- नीलम पात्रवाद के मामले को नीलम पत्र पदाधिकारी गंभीरता से लें एवं समुचित कार्रवाई करें
- अन्तर्विभागीय समन्वय की बैठक में जिलाधिकारी ने दिए निर्देश
जिला,अनुमंडल एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी एवं कार्य विभाग के अभियंताओं के साथ पूर्वी चंपारण समाहरणालय मोतिहारी स्थित डॉ राजेंद्र प्रसाद सभागार में अंतर्विभागीय समन्वय बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी श्री सौरभ सुमन यादव ने कहा कि सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं को निर्धारित समय में पूर्ण किया जाना है। इसके लिए जिन विभागों से जमीन की उपलब्धता की मांग की गई है, अंचल अधिकारी उसके लिए जमीन चिह्नित करते हुए यथा शीघ्र जमीन संबंधी अनापत्ति प्रमाण पत्र उपलब्ध कराएं।
बैठक में उपस्थित उप विकास आयुक्त के द्वारा बताया गया कि जिले में 262 पंचायत में खेल मैदान पूर्ण हो चुके हैं जबकि 132 जगह अभी भूमि संबंधी अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। जिलाधिकारी के द्वारा संबंधित अंचलाधिकारी को इस संबंध में शीघ्र जमीन चिह्नित करते हुए उसका एनओसी देने का निर्देश दिया गया।
उप विकास आयुक्त के द्वारा बताया गया कि जिले में 112 हाट/बाजार की सूची अंचलाधिकारीयों को उपलब्ध कराई गई है जहां पर अतिक्रमण है परंतु अंचल अधिकारियों के द्वारा इससे संबंधित अतिक्रमणवाद नहीं चलाया गया है। इस पर जिलाधिकारी के द्वारा निर्देश दिया गया कि प्राप्त सूची के आलोक में अंचलाधिकारी संबंधित हाट/बाजार की जांच करते हुए संबंधित पक्ष को नोटिस करते हुए अतिक्रमणवाद चलाएं।
जी राम जी (मनरेगा)योजना अंतर्गत जिले में आंगनवाड़ी का निर्माण कराया जाना है। इसके अंतर्गत कुल 105 आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण लंबित है, इस पर जिलाधिकारी के द्वारा संबंधित सीडीपीओ को अपने अंचल अधिकारी से मिलकर जमीन चिह्नित करते हुए noc प्राप्त करने का निर्देश दिया गया।
जिला पंचायत राज पदाधिकारी के द्वारा बताया गया कि पंचायत सरकार भवन के लिए चिन्हित जमीन में 14 जमीन भूमि विवाद से संबंधित है। जिलाधिकारी के द्वारा संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी, प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी एवं अंचलाधिकारी को विवाद की प्रकृति देखते हुए विभागीय गाइड लाइन के अनुसार शीघ्र समाधान निकालने का निर्देश दिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि पंचायत सरकार भवन सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है जिसे शीघ्र पूर्ण किया जाना अत्यंत आवश्यक है।
सिविल सर्जन के द्वारा बताया गया कि बंजरिया एवं रामगढ़वा अंचल में सीएचसी का निर्माण किया जाना है साथ ही जिला में 15 हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर/ उप स्वास्थ्य केंद्र का भी निर्माण किया जाना है जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है। इस पर जिलाधिकारी के द्वारा निर्देश दिया गया कि सभी विभागीय पदाधिकारी जिनको भी भूमि की आवश्यकता है खुद से भूमि चिन्हित करते हुए संबंधित अंचल अधिकारी से समन्वय बनाकर उसका एनओसी प्राप्त करें।
