लखनऊ में बंद मकान के अंदर चल रहा था नकली पान मसाला बनाने का खेल, 5 लाख के माल के साथ दो गिरफ्तार

Live News 24x7
7 Min Read

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक बार फिर से मिलावटखोरों और नकली सामान बनाने वाले जालसाजों का एक बहुत बड़ा भंडाफोड़ हुआ है, जिसने आम जनता के स्वास्थ्य के साथ होने वाले खिलवाड़ की एक और दर्दनाक और चौंकाने वाली तस्वीर सामने ला दी है। पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग की संयुक्त कार्रवाई में एक ऐसे सनसनीखेज रैकेट का पर्दाफाश हुआ है जो शहर के भीतर एक सुनसान और बंद मकान को आड़ बनाकर पूरी साजिश को अंजाम दे रहा था। इस सीक्रेट ठिकाने पर देश की नामचीन और प्रतिष्ठित तंबाकू तथा पान मसाला कंपनियों के नाम और उनके हूबहू दिखने वाले नकली रैपरों का इस्तेमाल करके घटिया सामग्री से डुप्लीकेट माल तैयार किया जा रहा था। इस छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से करीब 5 लाख रुपये मूल्य का भारी मात्रा में नकली पान मसाला, पैकेजिंग सामग्री, रैपर और माल तैयार करने वाली मशीनें व उपकरण बरामद किए हैं। इस अवैध कारोबार में शामिल दो मुख्य आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया है, जिनसे पूछताछ के आधार पर इस पूरे सिंडिकेट के अन्य सदस्यों की तलाश तेज कर दी गई है। राजधानी के इस तरह के मामलों ने एक बार फिर से इस बात पर गहरी चिंता बढ़ा दी है कि कैसे मुनाफा कमाने के चक्कर में लोगों की जान के साथ सरेआम खिलवाड़ किया जा रहा है।

बंद मकान का इस्तेमाल कर चल रहा था अवैध कारोबार का खेल

राजधानी लखनऊ के इस मामले में जालसाजों ने लोगों की आंखों में धूल झोंकने के लिए बेहद शातिर तरीका अपनाया था, जिसके तहत उन्होंने एक ऐसे आवासीय इलाके को चुना जहां बाहरी लोगों का आना-जाना कम रहता था और मकान अमूमन बंद ही दिखाई देता था। आसपास के लोगों को भनक तक नहीं लगी कि जिस घर को वे सूना या खाली समझ रहे हैं, उसके भीतर रातों-रात करोड़ों का नकली सामान तैयार करने की एक अवैध फैक्ट्री चल रही थी। तस्कर और मिलावटखोर अक्सर ऐसे ही सुनसान या किराए के मकानों को अपना निशाना बनाते हैं ताकि पुलिस या स्थानीय प्रशासन की नजरों से बचा जा सके और अपने नापाक मंसूबों को बेखौफ होकर अंजाम दिया जा सके। पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी पिछले काफी समय से इस धंधे में संलिप्त थे और बहुत ही शातिर तरीके से लखनऊ के अलावा आसपास के जिलों के बाजारों में भी इस नकली माल की सप्लाई कर रहे थे। बंद मकान के अंदर चल रहे इस काले कारोबार के खुलासे से आसपास के स्थानीय निवासी भी सकते में हैं कि उनके पड़ोस में इतनी बड़ी अवैध गतिविधि बिना किसी शोर-शराबे के संचालित हो रही थी।

बड़ी कंपनियों के रैपर और घटिया सामग्री से बनता था घातक जहर

बाजार में बिकने वाले लोकप्रिय ब्रांड्स के असली और महंगे पान मसालों की मांग का फायदा उठाने के लिए यह गिरोह पूरी तरह से एक्टिव था, जो बेहद घटिया क्वालिटी की सामग्री, सुगंधित केमिकल और सस्ते कच्चे माल का इस्तेमाल करके बिल्कुल असली जैसा दिखने वाला उत्पाद तैयार करता था। जिन प्रतिष्ठित कंपनियों के नाम और उनके लोगो का इस्तेमाल इन जालसाजों द्वारा किया जा रहा था, उन कंपनियों के असली रैपरों और हूबहू दिखने वाली पन्नियों को भारी मात्रा में इस मकान से जब्त किया गया है। इस तरह का नकली पान मसाला और तंबाकू स्वास्थ्य के लिए अत्यंत घातक और जहरीला साबित हो सकता है क्योंकि इसके निर्माण में किसी भी प्रकार के स्वास्थ्य मानकों या साफ-सफाई का कोई ख्याल नहीं रखा जाता है। इसमें उपयोग किए जाने वाले रसायन और घटिया तत्व सीधे तौर पर इंसान के शरीर, मुंह और पेट के अंगों को भयंकर नुकसान पहुंचाते हैं, जिससे कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियां होने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। जब इस तरह के नकली उत्पाद बाजारों में कम दामों पर खपाए जाते हैं, तो आम ग्राहक असली और नकली के इस बारीक फर्क को समझ नहीं पाता और अनजाने में अपनी सेहत के साथ बहुत बड़ा जोखिम मोल ले लेता है।

5 लाख का माल बरामद और दो शातिर आरोपियों की हुई गिरफ्तारी

पुलिस और प्रशासनिक टीम की इस त्वरित और सटीक कार्रवाई के दौरान मौके से लगभग 5 लाख रुपये मूल्य का अवैध और मिलावटी सामान पूरी तरह से जब्त कर लिया गया है, जिसमें तैयार माल के साथ-साथ अधपकी सामग्री और पैकेजिंग मशीनें भी शामिल हैं। गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों से पुलिस कड़ाई से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस नेटवर्क के तार लखनऊ से बाहर किन-किन अन्य शहरों या राज्यों तक फैले हुए हैं। इस तरह के मामलों में केवल दो या तीन लोग शामिल नहीं होते, बल्कि इसके पीछे एक पूरा संगठित गिरोह काम करता है जो थोक विक्रेताओं और फुटकर दुकानदारों के जरिए इस माल को चुपचाप बाजारों तक पहुंचाता है। पुलिस अब उन तमाम लोकल दुकानदारों और सप्लायरों की भी कुंडली खंगाल रही है, जो इस अवैध कारखाने से माल खरीदते थे और आम जनता को बेचते थे। प्रशासन और पुलिस की इस सख्त कार्रवाई से मिलावटखोरों में हड़कंप मच गया है, लेकिन जरूरत इस बात की है कि ऐसे अपराधियों के खिलाफ इतनी कठोर कानूनी कार्रवाई हो ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति लोगों की जिंदगी के साथ इस तरह का खिलवाड़ करने की हिम्मत न जुटा सके।

29
Share This Article
Leave a review

Leave a review

Your email address will not be published. Required fields are marked *