अनूप नारायण सिंह।
पटना।बिहार की राजनीति ने हमेशा अप्रत्याशित मोड़ों से सबको चौंकाया है। अब एक नई हलचल ने राजनीतिक गलियारों में सरगर्मी पैदा कर दी है—जदयू के प्रदेश सचिव और प्रख्यात ज्योतिषाचार्य डॉ. राहुल परमार की वह भविष्यवाणी, जिसमें उन्होंने यह दावा किया है कि नीतीश कुमार 2025 में बिहार की सत्ता में भारी बहुमत के साथ वापसी करेंगे। क्या यह केवल एक ज्योतिषीय अनुमान है, या आने वाली राजनीति की एक आंतरिक झलक?डॉ. राहुल परमार कोई सामान्य राजनेता नहीं हैं। वे एक बहुआयामी व्यक्तित्व हैं—राजनीतिक रणनीतिकार, लेखक, और शैक्षणिक दुनिया से जुड़े गंभीर अध्येता। नीतीश कुमार पर आधारित उनकी आधा दर्जन से अधिक पुस्तकों ने उन्हें न केवल एक विचारक बल्कि नीतीश की राजनीति के जीवंत दस्तावेजकार के रूप में स्थापित किया है। उनके नेतृत्व में सोनपुर विधानसभा क्षेत्र में जदयू के संगठन को सशक्त बनाने की दिशा में ठोस प्रयास देखे जा रहे हैं।परंतु इस बार चर्चा का केंद्र उनकी ज्योतिषीय गणना है। यह पहली बार नहीं है जब डॉ. परमार ने कोई बड़ी भविष्यवाणी की हो। 2020 में नीतीश सरकार की वापसी, कई राष्ट्रीय नेताओं की राजनीतिक दिशा परिवर्तन, और कोरोना काल के दौरान शासन व्यवस्था में संभावित उलटफेर—इन सभी में उनकी गणनाएँ सटीक साबित हुई थीं।
अब जब उन्होंने शनि-बृहस्पति की अनुकूलता, राहु-केतु के गोचर और जनता के मनोबल को जोड़ते हुए नीतीश कुमार की वापसी की भविष्यवाणी की है, तो सवाल यह उठता है कि क्या वास्तव में राजनीति में ‘ग्रहों का खेल’ इतना प्रभावी हो सकता है? या यह महज मनोवैज्ञानिक प्रेरणा देने की रणनीति है?यह भविष्यवाणी उस समय आई है जब बिहार में राजनीतिक समीकरण बदलने के संकेत हैं। भाजपा, राजद, कांग्रेस और अन्य दलों के बीच खिंचतान और गठबंधन की संभावनाएँ अपनी जगह हैं, लेकिन इस बीच डॉ. परमार की बात जदयू कार्यकर्ताओं में उम्मीद की लौ जला रही है।
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