कपिलधारा में गूंजा गणिनाथ गोविंद का जयघोष, 80वें वार्षिक पूजनोत्सव में उमड़ा आस्था का सैलाब

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गया में समाज की एकजुटता का दिखा दम, विधान परिषद सदस्य डा राजेन्द्र प्रसाद गुप्ता, नैना कुमारी मेयर गणेश पासवान से लेकर जनप्रतिनिधियों तक ने बढ़ाई समारोह की शोभा
गया: गया शहर के मॉडनपुर स्थित कपिलधारा में शनिवार को दो दिवसीय महात्मा गणिनाथ गोविंद जयंती समारोह का 80वां वार्षिक पूजनोत्सव सह सम्मेलन श्रद्धा, उत्साह और सामाजिक एकजुटता के माहौल में आयोजित किया गया है। ऐतिहासिक आयोजन को लेकर समाज के लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला है। सुबह से ही कपिलधारा परिसर में श्रद्धालुओं और समाज के लोगों की भीड़ जुटने लगी। लोगों ने महात्मा गणिनाथ गोविंद की पूजा-अर्चना कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया और उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया है।
इस कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष संतोष साव ने की। इस समारोह में कई जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने शिरकत कर आयोजन की गरिमा बढ़ाई है। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विधान परिषद सदस्य डा राजेन्द्र प्रसाद गुप्ता,जिला परिषद अध्यक्ष नैना कुमारी और वार्ड पार्षद मुन्नी देवी शामिल हुईं। वहीं, गया नगर निगम के मेयर गणेश पासवान तथा पूर्व डिप्टी मेयर मोहन श्रीवास्तव भी महोत्सव में पहुंचे और आयोजकों एवं समाज के लोगों का उत्साह बढ़ाया है।
इसके अलावा भाजपा नेता सह पूर्व वार्ड पार्षद मनोज कुमार भी समारोह में मौजूद रहे हैं। इस कार्यक्रम में मीडिया प्रभारी दिलीप कुमार सहित समाज के कई गणमान्य लोगों की उपस्थिति रही है। अतिथियों का आयोजन समिति की ओर से स्वागत किया गया है।
*महापुरुषों के विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने पर जोर*
समारोह के दौरान महात्मा गणिनाथ गोविंद के जीवन, उनके विचारों और समाज के लिए उनके योगदान को याद किया गया है। वक्ताओं ने कहा कि महापुरुषों की जयंती और उनसे जुड़े धार्मिक-सामाजिक आयोजन केवल परंपरा निभाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ी को अपनी संस्कृति, इतिहास और सामाजिक विरासत से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। वक्ताओं ने समाज में शिक्षा, संगठन, आपसी भाईचारे और एकजुटता को मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि समाज की प्रगति के लिए सभी लोगों को मिलकर काम करना होगा। खासकर युवाओं को अपनी सामाजिक और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना समय की जरूरत है। महात्मा गणिनाथ गोविंद के आदर्शों को अपनाकर समाज में आपसी सहयोग और भाईचारे को और मजबूत किया जा सकता है।
*80 वर्षों से चली आ रही परंपरा का भव्य आयोजन*
महात्मा गणिनाथ गोविंद जयंती समारोह का 80वां वार्षिक पूजनोत्सव समाज के लिए विशेष महत्व रखता है। आठ दशकों से चली आ रही इस परंपरा ने समाज को एकजुट करने और अपनी धार्मिक-सांस्कृतिक पहचान को मजबूत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस वर्ष भी आयोजन को लेकर लोगों में विशेष उत्साह रहा है।
कपिलधारा में आयोजित समारोह के दौरान धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक सरोकार भी देखने को मिला। समाज के लोगों ने एक-दूसरे से मुलाकात कर शुभकामनाएं दीं और संगठन को मजबूत बनाने पर चर्चा की। इस कार्यक्रम में शामिल लोगों ने महात्मा गणिनाथ गोविंद के प्रति अपनी श्रद्धा प्रकट करते हुए समाज की उन्नति और खुशहाली की कामना की।
जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी ने बढ़ाई कार्यक्रम की भव्यता
इस समारोह में गया नगर निगम के मेयर गणेश पासवान, पूर्व डिप्टी मेयर मोहन श्रीवास्तव, जिला परिषद अध्यक्ष नैना कुमारी और वार्ड पार्षद मुन्नी देवी समेत अन्य प्रमुख लोगों की मौजूदगी चर्चा का विषय रही है। जनप्रतिनिधियों ने आयोजन की सफलता के लिए समाज के लोगों को शुभकामनाएं दीं और इस तरह के आयोजनों को सामाजिक एकता के लिए महत्वपूर्ण बताया है। भाजपा नेता सह पूर्व वार्ड पार्षद मनोज कुमार ने भी कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। आयोजन में समाज के लोगों की सक्रिय भागीदारी से कार्यक्रम का माहौल उत्सवमय बना रहा।
आयोजकों ने कहा कि 80वां वार्षिक पूजनोत्सव सह सम्मेलन केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज की एकता, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। आने वाले समय में भी इस परंपरा को जारी रखते हुए नई पीढ़ी को इससे जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
इस कार्यक्रम के अंत में महात्मा गणिनाथ गोविंद के आदर्शों और विचारों को जन-जन तक पहुंचाने तथा समाज को शिक्षा, संगठन और एकजुटता के रास्ते पर आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया। श्रद्धा, उत्साह और सामाजिक एकता के संदेश के साथ 80वें वार्षिक पूजनोत्सव सह सम्मेलन का समापन हुआ है।
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