बिहार की 18 लाख महिलाओं का इंतजार बढ़ा, मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की 10,000 की पहली किस्त अटकी

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बिहार की नीतीश सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ (MMRY) को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है। राज्य के शहरी क्षेत्रों की लगभग 18 लाख महिलाओं के बैंक खातों में आने वाली ₹10,000 की पहली किस्त फिलहाल तकनीकी पेंच और सत्यापन (Verification) की प्रक्रिया के कारण अटक गई है। जहाँ करोड़ों ग्रामीण महिलाओं (जीविका दीदियों) को यह राशि पहले ही मिल चुकी है, वहीं शहरी क्षेत्र की गैर-जीविका महिलाओं को अभी थोड़ा और इंतजार करना होगा। प्रशासन का दावा है कि पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ‘फिजिकल वेरिफिकेशन’ अनिवार्य है, जिसके कारण इस प्रक्रिया में समय लग रहा है।

1. क्यों फंसा है 18 लाख महिलाओं का भुगतान?

इस योजना के तहत बिहार के प्रत्येक परिवार की एक महिला को स्वरोजगार के लिए कुल ₹2 लाख तक की मदद दी जानी है, जिसकी शुरुआत ₹10,000 की पहली किस्त से होती है।

सत्यापन की चुनौती: शहरी क्षेत्रों से प्राप्त आवेदनों की संख्या उम्मीद से अधिक है। नगर विकास एवं आवास विभाग के सहयोग से इन महिलाओं के पते, आधार और बैंक विवरण का भौतिक सत्यापन किया जा रहा है ताकि फर्जीवाड़े को रोका जा सके।

बैंक मैपिंग की समस्या: कई महिलाओं के बैंक खाते आधार से लिंक (Aadhaar Seeded) नहीं हैं, जिससे डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के जरिए पैसा भेजने में विफलता आ रही है।

2. अब कब आएगा पैसा? (ताजा डेडलाइन)

सरकारी सूत्रों और हालिया मीडिया रिपोर्ट्स (मार्च 2026) के अनुसार, सत्यापन का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है।

संभावित तिथि: उम्मीद जताई जा रही है कि 15 अप्रैल 2026 तक सत्यापन प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी और इसके तुरंत बाद पात्र महिलाओं के खातों में ₹10,000 की राशि भेज दी जाएगी।

चरणबद्ध भुगतान: यह भुगतान एक साथ न होकर वार्ड और ब्लॉक स्तर पर चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा।

3. ₹10,000 के बाद ₹2 लाख का अगला पड़ाव

योजना का असली लाभ पहली किस्त के सफल उपयोग के बाद शुरू होता है।

सफलता का आकलन: जिन महिलाओं ने पहली किस्त का उपयोग कर छोटा रोजगार (जैसे सिलाई, अगरबत्ती बनाना, या छोटी दुकान) शुरू कर दिया है, उनके काम का 6 महीने बाद ‘प्रगति आकलन’ किया जाएगा।

₹2 लाख की अतिरिक्त मदद: संतोषजनक प्रगति पाए जाने पर, इन महिलाओं को ₹2 लाख तक की अतिरिक्त वित्तीय सहायता आवश्यकतानुसार किस्तों में दी जाएगी ताकि वे अपने व्यवसाय को बड़े स्तर पर ले जा सकें।

4. लाभार्थी महिलाएँ क्या करें?

यदि आपका भी पैसा अटका हुआ है, तो इन 3 बातों का ध्यान रखें:

KYC चेक करें: सुनिश्चित करें कि आपका बैंक खाता सक्रिय है और आधार कार्ड से लिंक है।

जीविका पोर्टल पर स्टेटस: आप mmry.brlps.in पर जाकर अपने आवेदन की स्थिति (Application Status) चेक कर सकती हैं।

दस्तावेज तैयार रखें: यदि सत्यापन टीम आपके घर आती है, तो अपने पहचान पत्र और व्यवसाय की संक्षिप्त जानकारी तैयार रखें।

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