सभी धार्मिक स्थलो पर चलाया जा रहा है बालविवाह जागरूकता, धर्मगुरुओं ने संभाली रोकथाम की कमान।

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अशोक  वर्मा 
भारत  नेपाल सीमा रक्सौल : बाल विवाह  जागरूकता अभियान को मिल रहा है अपार जन समर्थन, स्कूली छात्राओं/ नाई , हलवाई, टेंट हाउस,ने भी बाल विवाह रोक थाम हेतु कर रहे है समर्थन।
सशस्त्र सीमा बल एस एस बी 47th एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग टीम ने भी किया समर्थन।
 कस्तुरबा बालिका उच्य विद्यालय रक्सौल के प्रांगण में छात्राओं के बीच अक्षय तृतीय पर होने वाले बाल विवाह रोक थाम हेतु जागरूगता कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसकी अध्यक्षता एस एस बी 47th एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग इंस्पेक्टर विकास कुमार के द्वारा किया गया उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बाल विवाह से होने वाले दुष्परिणामों के बारे में विस्तृत जानकारी दी ।
पूर्वी चम्पारण जिले में बाल अधिकारों की सुरक्षा और बाल विवाह की रोकथाम के लिए कार्यरत प्रयास जुवेनाइल एड सेन्टर पूर्वी चम्पारण ने बाल विवाहों की रोकथाम के लिए लगातार धर्मगुरुओं एवं स्कूली छात्राओं के बीच  जागरूकता अभियान चला रहे है।प्रयास जुवेनाइल एड सेन्टर पूर्वी चम्पारण की जिला परियोजना समन्वयक आरती कुमारी  ने अभियान पर कहा कि, धर्मगुरुओं व स्कूली छात्राओं से मिल रहा सहयोग व समर्थन अभिभूत करने वाला है,इस अक्षय तृतीया पर जिले में नहीं होगा एक भी बाल विवाह।
बाल अधिकारों की सुरक्षा व संरक्षण के लिए देश में नागरिक समाज संगठनों के सबसे बड़े नेटवर्क जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन (जेआरसी) पूर्वी चम्पारण में सहयोगी प्रयास जुवेनाइल एड सेन्टर पूर्वी चम्पारण  की ओर से अक्षय तृतीया और शादी-ब्याह के मौसम को देखते हुए बाल विवाहों की रोकथाम के लिए विभिन्न धर्मों के विवाह संपन्न कराने वाले पुरोहितों के बीच चलाए जा रहे जागरूकता अभियान को व्यापक सफलता मिली है और सभी धर्मगुरुओं ने इसकी सराहना करते हुए समर्थन का हाथ बढ़ाया है।
प्रयास जुवेनाइल एड सेन्टर पूर्वी चम्पारण जिला परियोजना समन्वयक आरती कुमारी ने कहा कि अभी भी देश में बाल विवाह के खिलाफ  जागरूकता की कमी है। ज्यादातर लोगों को यह पता नहीं है कि यह बाल विवाह निषेध अधिनियम बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 के तहत दंडनीय अपराध है। इसमें किसी भी रूप में शामिल होने या सेवाएं देने पर दो साल की सजा व जुर्माना या दोनों हो सकता है। इसमें बाराती और लड़की के पक्ष के लोगों के अलावा *कैटरर, साज-सज्जा करने वाले डेकोरेटर, हलवाई, माली, बैंड बाजा वाले, मैरेज हाल के मालिक और यहां तक कि विवाह संपन्न कराने वाले पंडित और मौलवी को भी अपराध में संलिप्त माना जाएगा* और उन्हें सजा व जुर्माना हो सकता है। *प्रयास जैक सोसाइटी हेल्प लाइफ नंबर –9289692023
*चाइल्ड हेल्प लाइन नम्बर 1098 तथा 112 पर कॉल के माध्यम से बाल विवाह होने की सूचना दे सकते हैं*।मौके पर एस एस बी 47th एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग टीम से प्रदीप काजी, अरविंद द्विवेदी, प्रयास जुवेनाइल एड सेन्टर पूर्वी चम्पारण से सामाजिक कार्यकर्ता राज गुप्ता, विजय शर्मा, अभिषेक कुमार, उमेश कुमार श्रीवास्तव, प्रधानाध्यापक अजय कुमार, शिक्षक महंत बैठा, हेमंत कुमार, पवन किशोर कुशवाहा , म. सलीम एवं स्कूली छात्राएं उपस्थित थे.
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