अशोक वर्मा
मोतिहारी : मोतिहारी प्रखंड के बरदाहा पंचायत अंतर्गत महादलित बहुल सरैया गांव में बुधवार को आपदा जोखिम चुनौती और बचाव विषय पर एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में आपदा प्रबंधन, बच्चों की सुरक्षा, बाल विवाह व बाल श्रम उन्मूलन जैसे गंभीर सामाजिक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए इंटर एजेंसी ग्रुप पूर्वी चंपारण के संयोजक अमर ने कहा कि बदलते मौसम और बढ़ते खतरों के बीच हमें हर प्रकार की आपदाओं — चाहे वह प्राकृतिक हो या मानवीय — से सतर्क और तैयार रहने की आवश्यकता है। उन्होंने आगलगी, आकाशीय बिजली, चक्रवाती तूफान, भूकंप और हीट वेव जैसी घटनाओं को लेकर सरकार द्वारा जारी एडवाइजरी और अलर्ट को गंभीरता से लेने की अपील की।उन्होंने विशेष रूप से ग्रामीण बच्चों की सुरक्षा पर बल देते हुए कहा कि गर्मियों में बच्चे अक्सर पशु चराने या तालाब में नहाने जाते हैं, जहां डूबने जैसी घटनाएं आम हैं। अतः अभिभावकों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। फसल कटनी व दौनी के दौरान थ्रेसर के पास आगजनी से बचाव के लिए पर्याप्त पानी और बालू की व्यवस्था रखने की सलाह भी उन्होंने दी।कार्यक्रम में बाल रक्षा भारत (सेव द चिल्ड्रेन) से हामिद रजा ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि बच्चों के विकास और सुरक्षा के लिए सबसे जरूरी है उन्हें बाल विवाह और बाल श्रम से मुक्त रखना। उन्होंने कहा, “अगर हमें अपने गांव को विकास की राह पर ले जाना है तो बच्चों की शिक्षा को प्राथमिकता देनी होगी।”हामिद रजा ने सभी अभिभावकों से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों को नियमित रूप से स्कूल भेजें और बाल विवाह जैसी कुप्रथा पर अंकुश लगाएं। उन्होंने बाल विवाह की सूचना देने हेतु टोल फ्री नंबर 1098 का उपयोग करने की अपील की और बताया कि सूचनादाता की पहचान गोपनीय रखी जाती है।इसके साथ ही उन्होंने बाढ़ पूर्व तैयारी के लिए बाल रक्षा भारत द्वारा वितरित किट के उचित उपयोग पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम से पहले हर परिवार को कम से कम एक सप्ताह का सूखा राशन और पीने के पानी की व्यवस्था सुनिश्चित कर लेनी चाहिए।कार्यक्रम में वार्ड सदस्य वीरेंद्र राम, रंजू कुमारी, बबीता देवी, पिंकी कुमारी, नरेश प्रसाद, मीना देवी समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण पुरुष व महिलाएं उपस्थित थे। सभी ने कार्यक्रम के दौरान प्रस्तुत सुझावों व जानकारी को गंभीरता से सुना और अपने गांव को सुरक्षित व बच्चों को संरक्षित रखने का संकल्प लिया।
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