मोतिहारी शिक्षा विभाग फिर सुर्खियों में : डीईओ पर भ्रष्टाचार व भेदभाव का लगाया आरोप तो बताया फर्जी डिग्री और बिना विभागीय परीक्षा पास लिपिक बने है ऊँचे पद पर, एक लिपिक ने खोला मोर्चा, मंत्री से किया निलंबन की मांग

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Live News 24×7 के कैलाश गुप्ता की रिपोर्ट।

मोतिहारी शिक्षा विभाग वर्षों से काफी सुर्खियों में है। आज एक फिर जिला शिक्षा पदाधिकारी पर भ्रष्टाचार व भेदभाव को बढ़ावा देने सहित वरीय लिपिकों व एक परिचारी पर दबंगई और जातिगत आरोप लगाते हुए विभाग के आला अधिकारी व मंत्री तक आवेदन देकर एक लिपिक के मोर्चा खोलने से पुनः सुर्खियों में आ रहा है।

गौरतलब हो मोतिहारी जिला शिक्षा पदाधिकारी का कार्यालय कभी लिपिक ब्रदर्स तो कभी लिपिक-पदाधिकारी की लड़ाई तो कभी एक पदाधिकारी साहेब आलम पर गैर-इरादतन हत्या तो एक लिपिक राजीव रंजन पर हत्या तक का मुकदम तो वही शिक्षकों द्वारा एक तत्कालीन जिला शिक्षा पदाधिकारी संजय कुमार का शव यात्रा तक निकाला जा चुका है जो काफी सुर्खियों में रह।

घूसखोरी के मामलों में दो लिपिक सुजीत कुमार और संजीव कुमार की रंगे हाथों गिरफ्तारी भी हो चुकी है। वही बेंच-डेस्क व असैनिक कार्यों में वित्तीय अनियमितता का मामला भी सुर्खियों में है। यह तक कि पूर्व के मामले में तत्कालीन जिला शिक्षा पदाधिकारी संजय कुमार निलंबित भी हुए थे।

वही तत्कालीन जिला शिक्षा पदाधिकारी संजीव कुमार व जिला कार्यक्रम पदाधिकारी समग्र शिक्षा हेमचंद्र और वर्तमान जिला कार्यक्रम पदाधिकारी लेखा एवं योजना अखिल वैभव व जिला कार्यक्रम पदाधिकारी माध्यमिक नित्यम गौरव पर विभिन्न मामलों में विभागीय करवाई लंबित है।

अब स्थापना संभाग के ही एक लिपिक सन्नी सुमन ने जिला शिक्षा पदाधिकारी सहित विभाग के आला अधिकारी व विभागीय मंत्री को सौंपे गए आवेदन में स्पष्ट शब्दों में कहा है कि जिला शिक्षा पदाधिकारी के प्रधान सहायक रविकांत सिंह बिना विभागीय परीक्षा पास ही प्रधान सहायक के पद पर बने है, वही शिवनाथ विद्यार्थी फर्जी डिग्री पर वर्षों से नौकरी कर रहे है।

एक परिचारी मनीष पाण्डेय परिचारी का काम छोड़कर लिपिक की कुर्सी संभाले हुए है। यहाँ तक लिपिक श्री सुमन ने परिचारी पर दबंगई का आरोप लगाते हुए कहा है कि धमकी दिया जा रहा है कि ठीक से रहो यह पटना नही है, काट कर फेंक दिया जाएगा…

वही श्री सुमन ने आला अधिकारियों को दिए गए आवेदन में वरीय लिपिकों पर दबंगई सहित अमर्यादित व अव्यवहारिक भाषा का प्रयोग करने का आरोप लगाते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा बार-बार स्पष्टीकरण कर प्रताड़ित करने की बात कही है।

लिपिक श्री सुमन द्वारा विभागीय मंत्री को दिए गए आवेदन में जिला शिक्षा पदाधिकारी राजन कुमार गिरी को निलंबित करने की मांग करते हुए कहा गया है कि यह एक भ्रष्ट, अव्यहारिक व मर्यादा के प्रतिकूल व्यक्ति है। इनके द्वारा उसी लिपिक को तरज़ीह दिया जाता है जो इनके फ्लैट पर पंलग तथा कुर्सी टेबुल व हर मामलों में आर्थिक लाभ आदि पहुंचाते है।

वही अभी हो रही अनुकम्पा की बहाली में मेद्यासूची की जांच कराने की मांग करते हुए कहा गया है कि इनके द्वारा पैसे लेकर मेद्यासूची में छेड़छाड़ किया गया है जिसके आलोक में जिलाधिकारी द्वारा डांट भी पिलाई गई है।

वही शिक्षकों की समय पर वेतन नही देने और कार्यालय में जातिगत भेदभाव व भ्रष्टाचार को बढावा देने आदि सहित अन्य कई प्रकार के आरोप लगाते हुए श्री सुमन द्वारा करवाई तथा जिला शिक्षा पदाधिकारी श्री गिरी की निलंबन की मांग विभागीय मंत्री से किया गया है।

बताया जा रहा है कि जिला शिक्षा पदाधिकारी श्री गिरी अपने कार्यालयकर्मियों के बीच समानता रखने और कार्यों की पारदर्शिता रखने में अक्षम साबित हो रहे है, जिसके कारण ही एक कर्मी द्वारा अपने ही अधिकारी व वरीय लिपिकों के विरुद्ध शिकायत कर करवाई व एक अधिकारी के निलंबन तक कि मांग किया जा रहा है…..
बहराल, क्या वह दिन फिर देखना पड़ेगा की एक लिपिक के कारण एक जिला शिक्षा पदाधिकारी पर प्रपत्र ‘क’ तक गठित हुआ था….

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