रामगढ़। कैमूर जिले के रामगढ़ प्रखंड में सरकारी कार्य के दौरान कथित तौर पर अधिकारियों के साथ दुर्व्यवहार, धमकी और सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न करने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। मामले में रामगढ़ प्रखंड के उप प्रमुख के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। यह कार्रवाई रामगढ़ अंचलाधिकारी बिकेश कुमार की ओर से दिए गए आवेदन के आधार पर की गई है।
मामले की जानकारी देते हुए रामगढ़ थाना अध्यक्ष सुमित कुमार ने बताया कि अंचलाधिकारी बिकेश कुमार द्वारा थाना में आवेदन दिया गया था। आवेदन के आधार पर रामगढ़ प्रखंड के उप प्रमुख के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मामला जमीन से जुड़े एक विवाद और न्यायालय के आदेश के अनुपालन से संबंधित बताया जा रहा है। अंचलाधिकारी की ओर से दिए गए आवेदन में आरोप लगाया गया है कि सरकारी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई के दौरान अधिकारियों एवं कर्मियों के साथ कथित रूप से दुर्व्यवहार किया गया तथा उन्हें धमकी दी गई। आवेदन में सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न करने और लोकसेवक को उसके विधिसम्मत कर्तव्यों के निर्वहन से रोकने का भी आरोप लगाया गया है।
आवेदन में जमीन से संबंधित कुछ खाता एवं प्लॉट का भी उल्लेख किया गया है। इसमें न्यायालय के आदेश और उससे संबंधित ऑनलाइन जमाबंदी में आवश्यक सुधार/लोप की प्रक्रिया का जिक्र करते हुए सरकारी स्तर पर की जा रही कार्रवाई की जानकारी दी गई है। अंचलाधिकारी ने आरोप लगाया है कि संबंधित मामले में सरकारी कार्य के निष्पादन के दौरान दबाव बनाने और अधिकारियों के कार्य में हस्तक्षेप करने की स्थिति उत्पन्न हुई।
मामले में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद अब पुलिस आरोपों की जांच में जुट गई है। पुलिस आवेदन में लगाए गए आरोपों के साथ-साथ मामले से जुड़े दस्तावेज, न्यायालय के आदेश और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर सकती है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बताया जा रहा है कि आवेदन में सरकारी अधिकारियों को धमकाने और सरकारी कार्य में बाधा डालने से संबंधित गंभीर आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, प्राथमिकी में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और मामले में पुलिस जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।
रामगढ़ में इस प्राथमिकी के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। अब सबकी नजर पुलिस की जांच और आगे होने वाली कानूनी कार्रवाई पर है।
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