शिक्षकों की एक दिवसीय धरना सम्पन्न, जिलाध्यक्ष सुनील ने कहा मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री शिक्षकों की समस्या समाधान करने की डपोरशंखी व्यानबाजी लगातार करते रहे हैं, जो अभी तक झूठा ही साबित हुआ है

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Live News 24×7 के लिए कैलाश गुप्ता।

मोतिहारी। बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ जिला इकाई पूर्वी चम्पारण ने राज्यव्यापी आह्वान पर मंगलवार को नियोजित शिक्षकों के प्रोन्नति, ऐच्छिक स्थानांतरण एवं चार माह से लंबित वेतन भुगतान करने को लेकर जिला अध्यक्ष सुनील कुमार राय की अध्यक्षता में जिला पदाधिकारी कार्यालय के समक्ष धरना प्रदर्शन किया। तेज गर्मी में भी भारी संख्या में शिक्षकों एकजुट होकर सरकार व विभाग के गलत नीतियों के विरुद्ध जोरदार नारेबाजी कर विरोध प्रकट किया।

इस दौरान धरना को संबोधित करते हुए संघ के जिला अध्यक्ष सुनील कुमार राय ने कहा कि विद्यालयों में बच्चों को शिक्षा देने वाले शिक्षक सरकार व विभाग के लापरवाही, मनमानी एवं दोहरी नीति से त्रस्त है । जिसके कारण शिक्षक तेज धूप में आन्दोलन पर बैठने को विवश है। जो सिस्टम पर करारा तमाचा है।

वरीय जिला उपाध्यक्ष राकेश कुमार तिवारी ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि 20 वर्षों से राष्ट्र की मुख्यधारा शिक्षा प्रदान करने वाले नियोजित शिक्षक विभाग के तानाशाही व उदासीन रवैये के कारण नियम होने के बाबजूद प्रोन्नति एवं ऐच्छिक स्थानांतरण पाने से वंचित है।

जिलाध्यक्ष श्री राय ने कहा कि चार माह से बिना वेतन के शिक्षक शैक्षणिक कार्य करने को विवश है। मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री शिक्षकों की समस्या समाधान करने की डपोरशंखी व्यानबाजी लगातार करते रहे हैं, जो अभी तक झुठा साबित हुआ है।
उन्होंने कहा कि बिहार पंचायत/नगर निकाय प्रारंभिक शिक्षक नियोजन नियमावली 2006 के यथा संशोधित नियमावली 2012 एवं 2020 के कंडिका क्रमशः15 तथा 16 में निहित प्रावधान होने के बावजूद वर्षों से काम करने वाले नियोजित शिक्षकों को प्रोन्नति स्नातक ग्रेड शिक्षक एवं मध्य विद्यालय के प्रधानाध्यापक पद तथा कालबद्ध वेतन उन्नयन नहीं किया गया।

जो शिक्षकों के वेतन मामले में शिक्षा विभाग द्वारा घोर वित्तीय अनियमितता का द्योतक है। साथ ही उक्त नियमावली के कंडिका 15 में ही जरूरतमंद शिक्षकों को नियोजन इकाई से बाहर ऐच्छिक एवं पारस्परिक स्थानांतरण नीति होने के बाबजूद उससे वंचित रखें हुए हैं। जिससे शिक्षक हर स्तर पर आर्थिक, मानसिक व शारीरिक परेशानी झेलने को विवश हैं।

वही जिला कोषाध्यक्ष शत्रुघ्न कुमार ने विभाग के कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार जो अधिसूचना जारी कर नियम बनाते हैं परंतु शिक्षकों को उस लाभ से वंचित रखना उनके दोहरे चाल व चरित्र को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। अन्य वक्ताओं में मदनमोहन नाथ तिवारी, प्रकाशचंद्र, शत्रुघ्न कुमार, दिनकर पासवान, केडी राम, इंतजार अहमद, शशिशेखर, जयंत कुमार आर्य, ब्रजकिशोर यादव, रमेश उपाध्याय, उमेश पंडित, दुर्गा पासवान, राजमंगल यादव समेत अन्य शिक्षक नेताओं ने अपना विचार दिया।

वही मौके पर रामू कुमार, मिंटू कुमार मिश्रा, संतोष कुमार तिवारी, संतोष कुमार चौबे, अरुण कुमार मिश्रा, सविता कुमारी, विष्णु कुमार प्रभाकर, मनोज प्रसाद, पंकज कुमार, मनोज पासवान, सुधांशु वर्मा, मो. इस्राफील, इमरान अहमद, फैज अहमद, सोनेलाल प्रसाद, ताराचंद बैठा, शंकर कुमार सहनी समेत अन्य मौजूद थे।

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