बिहार में पुलों के गिरने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताज़ा मामला पटना के दानापुर इलाके का है, जहाँ ‘विजय सिंह पथ-ढिबरा’ प्रोजेक्ट के तहत बन रहे एक छोटे पुल की सुरक्षा दीवार शनिवार (21 मार्च 2026) को अचानक भरभराकर गिर गई। इस हादसे में काम कर रहे दो मजदूर मलबे में दब गए थे, जिन्हें स्थानीय लोगों की मदद से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए नीतीश सरकार तुरंत एक्शन में आ गई है और दोषियों के खिलाफ कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार का एक्शन: “चुप नहीं बैठेंगे, होगी सख्त कार्रवाई”
हादसे के बाद बिहार सरकार के मंत्री रामकृपाल यादव ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि बुनियादी ढांचे के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा:
जांच के निर्देश: मंत्री ने संबंधित विभाग के उच्च अधिकारियों को मौके का मुआयना करने और विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।
ठेकेदार और अधिकारी रडार पर: उन्होंने कहा कि यदि निर्माण की गुणवत्ता (Quality) में कोई कमी पाई जाती है, तो संबंधित ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा और लापरवाह अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई होगी।
गुणवत्ता की जांच: सरकार यह पता लगा रही है कि क्या पुल का निर्माण मानक प्रोटोकॉल के अनुसार हो रहा था या नहीं।
हादसे की इनसाइड स्टोरी: ग्रामीणों ने खोली पोल
स्थानीय ग्रामीणों और प्रत्यक्षदर्शियों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर आरोप लगाए हैं:
मिट्टी पर निर्माण: ग्रामीणों का दावा है कि पुल को मजबूत आधार या लोहे के पिलर देने के बजाय सीधे मिट्टी के ऊपर बनाया जा रहा था, जो तकनीकी रूप से गलत है।
घटिया सामग्री: आरोप है कि निर्माण में खराब क्वालिटी की ईंटें और कम सीमेंट का उपयोग किया जा रहा था।
15 दिन पहले ही शुरू हुआ था काम: हैरानी की बात यह है कि इस पुल का निर्माण कार्य अभी महज 15-16 दिन पहले ही शुरू हुआ था और पहली ही बारिश या दबाव में दीवार गिर गई।
घायल मजदूरों का हाल
हादसे में घायल हुए मजदूर की पहचान संतोष कुमार के रूप में हुई है। उसे गंभीर चोटें आई थीं और वर्तमान में वह दानापुर सदर अस्पताल में उपचाराधीन है। डॉक्टरों के अनुसार, उसकी स्थिति अब खतरे से बाहर है। प्रशासन ने निर्माण कार्य को फिलहाल रोक दिया है और पूरे स्ट्रक्चर की दोबारा जांच की जा रही है।
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