डीईओ राजन गिरी के बाद अब तीन लिपिकों के निलंबन की मांग एक लिपिक ने किया ACS से, ACS को लिखे पत्र को किया सार्वजनिक, कहा है मर्डर व गबन के आरोपी सहित अवैध लिपिक बने है महत्वपूर्ण पद पर

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Live News 24×7 के लिए कैलाश गुप्ता।

मोतिहारी। कहा जाता है कि घर के भेदी लंका ढाए, जी हां यह कहावत रामयुग में ही कही गई है परन्तु आज यह कहावत मोतिहारी के जिला शिक्षा पदाधिकारी के कार्यालय में भी चरितार्थ हो रही है।

विगत दिनों जिला शिक्षा पदाधिकारी की ही एक लिपिक सन्नी सुमन ने जिला शिक्षा पदाधिकारी राजन गिरी पर कई गम्भीर आरोप लगाते हुए इनके निलंबन की मांग बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री से किया था।

मोतिहारी शिक्षा विभाग फिर सुर्खियों में : डीईओ पर भ्रष्टाचार व भेदभाव का लगाया आरोप तो बताया फर्जी डिग्री और बिना विभागीय परीक्षा पास लिपिक बने है ऊँचे पद पर, एक लिपिक ने खोला मोर्चा, मंत्री से किया निलंबन की मांग

वह मामला काफी चर्चा में रहा जिसके उक्त लिपिक पर नाराज हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी राजन गिरी द्वारा अपनी पहुँच बल का इस्तेमाल करते हुए उक्त लिपिक की प्रतिनियुक्ति वैशाली जिला करा दिया गया।

अब उक्त लिपिक ने जिला शिक्षा पदाधिकारी के तीन चहेते लिपिकों को आड़े हाथों लेते हुए इनपर कई गम्भीर आरोप लगाते हुए अपर मुख्य सचिव शिक्षा विभाग को पत्र देकर निलंबन व करवाई का मांग किया है।

लिपिक सन्नी सुमन ने अपर मुख्य सचिव को लिखे पत्र में कहा है कि हत्या सहित पूर्व में कई गंभीर आरोपों में करवाई लंबित वाले लिपिक राजीव रंजन को वर्षों से कई महत्वपूर्ण संचिकाओं का संचालन कराया जा रहा है।

वही बिना विभागीय परीक्षा पास किए लिपिक रवि कांत पर जातिगत दुर्भावना से ग्रस्त रहने आदि का आरोप लगाते हुए प्रधान सहायक के पद बनाए रखने की बात करते हुए निलबंन की मांग की है….

वही उक्त लिपिक सन्नी सुमन ने शिक्षकों के व्हाट्सएप ग्रुप में अपनी बात लिखित रूप में शेयर किया है जो निम्नलिखित है।👇🏿👇🏿👇🏿👇🏿
आपराधिक छवि जिनपर मर्डर जैसा चार्ज लगा हुआ है.. वैसे वरीय लिपिक को किस मजबूरी में अभी तक जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय पूर्वी चंपारण द्वारा कुर्सी पर आसीन रखा जा रहा है…क्या ऐसी मजबूरी है जो हाकिम के द्वारा अभी भी अति महत्वपूर्ण फाइल दिया गया है…इसके अतिरिक्त क्यों लोकल होने का अतिरिक्त लाभ दिया जा रहा है …किस परिस्थिति में उन्हें तिरहुत के दूसरे कोने में नहीं भेजा जाता है
जबकि अन्य लिपिक को गृह जिला से दूर रखा जाता है
ऐसे वरीय लिपिक पर बेंच डेस्क घोटाले पर जांच बैठे होने के उपरांत भी कार्यालय में दबंगता से कार्य करने को प्रेरित किया जा रहा है… क्या इस तरह के बड़े घोटाले के लिए क्या केवल एक पदाधिकारी ही जिम्मेवार हो सकता है क्या….
बहुत ही हास्यास्पद है यहां बिना प्रोन्नति परीक्षा पास लिपिक को डीईओ सेल का बड़ा बाबू बनाया गया है… मर्डर जैसे गहन अपराध की छवी वाले को वरीय लिपिक…लगातार वर्षों से एंटरप्राइजेज में गबन और भ्रष्टाचार करने वाले को hrms मोतिहारी का बड़ा बाबू बना के रखा हुआ है
अरे शर्म करो यह राशि Bihar government education department उन गरीब बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए देती है… आज सबसे ज्यादा बजट की राशि शिक्षा विभाग को ही प्राप्त है….जो मूलतः कभी भी संपूर्ण राशि के रूप में विद्यालय तक पहुंचता ही नहीं है….आज पूर्वी चंपारण के कई +2 स्कूल जर्जर स्तिथि में है जबकि कोई ब्लॉक या पंचायत ही मानक शिक्षा पद्धति को तय करता है…
1.सबसे पहले राजीव दलाल जैसे शिक्षक को कार्यालय में घुसने से रोका जाए क्योंकि
इसने आज पूर्वी चंपारण के शिक्षको की छवि को खराब कर रखा है…
2. जब नियम अथवा विभागीय पत्र है कि कोई भी शिक्षक मार्क ऑन ड्यूटी बना के कार्यालय नहीं आएगा.. तो ये क्यों बैठ के कार्यालय कार्य को शिथिल करता है
3. Cctv camera woha लगा है तो क्यों नहीं उसका इस्तेमाल होता है… शिक्षा विभाग के किस आदेश के क्रम मे उन शिक्षकों से कार्यालय का कार्य लिया जा रहा है…. इसकी जांच होनी चाहिए
4. E shikshakosh se शिक्षकों को तो बांध दिया गया… लिपिक की कुर्सी को किस “कोश ” से लगाम लगाया जाए ताकि भ्रष्टाचार की गाड़ी को slowdown किया जा सके…
5. Last but not the least ..एक ही पदाधिकारी जब पूरी इमानदारी और नैतिकता से एस्टेब्लिशमेंट और योजना लेखा संभाल रहे है तो क्यों नहीं और कब एवं अतिशीघ्र उन्हें वैधानिक रूप से “डीईओ ईस्ट चंपारण” का पद दिया जाए… ज्ञातव्य है कि सारा संवेदनशील कार्य उनके द्वारा ही किया जा रहा है .. तब प्रभार की वैधानिकता भी उन्हें अतिशीघ्र पूर्ण की जाए
///// इस संबंध में “गोपनीय शाखा समाहरणालय “से जांच की मांग करता हु… इसके अतिरिक्त कार्यालय के “बायोमैट्रिक मशीन” की विगत माह की भी जांच हो.. अगर यह खराब है तो क्यों डीईओ एवं बड़ा बाबू द्वारा इसकी सूचना समाहरणालय को क्यों नहीं दी गई….जबकि “वेतन विपत्र” के लिए बायोमैट्रिक मशीन से प्राप्त अंतिम प्रिंट अतिआवश्यक होता है
मैं इन सबकी जांच की मांग वर्तमान Acs sir se तथा माननीय High court patna ke वरीय न्यायधीश से भी करता हु……

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