसोर्सेज ऑफिसर एवं बिजनेस ट्रांसफॉर्मेशन ऑफिसर, पारस हेल्थकेयर लिमिटेड; रूपक राठौर, हेड एचआर एवं एलएंडडी , ज़ाइडस लाइफ; मोनिका गर्ग, एसोसिएट डायरेक्टर, मानव संसाधन ऑपरेशंस सपोर्ट, फ्रेसेनियस मेडिकल केयर; तथा फरासत खान, एवीपी ह्यूमन रिसोर्सेज, एजिलस डायग्नोस्टिक्स एंड लैब ने अपने विचार साझा किए हैं।
तीसरे पैनल में “हेल्थकेयर में डिजिटल परिवर्तन: नवाचार, इंटेलिजेंस और प्रभाव का विस्तार” विषय पर आयोजित सत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने, स्वास्थ्य सेवा वितरण में सुधार करने और बेहतर निर्णय लेने में एआई एवं डिजिटल तकनीकों की भूमिका पर चर्चा की गई है। सत्र के दौरान मरीजों की शिक्षा एवं जागरूकता और तकनीकी बदलावों को अपनाने के साथ-साथ मरीजों का विश्वास कायम करने के महत्व पर भी विचार-विमर्श हुआ है। सत्र में डॉ. सौरभ लाल, चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (सीओओ), केआईएमएस हॉस्पिटल्स, हैदराबाद; अंकित झांब, चीफ लर्निंग ऑफिसर, ग्रांट थॉर्नटन भारत एलएलपी; राजेश राममूर्ति, सीनियर रीजनल मैनेजर, इंडिया सब-कॉन्टिनेंट, बोस्टन साइंटिफिक; श्री स्टीफन चाको, वाइस प्रेसिडेंट, ला रेनॉन हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड; तथा श्री गुरचरण सिंह, एसोसिएट डायरेक्टर, हेल्थकेयर, केपीएमजी इंडिया ने अपने विचार साझा किए हैं।
कन्वर्जेन्स 3.0 में बिजनेस, बीडीएस, फिजियोथेरेपी और इंजीनियरिंग जैसे विविध शैक्षणिक एवं पेशेवर पृष्ठभूमि से आए प्रतिभागियों ने भाग लिया है। सत्रों के दौरान स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश, स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच, कार्यबल की क्षमताओं और डिजिटल परिवर्तन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। वक्ताओं ने स्वास्थ्य संगठनों की बदलती आवश्यकताओं और स्वास्थ्य सेवा वितरण को बेहतर बनाने में प्रौद्योगिकी की भूमिका पर भी अपने विचार साझा किए हैं।
समिट में आईआईएम बोधगया के एमबीए इन हॉस्पिटल एंड हेल्थकेयर मैनेजमेंट कार्यक्रम को भी प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया, जो अकादमिक शिक्षा को उद्योग जगत के अनुभव और स्वास्थ्य क्षेत्र की व्यावहारिक समझ के साथ जोड़ता है। स्वास्थ्य सेवा, कंसल्टिंग, फार्मास्यूटिकल्स, टेक्नोलॉजी और ह्यूमन रिसोर्सेज से जुड़े वरिष्ठ पेशेवरों ने चर्चा में विभिन्न उद्योगों के अनुभव और दृष्टिकोण साझा किए हैं। उनके अनुभव और विशेषज्ञता से प्रतिभागियों को स्वास्थ्य प्रबंधन के क्षेत्र में वर्तमान कार्यप्रणालियों और उभरती आवश्यकताओं की बेहतर समझ मिली है।
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