* राष्ट्रसेवा, देशभक्ति, निष्ठा, समर्पण व समाज सेवा के क्षेत्र मे प्रेरणीय योगदान के लिए हुईं अलंकृत।
* पुणे मे ‘राष्ट्रीय कला उत्सव’ मे निभाया निर्णायक का दायित्व।
Live News 24×7 के लिए कैलाश गुप्ता की रिपोर्ट।
मोतिहारी। अपनी स्वर लहरियों से वैश्विक पटल पर भारतीय लोक कला के परचम लहरा रहीं राष्ट्रपति अवार्डी सुप्रसिद्ध कला शख्सियत व चंपारण की बेटी डाॅ. नीतू कुमारी नूतन नित्य नयी कीर्तियाॅ गढ़ दुनिया मे चंपारण का नाम रौशन कर रही हैं।
डाॅ.नूतन को नई दिल्ली में शुक्रवार को ‘अटल तिरंगा सम्मान- 2025’ से अलंकृत किया गया है। वहीं भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय एवं एनसीईआरटी के संयुक्त तत्त्वावधान मे महाराष्ट्र के पुणे मे आयोजित ‘राष्ट्रीय कला उत्सव’ में डाॅ.नूतन ने निर्णायक के दायित्व का सफल निर्वहन कर नये कीर्तिमान स्थापित किए हैं।
दुनियाभर के दस देशो मे सक्रिय एवं भारत के छब्बीस राज्यो मे कार्यरत राष्ट्रवादी संगठन ‘सैल्यूट तिरंगा’ ने नई दिल्ली के एन. डी.एम. सी. सेंटर मे भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेई की जयंती के अवसर पर कला- संस्कृति, भारतीय सेना के शौर्य विजेता, भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी, विधि विशेषज्ञ तथा राष्ट्रवाद व सामाजिक सेवा के क्षेत्र मे अति विशिष्ट व उल्लेखनीय योगदान के लिए कुछ चुनिंदा शख्सियत को ‘अटल तिरंगा सम्मान’ से नवाजा है।
उक्त समारोह मे भारत की अमूल्य कला-धरोहर डाॅ.नूतन को देश की जानी- मानी हस्तियों की मौजूदगी मे ‘अटल तिरंगा सम्मान’ – 2025 से अलंकृत किया गया है। डाॅ.नूतन को राष्ट्रसेवा, देशभक्ति, निष्ठा, समर्पण एवं समाज मे उत्कृष्ट योगदान देने तथा अपनी उपलब्धियो के माध्यम से खुद को नये युग मे प्रेरणास्रोत के रुप मे स्थापित करने के नीमित इस लब्धप्रतिष्ठ सम्मान से विभूषित किया गया।
वहीं डाॅ. नीतू कुमारी नूतन ने भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय एवं एनसीईआरटी के तत्त्वावधान मे महाराष्ट्र के पुणे स्थित ‘यशदा’ में 20 से 23 दिसंबर तक आयोजित ‘राष्ट्रीय कला उत्सव’ में बतौर निर्णायक अपनी भूमिका का सफल निर्वहन कर नयी उपलब्धि हासिल कीं हैं।
‘राष्ट्रीय कला उत्सव ‘विकसित भारत’ की सोंच को आगे बढाने की दृष्टि से भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की विविधता के प्रदर्शन के उदेश्य से आयोजित किया गया। जहाँ देशभर के अलग- अलग राज्यो से चुन कर आयी युवा प्रतिभाओ ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी कला विरासत की मनोरम झांकियां प्रस्तुत कीं।
यहाॅ बता दें कि पिछले माह डाॅ.नूतन को भारत सरकार के विदेश मंत्रालय ने एक सप्ताह की यात्रा पर आस्ट्रेलिया भेजा था, जहाँ उन्होंने भारतीय लोक कला एवं लोक संस्कृति के विविध रंग बिखेरे थे।
87