बैठक में बताया गया की 60 आंगनबाड़ी केंद्र बगल के स्कूल में शिफ्ट हुए हैं, इसपर जिलाधिकारी के द्वारा संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी को निर्देश दिया गया की स्कूल परिसर में ही अगर जगह है तो आंगनबाड़ी के लिए कमरा वहीं पर बनवाने का प्रस्ताव दिया जाए।
बैठक में उपस्थित सभी नीलम पत्रवाद से संबंधित पदाधिकारी को जिलाधिकारी के द्वारा निर्देश दिया गया कि नीलाम पत्र के मामले को पदाधिकारी गंभीरता से लें एवं उस पर समुचित कार्रवाई करें। सभी बड़े मामलों को चिन्हित कर देनदारों के विरुद्ध विहित प्रक्रिया का अनुपालन करते हुए वारंट जारी किया जाए। प्रखंड और अंचल स्तर पर भी बड़े बकायादारों की सूची मीडिया को उपलब्ध कराई जाए ताकि समाचार पत्रों में बकायादारों का नाम प्रकाशित हो सके। पुलिस विभाग के तरफ से पुलिस उपाधीक्षक, हेड क्वार्टर के द्वारा बताया गया कि कुल 1985 पत्र नीलम पात्रवाद का प्राप्त हुए हैं, जिसमें 795 का डिस्पोजल कराया गया है। वर्तमान में नीलम पत्रवाद से संबंधित 1190 शेष मामले लंबित है जिस पर अग्रेतर पर कार्रवाई की जा रही है।
बैठक में उपस्थित सभी पदाधिकारी को जिलाधिकारी के द्वारा निर्देश दिया गया की सहयोग पोर्टल पर प्राप्त हो रहे आवेदनों को पदाधिकारी गंभीरता से लेते हुए उसका गुणवत्तापूर्ण समाधान करें। क्षेत्रीय पदाधिकारी समय से कार्यालय में उपलब्ध रहें। लोगों से मिले और उनकी बातों को गंभीरता से सुने और नियमानुसार उसका हल निकालें। सभी पदाधिकारी आमजन के प्रति संवेदनशील बने, लोगों का विश्वास जीते। इससे लोगों का खुद-ब-खुद प्रशासन के प्रति भरोसा बढ़ेगा। स्थानीय समस्या को पदाधिकारी आपसी समन्वय से तुरंत दूर करें। एक दूसरे के भरोसे नहीं छोड़ें ।
जिलाधिकारी के द्वारा निर्देश दिया गया कि डीएम कार्यालय अथवा जिला स्तर से जो भी क्षेत्रीय कार्यालय को पत्र भेजे जा रहे हैं उसका सही तरीके से लॉग बुक मेंटेन करें एवं ससमय उसका जवाब भी जिला को उपलब्ध कराएं। जिलाधिकारी के द्वारा सभी विभागीय पदाधिकारी को अपने-अपने कार्यालयों का खुद से इंस्पेक्शन करने का निर्देश दिया गया। जिला के सभी निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी को भी आयकर एवं जीएसटी कटौती का ससमय रिटर्न दाखिल करने का निर्देश दिया गया। पथ निर्माण विभाग के अभियंताओं को जिलाधिकारी के द्वारा निर्देश दिया गया की बरसात को मौसम को देखते हुए सड़कों पर अगर कहीं गड्ढे बन गए हैं उसे तुरंत मॉटेरेबल करें ताकि कोई दुर्घटना ना हो ।
अंतर्विभागीय समन्वय की बैठक में नगर आयुक्त श्री आशीष कुमार, अपर समाहर्ता श्री मुकेश कुमार सिंहा ,उप विकास आयुक्त डॉ प्रदीप कुमार,एडीएम pgro श्री शैलेंद्र कुमार भारती,एडीएम विभागीय जांच मो. सिबगतुल्लाह, सहायक समाहर्ता श्री राजकृष्ण झा,सिविल सर्जन डॉ दिलीप कुमार सिंह,जिला के सभी अनुमंडल पदाधिकारी, डीसीएलआर सहित सभी जिला स्तरीय पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी, प्रखंडों के अन्य पदाधिकारी एवं कार्य विभागों के कार्यपालक अभियंता उपस्थित थे।
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