- घरेलू रसोई गैस सिलेंडर हुआ महंगा, 14.2 किलो एलपीजी के दाम में 60 रुपये की बढ़ोतरी, आज से लागू नया रेट
देश में आम लोगों की रसोई पर एक बार फिर महंगाई की मार पड़ी है। घरेलू रसोई गैस सिलेंडर यानी एलपीजी सिलेंडर की कीमत में बड़ी बढ़ोतरी कर दी गई है। 14.2 किलो वाले घरेलू गैस सिलेंडर के दाम में 60 रुपये का इजाफा किया गया है। इस बढ़ोतरी के बाद राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में अब 14.2 किलो का घरेलू गैस सिलेंडर 913 रुपये में मिलेगा। इससे पहले इसकी कीमत 853 रुपये थी।
नया रेट 7 मार्च यानी की आज से लागू कर दिया गया है। यानी अब उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर लेने के लिए पहले की तुलना में ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ेंगे। गैस की कीमत में यह बढ़ोतरी ऐसे समय पर की गई है जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल और गैस के बाजार में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।
घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में हुई इस बढ़ोतरी का सीधा असर आम लोगों के बजट पर पड़ेगा। खासकर मध्यम वर्ग और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए यह बढ़ोतरी चिंता बढ़ाने वाली है। पहले से ही महंगाई की मार झेल रहे लोगों के लिए रसोई गैस के दाम बढ़ना घरेलू खर्च को और बढ़ा देगा।
कई शहरों में गैस सिलेंडर की कीमत पहले से ही 900 रुपये के आसपास थी। अब नई दर लागू होने के बाद कई जगहों पर कीमत 950 रुपये के करीब पहुंच सकती है। अलग-अलग राज्यों में टैक्स और ट्रांसपोर्टेशन चार्ज के कारण गैस की कीमतों में थोड़ा अंतर हो सकता है।
बताया जा रहा है कि वैश्विक स्तर पर चल रहे तनाव का असर ऊर्जा बाजार पर पड़ रहा है। हाल ही में ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल और गैस की कीमतों में अस्थिरता देखने को मिल रही है। इसी के बीच भारत में एलपीजी सिलेंडर की कीमत बढ़ा दी गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमतों में बढ़ोतरी होने पर घरेलू बाजार में भी इसका असर दिखाई देता है। इसी कारण समय-समय पर एलपीजी के दामों में बदलाव किया जाता है।
इस बीच शुक्रवार को सरकार ने देश की सभी एलपीजी रिफाइनरियों को उत्पादन बढ़ाने का निर्देश भी दिया है। इसमें सरकारी और निजी दोनों कंपनियों की रिफाइनरियां शामिल हैं। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश में गैस की आपूर्ति पर किसी तरह का असर न पड़े और मांग के अनुसार पर्याप्त एलपीजी उपलब्ध रहे। ऊर्जा मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार बढ़ती मांग को देखते हुए रिफाइनरियों को उत्पादन बढ़ाने के लिए कहा गया है ताकि आपूर्ति में किसी तरह की कमी न हो।
गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कई बार उतार-चढ़ाव देखा गया है। कभी अंतरराष्ट्रीय बाजार के कारण तो कभी टैक्स और अन्य कारणों से कीमतों में बदलाव होता रहा है।हालांकि सरकार की ओर से उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को सब्सिडी का लाभ दिया जाता है, लेकिन आम उपभोक्ताओं के लिए सिलेंडर की कीमत में बढ़ोतरी सीधे जेब पर असर डालती है।
अब देखना होगा कि आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति को देखते हुए गैस सिलेंडर की कीमतों में और बदलाव होता है या नहीं।
क्राइम खबर के लिए ब्यूरो रिपोर्ट
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