प्रभावती अस्पताल में अत्याधुनिक जांचशाला का हुआ उद्धघाटन, अब 127 प्रकार की होगी जांच व मिलेगी किडनी के मरीजों को डायलिसिस सुविधा

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गया। जिला में मरीजों को इलाज के क्रम में कराई जाने वाली जांच सुविधाओं में बड़े पैमाने पर विस्तार किया गया है। इसके लिए प्रभावती मॉडल अस्पताल में अत्याधुनिक जांच सुविधा की व्यवस्था की गयी है। बिहार सरकार स्वास्थ्य विभाग तथा साइंस लैब नामक एक निजी कंपनी के साथ पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप कर जांच की सुविधा प्रदान की जायेगी।

नये जांचशाला में निशुल्क 127 प्रकार की जांच सुविधा है। इस जांचशाला को स्पोक हब के रूप में स्थापित किया गया है। जिला के विभिन्न प्रखंडों के सामुदायिक तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से यहां पर जांच के लिए नमूने भी भेजे जायेंगे। वहीं सभी सीएचसी—पीएचसी पर मरीजों को 106 प्रकार की जांच की सुविधा प्राप्त होगी। शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर 64 प्रकार की जांच की सुविधा प्राप्त होगी। जांचशाला का उद्घाटन वर्चुअल माध्यम से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किया है।

इस मौके पर प्रभावती अस्पताल में मुख्यमंत्री बिहार द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उद्घाटन कार्यक्रम आयोजित किया गया है। इसके पश्चात प्रभावती अस्पताल में आयोजित कार्यक्रम में जिला पदाधिकारी शशांक शुभंकर, सिविल सर्जन डॉ राजाराम प्रसाद, डीपीएम नीलेश कुमार, जिला परिषद अध्यक्ष नैना कुमारी, गया नगर निगम महापौर गणेश पासवान, अध्यक्ष बिहार विधानसभा के प्रतिनिधि व अन्य वरीय पदाधिकारी मौजूद थे। इस दौरान जिला पदाधिकारी ने इस दौरान प्रभावती मॉडल अस्पताल का निरीक्षण भी किया है।

जिला पदाधिकारी ने आमजन से अनुरोध करते हुए कहा है कि प्रभावती अस्पताल आकर निशुल्क जांच सुविधाएं प्राप्त करें। ज़िले में अब थायराइड एवं डी-3 का जांच अब ज़िले में उपलब्ध है।
*अनुमंडलीय अस्पतालों में डायलिसिस की सुविधा*

जिला में किडनी के मरीजों को अब और अधिक आसानी से डायलिसि​स की सुविधा प्राप्त हो सकेगी। शेरघाटी तथा टिकारी अनुमंडलीय अस्पताल में डायलिसि​स सुविधा की शुरुआत की गयी है। राशन कार्ड में नाम रहने पर उन मरीजों को डायलिसिस की सुविधा निशुल्क मिलेगी। इससे गरीब तबके से आने वाले मरीजों के लिए आर्थिक बोझ कम होगा। अनुमंडलीय अस्पतालों में डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध होने से मरीजों को घर के पास ही उपचार मिल सकेगा।

इससे समय और धन की बचत होगी। वहीं राशन कार्ड में नाम नहीं होने पर 1797 रुपये देकर डायलिसिस की सुविधा प्राप्त हो सकेगी। पहले कई मरीजों के लिए डायलिसिस के लिए बाहर जाना पड़ता था। अपोलो डायलिसिस प्राइवेट लिमिटेड द्वारा संचालित अपोलो डायलिसिस सेंटर तथा स्वास्थ्य विभाग द्वारा पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के आधार पर इन डायलिसिस सेंटरों का संचालन किया जायेगा। बुधवार को इस सुविधाओं का वर्चुअल माध्यम से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने उद्धघाटन किया है।

डायलिसिस एक जीवन रक्षक चिकित्सा प्रक्रिया है, जो किडनी (गुर्दे) के ठीक से काम न करने पर शरीर से अपशिष्ट पदार्थों और अतिरिक्त तरल पदार्थ को बाहर निकालने का काम करती है। वहीं स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्वास्थ्य सेवाओं में इजाफा करते हुए जयप्रकाश नारायण सदर अस्पताल में पांच बेड का इंटेसिव केयर यूनिट आईसीयू का नवीनीकरण किया गया है। इसकी सुविधा मरीजों के लिए प्रारंभ कर दी गयी है।

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