23 जुलाई से 22 सितम्बर तक जिले में चलेगा दस्त रोकथाम अभियान

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  • बच्चों की मौत की तीसरा बड़ी वजह डायरिया, बचाव के लिए जागरूकता जरूरी 
  • सिविल सर्जन का जिले के सभी अस्पतालों के चिकित्सा पदाधिकारियों को पत्र 
मोतिहारी। जिले में दस्त की रोकथाम को लेकर 23 जुलाई से 22 सितम्बर तक लोगों की जागरूकता के लिए अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए संबंधित प्रचार-प्रसार सामग्री एवं अभियान के सफल आयोजन हेतु  दिशा-निर्देश राज्य स्वास्थ्य समिति पटना द्वारा जारी किया गया है। जिले के सिविल सर्जन डॉ विनोद कुमार सिंह ने बताया की सदर अस्पताल उपाधीक्षक, अनुमण्डलीय अस्पताल, सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को पत्र लिखा गया है। उन्होंने सभी स्वास्थ्य संस्थानों पर ओआरएस एवं ज़िंक की पर्याप्त मात्रा में उपलब्धता रखने का निर्देश दिया है। अभियान के अनुश्रवण एवं पर्यवेक्षण हेतु सीएचओ/स्टाफ नर्स एवं सहयोगी संस्थानों का सहयोग लिया जाय।
डीसीएम नंदन झा ने बताया कि गर्मी एवं बरसात के मौसम में बच्चों में दस्त के केस ज्यादा मिलते हैं। इनसे बचाव के लिए आशा, जीविका व अन्य स्वास्थ्य कर्मियों के सहयोग से बच्चों व अभिभावकों को हाथ धोने व साफ सफाई की जानकारी दी जाएगी। दस्त होने पर बच्चों की सुरक्षा हेतु स्वास्थ्य कर्मियों के साथ ही सभी स्वास्थ्य केंद्रों को मुस्तैद किया जा रहा है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में विशेष ध्यान रखा जा रहा है। डीसीएम ने बताया कि 5 हजार 375 पोस्टर, हाथों को साबुन से कब धोएं का 9 हजार 275 पोस्टर एवं 28 पीस होर्डिंग प्राप्त हुए हैं।
बच्चों की मौत की तीसरा बड़ी वजह डायरिया:
विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, एक से 59 माह के बीच के बच्चों की मौत की तीसरी बड़ी वजह डायरिया है। सालाना पांच वर्ष से कम उम्र के चार लाख से अधिक बच्चों की मौत डायरिया की वजह से होती है। सुरक्षित पेयजल और पर्याप्त साफ-सफाई से डायरिया को रोका जा सकता है। जिले की आशा द्वारा दस्त से ग्रसित बच्चों के उपचार के लिए जिंक टेबलेट, ओआरएस पैकेट नि:शुल्क दिया जाता है। सीएस ने बताया कि डायरिया एक गंभीर रोग है। पांच वर्ष के उम्र से नीचे शिशुओं की मौत की एक बड़ी वजह डायरिया है। मौके पर डीसीएम नंदन झा, अवधेश कुमार, पीएसआई डीसी अमित कुमार, पिरामल डीसी राजेश कुमार गिरी व अन्य लोग उपस्थित थे।
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