बिहार में नीतीश युग का अंत, दिल्ली में नई शुरुआत निर्विरोध चुने गए JDU के राष्ट्रीय अध्यक्ष

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बिहार की सियासत में पिछले दो दशकों से ‘चाणक्य’ माने जाने वाले नीतीश कुमार अब राष्ट्रीय राजनीति की मुख्यधारा में लौटने को पूरी तरह तैयार हैं। मंगलवार, 24 मार्च 2026 को नई दिल्ली में जनता दल (यूनाइटेड) के चुनाव अधिकारी अनिल प्रसाद हेगड़े ने औपचारिक घोषणा करते हुए बताया कि नीतीश कुमार को निर्विरोध (Unopposed) पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुन लिया गया है। इस घोषणा के साथ ही बिहार में नेतृत्व परिवर्तन और नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद से संभावित इस्तीफे की चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है। हाल ही में राज्यसभा सदस्य के रूप में निर्वाचित होने के बाद, यह लगभग तय माना जा रहा है कि अप्रैल के पहले सप्ताह में नीतीश कुमार मुख्यमंत्री का पद छोड़कर संसद के उच्च सदन में अपनी नई पारी की शुरुआत करेंगे।

1. निर्विरोध चुनाव: पार्टी पर बढ़ी पकड़

नीतीश कुमार के पक्ष में पार्टी के सभी धड़ों ने एकजुटता दिखाते हुए नामांकन दाखिल किया था। नामांकन वापस लेने की समय सीमा समाप्त होने के बाद वे अकेले उम्मीदवार बचे, जिसके बाद उन्हें चौथी बार (कुल पांचवीं बार) पार्टी की कमान सौंपी गई।

दिल्ली में शक्ति प्रदर्शन: इस अवसर पर पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा, केंद्रीय मंत्री ललन सिंह और बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार सहित कई दिग्गज नेता मौजूद रहे।

रणनीति: पार्टी सूत्रों का कहना है कि 2029 के लोकसभा चुनाव और आगामी राज्य विधानसभा चुनावों को देखते हुए नीतीश कुमार अब दिल्ली में रहकर गठबंधन (NDA) के बीच जेडीयू की पैठ मजबूत करेंगे।

2. मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा: अप्रैल में बड़ा बदलाव?

नीतीश कुमार ने 16 मार्च 2026 को राज्यसभा का चुनाव जीता है। संवैधानिक नियमों के अनुसार, उन्हें निर्वाचित होने के 14 दिनों के भीतर राज्य विधानमंडल (विधान परिषद) की सदस्यता से इस्तीफा देना होगा।

इस्तीफे की तारीख: माना जा रहा है कि नीतीश कुमार अप्रैल के पहले सप्ताह (संभवतः 9 अप्रैल) के आसपास मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं।

उत्तराधिकारी की तलाश: नीतीश कुमार के दिल्ली जाने की खबरों के साथ ही बिहार के अगले मुख्यमंत्री को लेकर कयासों का बाजार गर्म है। बीजेपी खेमे से सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा या किसी ‘पिछड़ा वर्ग’ के चेहरे को कमान मिलने की संभावना जताई जा रही है।

3. ‘निशांत कुमार’ की एंट्री और उत्तराधिकार योजना

राजनीतिक हलकों में इस बात की भी चर्चा तेज है कि नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार, जो हाल ही में (8 मार्च 2026) पार्टी में शामिल हुए हैं, उन्हें भविष्य में बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है। चर्चा यह भी है कि जेडीयू बिहार में ‘उप-मुख्यमंत्री’ के पद के लिए निशांत कुमार का नाम आगे बढ़ा सकती है, ताकि पार्टी का आधार बना रहे।

4. संवैधानिक स्थिति: क्या 6 महीने और रह सकते हैं सीएम?

बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार ने स्पष्ट किया है कि भले ही नीतीश कुमार राज्यसभा के लिए चुन लिए गए हों, लेकिन वे अगले 6 महीने तक मुख्यमंत्री पद पर बने रह सकते हैं। हालांकि, नीतीश कुमार ने संकेत दिए हैं कि वे जल्द ही अपनी नई भूमिका संभालना चाहते हैं ताकि वे अपनी दशकों पुरानी उस इच्छा को पूरा कर सकें जिसमें वे संसद के दोनों सदनों और राज्य के दोनों सदनों का सदस्य बनने का रिकॉर्ड बनाना चाहते थे।

5. जेडीयू कार्यकर्ताओं में हलचल

पटना स्थित मुख्यमंत्री आवास के बाहर जेडीयू कार्यकर्ताओं ने नीतीश कुमार के इस्तीफे की खबरों के बीच विरोध प्रदर्शन भी किया। कार्यकर्ताओं की मांग है कि नीतीश कुमार ही बिहार की कमान संभाले रखें। वहीं, विपक्ष (RJD) इसे जेडीयू का ‘अंत’ बता रहा है।

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