डेंगू व चिकनगुनिया के क्लीनिकल मैनेजमेंट से चिकित्सक हुए रूबरू

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  • जीएनएम स्कूल में एक दिवसीय प्रशिक्षण का हुआ आयोजन 
  • आस-पास साफ पानी न जमा होने देने की कही बात 
सीतामढ़ी। डेंगू एवं चिकनगुनिया के इलाज हेतु जिला अंतर्गत सभी चिकित्सा पदाधिकारियों का एक दिवसीय प्रशिक्षण स्थानीय जीएनएम ट्रेनिंग स्कूल में आयोजित किया गया। जिसमें जिला भीबीडी नियंत्रण पदाधिकारी डॉ रवीन्द्र कुमार यादव तथा सदर अस्पताल के डॉ राजीव कुमार द्वारा डेंगू तथा चिकनगुनिया के क्लिनिकल मैनेजमेंट को विस्तार से बताया गया। डा यादव ने डेंगू के मरीज को प्रारंभिक अवस्था में ही चिन्हित कर समुचित इलाज के गुर बताये ताकि चिकित्सक ससमय सही उपचार प्रारंभ कर सके और जटिलताओं को रोका जा सके। सदर अस्पताल में 10 बेड तथा सभी प्रखंडों में 2 बेड का डेंगू वार्ड बनाया गया है। उन्होंने निदान के साथ ही रोगियों को प्रतिवेदित करने और व्यापक निरोधात्मक कार्रवाई प्रारंभ करने पर भी बल दिया ताकि डेंगू के प्रसार को रोका जा सके। डॉ यादव ने बताया कि बरसात के मौसम में डेंगू फैलाने वाले एडिस मच्छर घरों के आसपास बिखरे टूटे फूटे बर्तनों, गमलों, टायर, छोटे छोटे प्लास्टिक या कागज के डिस्पोजेबल कप, नारियल के खोपरे आदि में जमा बारिश के पानी में अंडे देते हैं जो एक सप्ताह में मच्छर बन जाते हैं। इसे रोकने के लिए घरों के आस पास, छतों पर या घर के अन्दर पानी जमा न होने दें और सप्ताह में दो बार पानी को बदलते रहें। एडिस मच्छर साफ पानी मे पनपता है और दिन मे ही काटता है। कार्यशाला का शुभारंभ नव अधिसूचित क्षेत्रीय अपर निदेशक डॉ।के के झा एवं जिला भीबीडी नियंत्रण पदाधिकारी डॉ रवीन्द्र कुमार यादव व सदर अस्पताल की उपाधीक्षक डा सुधा झा ने दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यशाला में सभी प्रखंडो के 48 चिकित्सकों ने भाग लिया।
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